अमेरिका किस वजह से अफ़ग़ानिस्तान से तुरंत भागना चाहता है?
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अगर क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए अधिक सुरक्षित हो गया है तो अमेरिकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान से क्यों भाग रहे हैं?
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct १७, २०२० १४:५९ Asia/Kolkata

अगर क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए अधिक सुरक्षित हो गया है तो अमेरिकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान से क्यों भाग रहे हैं?

ईरान के संरक्षक बल सिपाहे पासदान की क़ुद्स ब्रिगेड के उपकमांडर ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान की प्रतिक्रिया में जिसमें उन्होंने कहा था कि जनरल सुलैमानी की हत्या के बाद क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए अधिक सुरक्षित हो गया है, कहा है कि अगर क्षेत्र तुम्हारे लिए सुरक्षित हो गया है तो इलाक़े से भाग क्यों रहे हो?

सैयद मोहम्मद हेजाज़ी ने तेहरान में आयोजित ग़ैर ईरानी मुजाहेदीन के संबंध में एक अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेन्स में कहा कि पूरी दुनिया में अमेरिकी सैनिक भय व चिंता की स्थिति में जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान से तुरंत भागना चाहता है और इलाक़े से भागने का उसका यह तरीक़ा उस भय का प्रतीक है जिसका अमेरिकी सैनिकों को सामना है। जनरल सैयद मोहम्मद हेजाज़ी ने कहा कि इस समय अमेरिका एसा अलग- थलग पड़ गया है जिसका कोई उदाहरण नहीं मिलता जबकि प्रतिरोध यथावत जारी है और अनुभवों से यह बात सिद्ध हो चुकी है कि कि प्रतिरोध के मोर्चे को हमेशा सफलता मिली है और उसकी प्रगति का सिलसिला भी यथावत जारी है जबकि दुश्मन को हमेशा अपमान का सामना करना पड़ा है। कुद्स ब्रिगेड के डिप्टी कमांडर ने इसी तरह जायोनी शासन के साथ कुछ अरब देशों की ओर से संबंध सामान्य बनाये जाने के प्रयास की ओर संकेत किया और कहा कि क्षेत्र के मुसलमान इस प्रकार के कदम के मुखर विरोधी हैं। तेहरान में जो अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेन्स हुई उसमें नाइजेरिया, यमन, फिलिस्तीन, लेबनान और बहरैन के उन प्रतिनिधियों की सराहना की गयी जिन्होंने विश्व साम्राज्यवाद के खिलाफ प्रतिरोध की पताका लहराई। कांफ्रेन्स के सिक्रेटरी हुसैन अकबरी ने अपने संबोधन में कहा कि तेहरान में यह बैठक ईरान में रहने वाले विदेशियों के आह्वान पर की गयी और कोरोना के विशेष हालात और सीमितताओं की वजह से इस कांफ्रेन्स में भाग लेने के लिए ईरान से बाहर विदेशियों को निमंत्रण नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि तेहरान कांफ्रेन्स विभिन्न इस्लामी देशों के राजदूतों, मुजाहिद नेता और फिलिस्तीन के प्रतिरोधक गुटों के नेताओं की सम्मिलिति से आयोजित हुई। इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेन्स के सिक्रेटरी ने जेहादी कार्य अंजाम देने वाले उन शूरवीरों की सराहना की जिन्होंने अपनी मातृभूमि व स्वदेश से दूर रहने के बावजूद प्रतिरोध की पताका लहरा रखी है और विभिन्न देशों में दुश्मनों के मुकाबले में फ्रंट लाइन पर बहादुरी की ध्वजा लहरा रहे हैं।

ज्ञात रहे कि हर साल सफर महीने के अंतिम दिन ईरान में इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेन्स होती है। MM