चुनावी धांधली के ट्रम्प के आरोपों में कितनी सच्चाई?
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अंतर्राष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षकों के मिशन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के इन दावों को बेबुनियाद बताया है कि अमेरिकी चुनावों में धांधली हुई है। उनका कहना है कि ऐसे दावों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov ०७, २०२० १०:२१ Asia/Kolkata
  • चुनावी धांधली के ट्रम्प के आरोपों में कितनी सच्चाई?

अंतर्राष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षकों के मिशन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के इन दावों को बेबुनियाद बताया है कि अमेरिकी चुनावों में धांधली हुई है। उनका कहना है कि ऐसे दावों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं हैं।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका में जारी वोटों की गिनती में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनल्ड ट्रम्प डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन से लगभग हार चुके हैं। ऐसे में, ट्रम्प की तरफ़ से चुनावी धांधली के आरोप लगाए जा रहे हैं। लेकिन अंतर्राष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षकों का कहना है कि इन दावों को साबित करने के लिए ट्रम्प के पास कोई प्रमाण नहीं है। यूरोपीय सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) का कहना है कि ट्रम्प के बयान आधारहीन हैं और लोकतंत्र में भरोसे को कमज़ोर करते हैं। ओएससीई पर्यवेक्षक मिशन के विशेष समन्वयक मिशेल जॉर्ज लिंक ने एक बयान में कहा, "व्यवस्थागत खामियों को लेकर मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति समेत रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं के बयान लोकतांत्रिक संस्थानों में लोगों के भरोसे को गंभीर नुक़सान पहुंचा रहे हैं।

याद रखें कि ट्रम्प ने बिना सबूत बार बार कहा है कि अमेरिका की चुनावी व्यवस्था ऐसी है जिसमें आसानी से धांधली हो सकती। मिशेल जॉर्ज लिंक कहते हैं, "किसी भी व्यक्ति को, ना किसी राजनेता को और ना ही किसी निर्वाचित अधिकारी को लोगों के वोट देने के अधिकार को सीमित करना चाहिए। ओएससीई ने 39 देशों से 102 प्रतिनिधियों को अमेरिकी चुनाव की निगरानी के लिए भेजा था। यह सभी प्रतिनिधि वोटों की गिनती पूरी होने तक अमेरिका में ही रहेंगे। बुधवार को ओएससीई की शुरुआती रिपोर्ट में पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी थी कि जिस तरह के बयान चुनाव प्रचार में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दिए हैं उससे चुनाव के नतीज आने के बाद राजनीतिक हिंसा भड़क सकती है। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रम्प के बयानों से इशारा मिलता है कि वह सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण नहीं करना चाहते। अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति की तरफ़ से ऐसे बयान इस देश की सरकारी संस्थानों में लोगों के विश्वास को कमज़ोर करते हैं।

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ओएससीई की सदस्य उर्सुला गासेक ने बताया कि ओएससीई पर्यवेक्षक मिशेल ने बताया है कि धांधली के कोई प्रमाण नहीं मिले, जिसका दावा ट्रम्प कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, "मुझे पेंसिल्वेनिया में ऐसी एक भी घटना नहीं दिखी है। ऐसा कुछ नहीं दिखा, जिसे व्यवस्थागत गड़बड़ी कहा जाए।" मिशेल ने मिशिगन और पेंसिल्वेनिया जैसे अहम राज्यों में वोटों की गिनती रोकने के लिए दायर किए गए मुक़दमों की तरफ इशारा करते हुए कहा, "इतने ज़ोरदार चुनाव प्रचार के बाद, सरकार के सभी विभागों का यह बुनियादी दायित्व है कि हर एक वोट को गिना जाए।" (RZ)