चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर रवाना हुआ स्पेस एक्स का रॉकेट
एयरोस्पेस क्षेत्र में काम करने वाली निजी कंपनी स्पेसएक्स का रॉकेट रविवार को चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुआ है। यह स्पेसएक्स की दूसरी मानव सहित उड़ान है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिकी ऐरोनॉटिक्स कंपनी स्पेस एक्स के रॉकेट से चार अंतरिक्ष यात्री अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हो गए हैं। नासा के लिए स्पेस एक्स ने रूस पर निर्भरता ख़त्म कर दी है। स्पेस एक्स एक निजी कंपनी और इसके संस्थापक इलॉन मस्क हैं। अमेरिका के फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स रॉकेट ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। इस रॉकेट में तीन अमेरिकी और एक जापानी यात्री शामिल है। यह दूसरा मौक़ा है जब अंतरिक्ष के लिए स्पेस एक्स के रॉकेट का इस्तेमाल हुआ है। इस साल की चुनौतियों ख़ासकर कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए स्पेस एक्स के इस क्रू ड्रैगन कैपसूल को रेजिलिएंस नाम दिया गया है। रॉकेट क़रीब 27 घंटे की उड़ान भरने के बाद आईएसएस पहुंचेगा और यात्री अगले 6 महीने तक वहीं रहेंगे। यह उड़ान पूरी तरह से ऑटोमेटिक है लेकिन क्रू जब चाहें उसपर नियंत्रण कर सकते हैं। रेजिलिएंस क्रू के सदस्य कमांडर माइकल हॉप्किंस के साथ नासा के दो और अंतरिक्ष यात्री विक्टर ग्लोवर और शैनॉन वॉकर हैं और उनके साथ जापान के सोइची नुगुची हैं, जो कि तीसरी बार आईएसएस पर जा रहे हैं। इससे पहले वह अमेरिकी रॉकेट और रूसी यान के ज़रिए आईएसएस पर जा चुके हैं।
इस बीच अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्विटर पर इस लॉन्च की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह विज्ञान की ताक़त का प्रमाण है और साबित करता है कि नवाचार, सरलता और दृढ़ संकल्प का उपयोग करके हम क्या हासिल कर सकते हैं। वहीं वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने इसे "महान" बताया है। बता दें कि, रॉकेट के दूसरे चरण में कैप्सूल सफलतापूर्वक अलग हो गया। स्पेसएक्स के टीम के सदस्यों के मुताबिक़, कैप्सूल ने 'नॉमिनल ऑर्बिट इंसर्शन हासिल कर लिया है। इसका मतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की ओर बढ़ रहा कैप्सूल वर्तमान में सही रास्ते पर है। भारत के समयानुसार चालक दल सोमवार रात क़रीब 11 बजे अपने गंतव्य पर पहुंचेंगे, जहां पर दो रूसी और एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री उनसे मिलेंगे और वह 6 महीने के तक वहीं रहेंगे। (RZ)