क्या एंटोनियो गुटेरेस अब अमेरिका की भाषा बोलने लगे हैं?
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने भी व्हाइट हाउस की एकपक्षीय नीतियों का समर्थन करते हुए और अमेरिका द्वारा ग़ैर-क़ानूनी से परमाणु समझौते से निकल जाने का उल्लेख न करते हुए ईरान से मांग की है कि वह परमाणु समझौते से संबंधित अपनी सभी प्रतिबद्धाओं पर वापस लौट आए।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद की एक रिपोर्ट में, अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के प्रशासन की ओर से एकपक्षीय तौर पर परमाणु समझौते से निकलने और ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगाने पर खेद व्यक्त किया। साथ ही गुटेरेस ने परमाणु समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन पर लौटने के लिए ईरान का आह्वान किया। एंटोनियो गुटेरेस ने अपनी रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ किए जाने वाले झूठे दावों दोहराते हुए ईरान से मांग की है कि वह परमाणु कार्यक्रमों और मिसाइलों के बारे में पैदा होने वाली शंकाओं को दूर करे। संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ अमेरिका के आर्थिक युद्ध (आर्थिक आतंकवाद) की आलोचना करते हुए, "ईरान के साथ व्यापार और आर्थिक संबंधों का समर्थन करने की पहल" के महत्व पर बल दिया है।
उल्लेखनीय है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने हमेशा कहा है कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका परमाणु समझौते वापस लौटता है और इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते के अन्य पक्षकार भी अपने दायित्वों को पूरा करते हैं, तो तेहरान द्वारा परमाणु समझौते की प्रतिबद्धातों को कम करने के लिए उठाए गए क़दम बहुत तेज़ गति से वापस हो जाएंगे। याद रहे कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने वर्ष 2018 में एकपक्षीय और ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से अमेरिका को परमाणु समझौते से निकाल लिया था और साथ ही ईरान के ख़िलाफ़ अत्याचारपूर्ण प्रतिबंध लगा दिए थे। ईरान ने भी अमेरिका द्वारा की गई कार्यवाही और यूरोपीय देशों द्वारा की गई वादा ख़िलाफ़ी के ख़िलाफ़ क़दम उठाते हुए परमाणु समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं में कमी ले आई है। (RZ)
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