चीन में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के प्रसारण पर लगा बैन
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चीन की राष्ट्रीय रेडियो एवं टीवी संस्था ने गुरुवार शाम को चीन के भीतर बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के प्रसारण पर पूर्ण रूप से रोक लगाने की घोषणा की है।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Feb १२, २०२१ ०५:४२ Asia/Kolkata
  • चीन में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के प्रसारण पर लगा बैन

चीन की राष्ट्रीय रेडियो एवं टीवी संस्था ने गुरुवार शाम को चीन के भीतर बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के प्रसारण पर पूर्ण रूप से रोक लगाने की घोषणा की है।

समाचार एजेंसी फ़ार्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, चीन की राष्ट्रीय रेडियो एवं टीवी संस्था ने गुरुवार शाम को ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन (बीबीसी) पर, जो ब्रिटेन का सरकारी संचार माध्यम है, चीन के भीतर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। चीन की राष्ट्रीय रेडियो एवं टीवी संस्था ने कहा है कि बीबीसी की कुछ रिपोर्टें विशेषकर चीन के बारे में अनुचित, असत्य और पत्रकारिता के सिद्धांतों के बिल्कुल ख़िलाफ़ थीं।

याद रहे कि चीनी विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह इस सरकारी मीडिया संस्था पर कोरोनो वायरस महामारी की आड़ में की जाने वाली राजनीति की आलोचना की थी और कोविड-19 के संबंध में प्रसारित किए जाने वाले समाचारों को असत्य और आधारहीन बताया था। चीनी विदेश मंत्रालय ने यह भी दावा किया था कि, बीबीसी ने कोरोना वायरस महामारी को राजनीतिक मुद्दों से जोड़ा था और चीन के बारे में कुछ मुद्दों को लेकर ग़लत धारणा बनाई थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चीन की सरकार ने बीबीसी के ख़िलाफ़ ऐसी स्थिति में क़दम उठाया है कि जब ब्रिटेन की मीडिया नियामक ऑफकॉम ने चीन के सरकारी नियंत्रण वाले चैनल सीजीटीएन का प्रसारण लाइसेंस कुछ ही समय पहले निलंबित कर दिया था। ऑफकॉम ने अपने बयान में दावा किया था कि चीनी चैनल सीजीटीएन, चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के कंट्रोल में है और वह स्टार चीन मीडिया के अंतर्गत काम कर रहा है।

ब्रिटिश क़ानून के मुताबिक़, किसी भी चैनल के लाइसेंस धारकों को राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। वहीं बीबीसी द्वारा ऐसी स्थिति में चीनी सरकार के ख़िलाफ़ दावे किए जा रहे हैं कि जब विश्व स्वास्थ्य संगठन की अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों पर आधारित एक टीम चीन में कोरोना वायरस के फैलाव की जांच कर रही है। ग़ौरतलब है कि ब्रिटेन की सरकार लगातार कोरोना महामारी को लेकर चीन को घेरती आई है। वहीं दूसरी ओर ब्रिटिश वायरस के नाम से मशहूर एक नया वायरस कुछ ही महीनों के भीतर 70 से अधिक देशों में फैल चुका है, जिसको लेकर स्वयं ब्रिटेन की आलोचना हो रही है। (RZ)

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