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आजकल-
Oct १५, २०२५ १४:१९सांस्कृतिक धरोहर वह चीज़ है जो हमें पहचान देती है और कुछ अवसरों पर सांस्कृतियों के बीच मतभेद को प्रदर्शित करने का हथियार भी समझा जाता है।
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मानवता के समस्त सद्गुणों की प्रतिमूर्ति हज़रत ज़ैनब स. की वफ़ात पर विशेष कार्यक्रम
Oct १५, २०२५ १४:१८दोस्तो हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा का जन्म पांच जमादील अव्वल सन 6 हिजरी कमरी को पवित्र नगर मदीना में हुआ था।
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इमाम ज़मान अलैहिस्सलाम के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर विशेष कार्यक्रम
Feb २४, २०२४ ११:१९15 शाबान 255 हिजरी कमरी उस महान हस्ती के जन्म दिवस का शुभ अवसर है जो पूरी दुनिया को न्याय और शांति से भर देगा।
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इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर विशेष कार्यक्रम
Feb १४, २०२४ १६:०४दोस्तो जैसाकि आप जानते हैं कि इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बेटे हैं और सन 38 हिजरी कमरी में पवित्र नगर मदीना में आपका जन्म हुआ था।
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पैग़म्बरे इस्लाम स. की पैग़म्बरी की घोषणा के शुभ अवसर पर विशेष कार्यक्रम
Feb ०७, २०२४ १७:२५दोस्तो पैग़म्बरे इस्लाम द्वारा पैग़म्बरी की घोषणा किये हुए शताब्दियों का समय बीत रहा है तब से लेकर आजतक न जाने कितनी घटनायें घट चुकी हैं और जितना अधिक समय बीतता जा रहा है उतना ही पैग़म्बरे इस्लाम द्वारा लाई गयी जीवनदायक शिक्षाओं का महत्व अधिक स्पष्ट होता जा होता रहा है और यह सच्चाई दिन प्रतिदिन अधिक स्पष्ट होती जा रही है कि पैग़म्बरे इस्लाम जिन शिक्षाओं को लेकर आये थे उनका आधार सदव्यवहार, शालीनता, न्याय, बराबरी और बंधुत्व है और इन शिक्षाओं का पालन करके इंसान लोक- परलोक दोनों में अपने जीवन को सफल
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13 रजब हज़रत अली अलैहिस्सलाम के जन्म दिवस का शुभ अवसर है
Jan २४, २०२४ १४:४६रजब का महीना था। ईमान से ओत- प्रोत हज़रत फातेमा बिन्ते असद भी दूसरे लोगों की भांति काबे की परिक्रमा कर रही थीं कि अचानक उन्होंने प्रसव पीड़ा का आभास किया।
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महान ईश्वर ने हज़रत फ़ातेमा ज़हरा स. के जन्म से पहले पैग़म्बरे इस्लाम को क्या आदेश दिया था?
Jan ०२, २०२४ १४:४९पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेही व सल्लम ईश्वरीय संदेश “वहि” की प्रतीक्षा में थे।
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अनमोल रत्न क़ासिम सुलेमानी-1
Dec ३१, २०२३ १०:४२दोस्तो ईरान के महान योद्धा जनरल क़ासिम सुलेमानी की शहादत की बरसी को मौक़े के पर विशेष कार्यक्रम की पहली कड़ी के साथ आपकी सेवा में हाज़िर हैं।
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हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम का महत्वपूर्ण संदेश शांति और दोस्ती है
Dec २४, २०२३ ११:३६दोस्तो यह वह दिन है जब ईसाई समाज में खुशी का वातावरण है।
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सात हज़ार साल प्राचीन धरोहर औैर साल की सबसे बड़ी रात शबे यल्दा को ईरानी लोग क्यों महत्व देते हैं?
Dec २४, २०२३ १०:२७आमतौर पर लोग पुरानी और एतिहासिक चीज़ों को ज़मीन से बाहर निकालने को पसंद करते हैं।