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आशूर का दिन
Oct १०, २०१६ १३:१५पैग़म्बरे इस्लाम (स) ने फ़रमाया है, क़सम है उस ज़ात की जिसने मुझे दूत बनाकर भेजा है, हुसैन इब्ने अली का महत्व ज़मीन से अधिक आसमान में है, ईश्वरीय अर्शे के दाहिनी ओर लिखा हुआ है, हुसैन मार्गदर्शन का दीप और मुक्ति प्रदान करने वाली नाव हैं।
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नौ मुहर्रम का विशेष कार्यक्रम
Oct १०, २०१६ ११:४२इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने अपने चचा हज़रत अब्बास के बारे में बहुत कुछ कहा है।
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इमाम हुसैन की पाठशाला-8
Oct १०, २०१६ ११:१९ईश्वर की प्रसन्नता हासिल करना उन उच्च स्थानों में है जो ईश्वर की संपूर्ण पहचान से हासिल होती है।
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इमाम हुसैन की पाठशाला-7
Oct १०, २०१६ ११:०२इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने जो महाआंदोलन किया था उसका उद्देश्य सत्य स्थापित और धर्म को जीवित करना था।
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इमाम हुसैन की पाठशाला-6
Oct १०, २०१६ ०९:४३यद्यपि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम अपने और अपने परिजनों के अंजाम से अवगत थे परंतु वह ईश्वर के धर्म की रक्षा को अपनी जान से ज़्यादा महत्वपूर्ण समझते थे।
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इमाम हुसैन की पाठशाला में -5
Oct १०, २०१६ ०८:३८इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम पैग़म्बरे इस्लाम के समस्त शिष्टाचारों के वारिस हैं।
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इमाम हुसैैन की पाठशाला में-4
Oct ०९, २०१६ १३:४८पैग़म्बर के परिजनों के चरित्र का हर आयाम, मूल्यवान मोतियों से भरे उपदेश के समुद्र की तरह है।
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इमाम हुसैन की पाठशाला-3
Oct ०९, २०१६ १३:२८मनुष्य की एक सुंदर विशेषता, दूसरों के साथ भलाई है।
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इमाम हुसैन की पाठशाला में-2
Oct ०९, २०१६ १३:००इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने जो आंदोलन किया उसके बारे में कुछ लोग यह विचार रखते हैं कि कूफ़ा नगर के लोगों ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को जो पत्र लिखे और शासन अपने हाथ में लेने का जो निमंत्रण दिया उसके कारण इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम कूफ़ा की ओर रवाना हुए।
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इमाम हुसैन की पाठशाला में-1
Oct ०९, २०१६ १२:४९यह सवाल हमेशा उठता रहा है कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के आंदोलन और बलिदान का लक्ष्य क्या था?