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ईश्वरीय वाणी-२५
Mar ०७, २०१६ १३:३३इससे पहले वाली कड़ी में हम ने उल्लेख किया था कि हज़रत यूसुफ़ (अ) को निर्दोष होने के बावजूद जेल में डाल दिया गया।
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ईश्वरीय वाणी-२४
Mar ०७, २०१६ १३:२५हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम के भाई उन्हें कुएं में डालने के बाद रोते हुए अपने पिता के पास आए।
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ईश्वरीय वाणी-२३
Mar ०७, २०१६ १३:१७और निसंदेह हमारे फ़रिश्ते शुभ सूचना लेकर इब्राहीम के पास आए और उन्होंने कहा कि तुम पर सलाम हो
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ईश्वरीय वाणी-२२
Mar ०७, २०१६ १३:११वह वही है कि जिसने आसमानों और ज़मीन को छः दिन में बनाया और उसका अर्श (प्रभुत्व) पानी पर था, ताकि तुम्हें परखे कि तुम में से कौन सबसे अधिक भलाई करने वाला है।
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ईश्वरीय वाणी-२१
Mar ०७, २०१६ १३:०९पवित्र क़ुरआन
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ईश्वरीय वाणी-२०
Mar ०७, २०१६ १३:०६वही ईश्वर है जो तुम्हें थल व समुद्र की सैर कराता है, यहां तक कि जब तुम नौका में थे
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ईश्वरीय वाणी-१९
Mar ०७, २०१६ १३:०३सूरए यूनुस, क़ुराने करीम का दसवां सूरा है जो पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पैग़म्बर बनने के शुरूआती दिनों में नाज़िल अर्थात अवतरित हुआ था। इस सूरे में 109 आयते हैं।
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ईश्वरीय वाणी-१८
Mar ०७, २०१६ १३:००ताएफ़ नगर के निकट एक क्षेत्र है जहां हुनैन नाम का युद्ध हुआ।
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ईश्वरीय वाणी-१७
Mar ०७, २०१६ १२:५८पवित्र क़ुरआन के व्याख्याकारों के अनुसार सूरए तौबा का आरंभ बिस्मिल्लाह से न होकर वचन तोड़ने वाले शत्रुओं से विरक्तता से होना, इस गुट के प्रति ईश्वर के प्रकोप और क्रोध को दर्शाता है।
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ईश्वरीय वाणी-१६
Mar ०७, २०१६ १२:५४अनफाल सूरा पवित्र कुरआन का आठवां सूरा है जो पवित्र नगर मदीना में दूसरे हिजरी वर्ष में उतरा और इसमें ७५ आयतें हैं।