रेडियो कार्यक्रम
  • ईश्वरीय वाणी-६६

    ईश्वरीय वाणी-६६

    Feb १०, २०१६ १२:०१

    सूरए फ़त्ह पवित्र क़ुरआन का 48वां सूरा है।

  • घर परिवार और बच्चे-११

    घर परिवार और बच्चे-११

    Feb १०, २०१६ ११:५७

    हमने उल्लेख किया था कि बच्चों के लिए अच्छे नाम का चयन करना मां-बाप की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियों में से है।

  • तेहरान

    तेहरान

    Feb १०, २०१६ ११:४१

    तेहरान प्रांत, मध्य ईरान के उत्तर में अलबुर्ज़ पर्वत श्रंख्ला के दक्षिणी स्लोप और मरुस्थल के पश्चिम स्थित है।

  • ख़लीफ़ये क़ुल्लाबी-4

    ख़लीफ़ये क़ुल्लाबी-4

    Feb १०, २०१६ ११:२६

    एक रात हारून रशीद ने अपने मंत्री जाफ़र बरमकी और प्रसिद्ध तलवार चलाने वाले मसरूर के साथ वेष बदल कर शहर जाने का फ़ैसला किया ताकि लोगों की स्थिति को निकट से देख सकें।

  • ख़लीफ़ये क़ुल्लाबी-3

    ख़लीफ़ये क़ुल्लाबी-3

    Feb १०, २०१६ ११:१९

    हमने बताया था कि एक रात हारून रशीद ने अपने मंत्री जाफ़र बरमक्की और मसरूर शमशीरज़न के साथ भेस बदलकर शहर में निकलने का इरादा किया ताकि लोगों के हालात से अवगत हो सके।

  • ख़लीफ़ये क़ुल्लाबी-2

    ख़लीफ़ये क़ुल्लाबी-2

    Feb १०, २०१६ १०:४६

    हमने बताया था कि एक रात हारून रशीद ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमक्की और मसरूर के साथ भेस बदलकर शहर में निकलने का इरादा किया ताकि लोगों के हालात से अवगत हो सके। जब वे दजला नदी पर पहुंचे तो उन्होंने एक नाविक से कहा कि उन्हें दजला की सैर कराए।

  • ख़लीफ़ये क़ुल्लाबी-1

    ख़लीफ़ये क़ुल्लाबी-1

    Feb १०, २०१६ १०:४३

    एक रात को हारून रशीद ने अपने मंत्री जाफर बरमकी को बुलाया और उससे कहा जाफर आज रात मैं थका हूं और मैं महल से बाहर चलना चाहता हूं और बग़दाद की गलियों में टहलना चाहता हूं।

  • मौलाना जलालुद्दीन मोहम्मद मौलवी-4

    मौलाना जलालुद्दीन मोहम्मद मौलवी-4

    Feb १०, २०१६ १०:३२

    हमने बताया था कि मौलाना की ‘मसनवी मानवी’ पर शोध करने वालों का मानना है कि यह रचना वास्तव में ज्ञान व मार्गदर्शन की किताब है और मौलाना इस गूढ़ अर्थों वाली किताब के शिक्षक हैं।

  • मौलाना जलालुद्दीन मोहम्मद मौलवी-3

    मौलाना जलालुद्दीन मोहम्मद मौलवी-3

    Feb १०, २०१६ १०:२०

    मौलाना रोम 13वीं शताब्दी ईसवी के प्रख्यात कवि थे और फ़ार्सी भाषी क्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी उनकी शायरी और ज्ञान का लोग लोहा मानते थे।