बुधवार - 24 जून
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नेपोलियन बोनापार्ट
24 जून सन 1206 में दिल्ली साम्राज्य के पहले सुल्तान कुतुबुद्दीन ऐबक की लाहौर में ताजपोशी हुई।
24 जून सन 1763 में मुर्शिदाबाद पर ईस्ट इंडिया कंपनी का क़ब्ज़ा हो गया और मीर जाफर को वहां का शासक बनाया गया।
24 जून सन 1793 में फ्रांस ने कॉपीराइट कानून बनाया।
24 जून सन 1823 में चिली में दास प्रथा समाप्त हुई।,
24 जून सन 1870 में अमेरिका में पहली रेल सेवा शुरु हुई।
24 जून सन 1961 में भारत में बने पहले सुपरसानिक युद्धक विमान एचएफ24 ने पहली उड़ान भरी।
24 जून सन 1966 को मुंबई- न्यूयार्क एयर इंडिया फ्लाइट स्वीट्ज़रलैंड में ।
24 जून सन 1974 में इंडियन क्रिक्रेट टीम लार्ड्स के टेस्ट क्रिकेट में 77 मिनट में आल आउट हो गयी।
24 जून 1986 में भारत सरकार ने अविवाहित महिलओं को भी मातृत्व अवकाश को मंज़ूर किया।
24 जून सन 1812 ईसवी को फ़्रांस के तानाशाह नेपोलियन बोनापार्ट ने साढ़े तीन लाख की सेना के साथ रूस पर अपना व्यापक आक्रमण आरंभ किया। इन दोनों देशों ने इससे पाँच वर्ष पूर्व अनाक्रमण संधि पर हस्ताक्षर किए थे किंतु धीरे-धीरे दोनों देशों के संबंध बिगड़ते गये यहॉ तक कि नेपोलियन बोनापार्ट ने भारी सेना द्वारा रुस पर आक्रमण कर दिया। फ़्रांसीसी सेना मॉस्को तक पहुँच गयी थी किंतु रूस की कड़ाके की सर्दी और समय पर रसद न पहुँचने के कारण फ़्रांसीसी सेना कठिनाइयों में फंस गयी जिसके बाद नेपोलियन को विवश होकर अपनी सेना को पीछे हटने का आदेश देना पड़ा। इस बीच रूस के तीन लाख सैनिकों ने फ़्रांसीसी सेना पर निरंतर आक्रमण किए जिससे भारी संख्या में फ़्रांसीसी सैनिक मारे गये। अंत में नेपोलियन केवल 30 हज़ार सैनिकों के साथ रुस से भागे और दिस्म्बर सन 1812 में पेरिस पहुँचे। रूस में नेपोलियन की भारी पराजय के कारण बाद की लड़ाइयों में भी फ़्रांस को पराजय का सामना हुआ बल्कि वास्तव में यह पराजय नेपोलियन बोनापार्ट के शासन के पतन का आरंभिक बिन्दु बन गयी।
24 जून सन 1812 ईसवी को वेनेज़ोएला की राजधानी काराकास पर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विख्यात स्वतंत्रता आंदोलन नेता के साइमन बोलिवर का अधिकार हो गया। लगभग एक वर्ष तक चलने वाली इस लड़ाई में स्पेन के साम्राज्यवादियों को पराजय हुई और दक्षिणी अमरीका के विख्यात संघर्षकर्ता बोलिवर ने महा कोलम्बिया की स्थापना की। महा कोलम्बिया में वेनेज़ोएला, कोलम्बिया, पनामा और इकवाडोर शामिल थे। सायमन बोलिवर इस देश के पहले राष्ट्रपति बने।

24 जून वर्ष 1859 ईसवी को फ़्रांस और सारडेनिया के साथ ऑस्ट्रिया का सोल्फ़ोरीनो युद्ध हुआ। इस युद्ध में कुल दो लाख साठ हज़ार लोग शामिल हुए। ऑस्ट्रिया को इस युद्ध में पराजय हुई और इटली की एकता के लिए पहले से अधिक भूमि समतल हो गयी। इटली 1861 में एक हो गया। इटली की जनता और विभिन्न क्षेत्रों की स्थानीय सरकारें इटली के एकीकरण के लिए प्रयास कर रही थीं जिनमें सारदेनिया सरकार भी शामिल थी। फ़्रांस ने इन प्रयासों का भरपूर समर्थन किया जबकि ऑस्ट्रिया को यह बात पसंद नहीं थी। क्योंकि इटली की एकता को ऑस्ट्रिया अपने हितों के विपरीत समझता था। यही कारण है कि ऑस्ट्रिया ने फ़्रांस और सारडेनिया से युद्ध किया।
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4 तीर सन 1367 हिजरी शम्सी को इराक़ के अतिक्रमणकारी शासन के युद्धक विमानों ने ईरान पर थोपे गये युद्ध के दौरान ईरानी संघर्षकर्ताओं पर रासायनिक बमबारी की। यह बमबारी मजनूं द्वीप समूह में हुई थी। इस आक्रमण में सैकड़ों ईरानी संघर्षकार्ता शहीद और घायल हुए। इराक़ ने ईरान के विरुद्ध अपने युद्ध के आरंभ में ही वर्ष 1359 हिजरी शम्सी से रासायनिक शस्त्रों का प्रयोग किया और ईरानी जियालों की निरंतर सफलताओं के साथ ही इराक़ ने रासासनिक शस्त्रों का प्रयोअ बढ़ा दिया। इस प्रकार से कि आठ वर्ष के थापे गये युद्ध में इराक़ी सेना ने कम से कम 200 बार रासायनिक शस्त्रों का व्यापक प्रयोग किया और लगभग 30 हज़ार ईरानी सैनिकों और असैनिकों को शहीद व घायल किया। पश्चिमी देशों ने जिन्होंने इराक़ को यह हथियार उपलब्ध कराए थे, ईरान के विरुद्ध इराक़ के इस अमानवीय अपराध पर चुप्पी साध ली।

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2 ज़ीक़ादा सन 311 हिजरी क़मरी को प्रसिद्ध धर्मगुरु व इतिहासकार इब्ने ख़ुज़ैमा का निधन हुआ। वे वर्ष 223 हिजरी क़मरी में पैदा हुए। उन्होंने ज्ञान की प्राप्ति के लिए विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा की। उन्होंने कई पुस्तकें लिखीं।
इब्ने ख़ुजैमा की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक का नाम अत्तौहीद व इस्बातो सिफ़ातिर्रब है, जिसमें उन्होंने अपनी आस्था और ईमान को बयान करने के बाद ईश्वर का गुणगान किया है।
