Jun २५, २०१६ ०९:०२ Asia/Kolkata
  • गुरुवार- 25 जून

25 जून सन 1822 ईसवी को अमरीका में श्वेतों के स्वामित्व से छूटने वाले कुछ अश्वेत दासों का एक गुट अफ्रीक़ा लौटा और वर्तमान लाइबेरिया में बस गया।

अमरीका के काले लोगों ने 19वीं शताब्दी के आरंभ से एक आंदोलन शुरू किया जिसका उद्देश्य स्वयं को शवेतों के क़ब्ज़े से छुटकारा दिलाना और अश्वेत के एक अलग देश की स्थापना करना था। इसी संदर्भ में अमरीका से काले लोगों का उक्त गुट कठिन परिश्रम के बाद लाइबेरिया पहुँचा। आरंभ में यह देश अमरीका के ही एक राज्य के समान संचालित होता था किंतु वर्ष 1847 में इस क्षेत्र में लोकतंत्र की स्थापना हुई और अमरीका के वरजीनिया राज्य के एक दास जोज़फ रॉबर्टसन लाइबेरिया के पहले राष्ट्रपति बने।

  • 25 जून सन् 529 में मुग़ल शासक बाबर बंगाल पर विजय प्राप्त कर अपनी राजधानी आगरा लौटे।
  • 25 जून सन् 1868 में अमेरिका के राष्ट्रपति एंड्रयू जॉनसन ने सरकारी कर्मचारियों के लिए दिन में आठ घंटे काम करने का क़ानून पारित किया।
  • 25 जून सन् 1941 में फिनलैंड ने सोवियत संघ पर हमले की घोषणा की।
  • 25 जून सन् 1950 में कोरियाई गृहयुद्ध आरंभ हुआ। आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे उत्तरी और दक्षिण कोरिया के बीच शुरु हुए इस गृह युद्ध ने बाद में अंतर्राष्ट्रीय शीतयुद्ध का रूप ले लिया।
  • 25 जून सन् 1951 में अमेरिकी टेलीविज़न एवं रेडियो नेटवर्क सीबीएस ने न्यूयार्क से चार शहरों में पहले रंगीन टीवी प्रोग्राम का प्रसारण किया।
  • 25 जून सन् 1960 में मेडागास्कर फ्रांस से स्वतंत्र हुआ।
  • 25 जून सन् 1961 में इराक़ ने घोषणा की कि कुवैत इराक़ का हिस्सा है।
  • 25 जून सन् 1975 को इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की सलाह पर भारत के राष्ट्रपति फख़रुद्दीन अली अहमद ने देश में आपातकाल लगाने की घोषणा की थी।
  • 25 जून सन् 1983 में भारत ने वेस्टइंडीज को 43 रनों से हरा कर पहली बार क्रिकेट विश्व कप का ख़िताब अपने नाम किया।
  • 25 जून सन् 2005 में अहमदी नेजाद ईरान के आठवें राष्ट्रपति बने।

25 जून वर्ष 1950 ईसवी को अमरीका की निरंतर भड़काऊ कार्यवाहियों के चलते उत्तरी कोरिया ने दक्षिणी कोरिया पर आक्रमण किया और दक्षिण की ओर प्रगति की किंतु संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद द्वारा एक प्रस्ताव पारित होने के बाद अमरीका और दूसरे पंद्रह देशों की सेनाएं दक्षिणी कोरिया की रक्षा और उत्तरी कोरिया का मुक़ाबला करने के लिए इस क्षेत्र में भेजी गयीं। अमरीकी सैनिकों ने दक्षिणी कोरिया के सैनिकों की सहायता से उत्तरी कोरिया के सैनिकों की प्रगति को रोक दिया और उत्तरी कोरिया का अतिग्रहण भी कर लिया किंतु बाद में चीन की सेना उत्तरी कोरिया की ओर से मैदान में उतरी जिसके कारण अमरीकी सेना उत्तरी कोरिया से पीछे हटी। इस बीच शांतिवार्ता आरंभ हो गयी और वर्ष 1953 में संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर हुए जिसके आधार पर दोनों देशों की पहले की सीमा को मान्य घोषित किया गया। किंतु दोनों कोरियाओं के बीच शांति का कोई औपचारिक समझौता नहीं हो सका है और दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा जारी है इस के बावजूद दोनों देशों के लोग दोनों कोरियाओ के एकीकरण पर बल दे रहे हैं।

25 जून सन 1975 ईसवी को मोज़ाम्बिक देश ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की और हर वर्ष आज के दिन को इस देश में राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है। 15वीं शताब्दी ईसवी के अंत में विख्यात नाविक वास्को डीगामा के नेतृत्व में पुर्तगालियों का एक दल मोज़ाम्बिक पहुँचा। उसी समय से इस देश का शोषण आरंभ हो गया जो लगभग 5 शताब्दियों तक जारी रहा।

 

 

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5 तीर सन 1371 हिजरी शम्सी के ईरान के विख्यात धर्मगुरु आयतुल्ला मदनी काशानी का 93 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्होनें आरंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद आयतुल्ला हायरी जैसे वरिष्ठ धर्मगुरुओं से उच्च स्तरीय धार्मिक शिक्षा प्राप्त की। वे शिक्षा के साथ सामाजिक कार्यों में भी लीन रहते। उन्होंने निर्धनों की आर्थिक सहायता और कमजोरों की सहायता को अपनी दिनचर्या का भाग बना लिया था। उन्होंने कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी है जिनमें कश्फुल हक़ायेक़ का नाम विशेष रूप से लिया जा सकता है।

 

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3 ज़ीक़ादा सन 620 हिजरी क़मरी को मिस्र के प्रसिद्ध मुसलमान धर्मगुरु इब्ने मुनीर का इस्कन्दरिया शहर में जन्म हुआ। उन्होंने आरंभिक शिक्षा अपने पिता से प्राप्त की और फिर तत्कालीन वरिष्ठ धर्मगुरुओं की सेवा में रहकर स्वयं भी बड़े धर्मगुरु बने। उन्होंने न्यायाधीश पद सहित कई सरकारी पदों पर आसीन रहकर जनता की सेवा की। 63 वर्ष की आयु में इस्कन्दरिया में उनका निधन हुआ। उन्हें एक मस्जिद में दफ़न किया गया जो आज जामेउल मुनीर के नाम से प्रसिद्ध है। उनकी लिखी हुई पुस्तकों को बहुत महत्व प्राप्त है।