सोमवार- 29 जून
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बाल्कान युद्ध
29 जून सन 1913 ईसवी को यूनान, सर्बिया, मोन्टे निग्रो, रोमानिया और उस्मानी शासन के साथ बुल्गारिया का युद्ध आरंभ हुआ।
यह युद्ध दूसरे बाल्कान युद्ध के नाम से जाना जाता है। प्रथम बाल्कान युद्ध में उस्मानी शासन का भाग रह चुके बुल्गारिया, रोमानिया, यूनान और सर्बिया ने इस साम्राज्य के विरुद्ध विद्रोह किया था तथा उस्मानी साम्राज्य की कमज़ोर स्थिति का लाभ उठाते हुए उसके नियंत्रण से स्वतंत्रता प्राप्त कर ली थी। इस प्रकार यूरोप में उसमानी शासन के अधिकार वाले अस्सी प्रतिशत क्षेत्र उसके नियंत्रण से निकल गए किंतु यह युद्ध जीतने वाली शक्तियां प्राप्त क्षेत्रों के विभाजन के मुद्दे पर आपस में भिड़ गईं जिसके परिणाम स्वरूप दूसरा बाल्कान युद्ध हुआ। इस युद्ध में बुल्गारिया ने अपने को अकेला देखकर संधि की इच्छा जताई जिसके बाद बुख़ारेस्ट संधि हुई। इस संधि के अनुसार बुल्ग़ारिया को अपने नियंत्रण वाले कुछ क्षेत्र यूनान, सर्बिया, रोमानिया और मोन्टे नेग्रो को देने पड़े। बाल्कान युद्ध वस्तुतः पहले विश्व युद्ध की भूमिका बने जो वर्ष 1914 में आरंभ हुआ था।
- 29 जून सन् 1444 में सिकंदर बेग ने ऑटोमन साम्राज्य की सेना को हरा दिया था।
- 29 जून सन् 1613 में विलियम शेक्सपियर का ग्लेाब थियेटर आग लगने से क्षतिग्रस्त हुआ।
- 29 जून सन् 1659 में इवान विहोव्सकी के नेतृत्व वाली यूक्रेन की सेना ने प्रिंस त्रुबेत्सकॉय के नेतृत्व में रूसी सेना को कोनोटोप युद्ध में पराजित किया।
- 29 जून सन् 1850 में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री सर रॉबर्ट पील घुड़सवारी के दौरान गिर गए जिसके तीन दिन बाद उनका निधन हो गया।
- 29 जून सन् 1913 में यूनान, सर्बिया, मोन्टे नेग्रो, रोमानिया और उस्मानी शासन के साथ बुल्गारिया का युद्ध आरंभ हुआ जो दूसरे बाल्कान युद्ध के नाम से जाना जाता है।
- 29 जून सन् 1932 में सोवियत संघ और चीन ने अनाक्रमण संधि पर हस्ताक्षर किए।
- 29 जून सन् 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद पूर्वी देशों के सहयोग संगठन ‘कामकोन’ को भंग कर दिया गया।
- 29 जून सन् 2000 में विश्व की प्रमुख कंपनी आईबीएम द्वारा विश्व का सबसे तेज़ कम्प्यूटर निर्मित।
- 29 जून सन् 2002 को चीन में ज़बर्दस्त भूकंप आया।
- 29 जून सन् 2007 में आईफ़ोन के नाम से जाना जाने वाला एप्पल का पहला स्मार्टफोन आज ही के दिन बाज़ार में आया था।
- 29 जून सन् 2011 में मानव तस्करी की निगरानी सूची (वॉच लिस्ट) से भारत को बाहर कर दिया गया है। छह साल के अंतराल के बाद अमेरिका ने भारत को मानव तस्करी की निगरानी सूची (वॉच लिस्ट) से बाहर कर दिया।
- 29 जून सन् 2014 में आईएसआईएस (दाइश) नाम से एक नई तथाकथित ख़िलाफ़त की स्थापना के साथ अबूबक्र अलबग़दादी ने स्वयं को स्वयंभू ख़लीफ़ा घोषित किया।
29 जून 1976 ईसवी को सीशेल द्वीप समूह को स्वतंत्रता मिली जिसके बाद से यह दिन इस देश में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। अटठारहवीं शताब्दी ईसवी के मध्य तक इस क्षेत्र के पुर्तगालियों का अधिकार रहा किंतु उस समय तक इस क्षेत्र से सारे द्वीपों की खोज नहीं हुई थी। इसी समय से यहां फ्रांस का प्रभाव बढ़ने लगा। अट्ठारहवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में जब फ्रांस की क्रांति अपने चरम पर थी तो अफ्रीक़ा में तैनात ब्रिटिश सेनाओं ने सिशेल पर क़ब्ज़ा कर लिया। वर्ष 1960 ईसवी के बाद इस देश में स्वतंत्रता प्रेमी आंदोलन आरंभ हुए और सोलह वर्ष बाद यह देश स्वतंत्र होकर एक लोकतांत्रिक देश बन गया। कई द्वीपों पर आधारित यह देश पूर्वी अफ्रीक़ा में हिंद महासागर में स्थित है। मेडागास्कर इसका पड़ोसी देश है।

29 जून सन 1991 को सोवियत संघ के विघटन के बाद पूर्वी ब्लाक के देशों के आर्थिक सहयोग संघ कामकोन को हंग्री की राजधानी बुडापेस्ट में एक सम्मेलन में भंग कर दिया गया। इस का गठन वर्ष 1949 में हुआ जिसका उद्देश्य सोवियत संघ के नेतृत्व वाले पूर्वी ब्लाक के देशों की अर्थ व्यवस्था को एक दूसरे से जोड़ना था। यूरोप के संयुक्त बाज़ार के मुक़ाबले में यह संघ अधिक सफल नहीं रहा बल्कि कम्युनिस्ट देशों की आर्थिक योजनाओं पर विचार विमर्श के कार्यालय की भूमिका निभा रहा था।
पोलैंड, रोमानिया, हंग्री, चकोस्लोवाकिया, बुल्गारिया, वियतनाम, क्यूबा, मंगोलिया और सोवियत संघ इसके सदस्य थे।

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7 ज़ीक़ादा सन 439 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत के इतिहासकार अबुल हसन लाएब का निधन हुआ। लोगों ने बड़ी संख्या में उनके ज्ञान से लाभ उठाया। उनके शिष्यों की संख्या बहुत अधिक थी। उनके शिष्यों में ख़तीबे बग़दादी जैसे विख्यात विद्वान भी शामिल थे जिन्होंने अपनी पुस्तकों में अपने उस्ताद लाएब के बारे में विस्तार से लिखा है।
7 ज़ीक़ादा सन 716 हिजरी क़मरी को दमिश्क़ के लिपिकार इब्ने बसीस का निधन हुआ। वे सन 651 हिजरी क़मरी को सीरिया के दमिश्क़ नगर में जन्मे थे। उन्होंने सोने के पानी से क़ुरआन लिखा है जो उनके कला कौशल का प्रतीक है। यह क़ुरआन अब भी सुरक्षित है।
7 ज़ीक़ादा सन 1262 हिजरी क़मरी को ईरान के प्रसिद्ध विद्वान आयतुल्ला फ़ेदाई आस्तानी का निधन हुआ। उन्होंने बाल्यकाल में ही इस्लामी विषयों का व्यापक ज्ञान प्राप्त कर लिया था। और फिर उन्होंने बहुत से क्षेत्रों की यात्राएं कीं।
वे कई वर्षों तक शिक्षक के रुप में भी कार्यरत रहे। साथ ही लेखन से भी उन्होंने संबंध जोड़े रखा और कई महत्वपूर्ण पुस्तकें भी लिखीं। फ़ेदाई आस्तानी एक अच्छे कवि भी थे।