शुक्रवार- 10 जुलाई
10 जूलाई सन 1212 में लंदन में लगी भयंकर आग में शहर का अधिकांश हिस्सा जल गया।
10 जूलाई सन 1212 में लंदन में लगी भयंकर आग में शहर का अधिकांश हिस्सा जल गया।
10 जूलाई सन 1913 में कैलिफोर्निया की मृत घाटी में तापमान ५७ डिग्री सेंटीग्रेट तक जा पहुंचा। यह धरती पर का दर्ज अधिकतम तापमान है।
10 जूलाई सन 1949 में भरत के प्रसिद्ध क्रिकेटर सुनील गावस्कर का मुंबई में जनम हुआ।
10 जूलाई सन 1962 में पहला संचार उपग्रह टेलस्टार कक्षा में स्थापित किया गया।
10 जूलाई सन 1973 में पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने बाँगला देश को मान्यता देने संबंधी प्रस्ताव को पारित किया।
10 जूलाई सन 1991में रंगभेद के कारण निलंबित ‘दक्षिण अफ्रिकी क्रिकेट टीम’ को ‘अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद’ में पुनः शामिल किया गया।
10 जूलाई सन 2007 में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में लाल मस्जिद के नायब इमाम मौलाना अब्दुल रशीद ग़ाज़ी सेना की कार्रवाही में मारे गये। वे कट्टरपंथियों का नेतृत्व कर रहे थे।
10 जुलाई सन 874 ईसवी को उत्तरी युरोप के आइसलैंड द्वीप की खोज हुई।
नार्वे के शिकारियों ने इस द्वीप की खोज की थी। वर्ष 1261 ईसवी में इस द्वीप पर नार्वे का अधिकार हो गया और एक शताब्दी बाद डेनमार्क ने नार्वे और आइसलैंड दोनों पर क़ब्ज़ा कर लिया। अंतत: सन 1944 ईसवी में आइसलैंड को डेनमार्क से स्वतंत्रता मिली।
10 जुलाई सन 1741 को डेनमार्क के विटस बेरिग नामक खोजकर्ता ने अलास्का क्षेत्र का पता लगाया। वे अपने बादबानी जहाज़ से रुस जा रहे थे कि उन्होंने अस्का क्षेत्र को देखा जो कैनेडा के पश्चिमोत्तर में स्थित है। यह तेल सम्पन्न देश 1867 ईसवी तक रुस के जार शासक के अधिकार में रहा किंतु इस वर्ष ज़ार शासन ने अलास्का को 7 मिलयन डॉली में अमरीका के हाथ बेच दिया। और अब अलास्का अमरीका का 49वां राज्य है।

10 जुलाई सन 1931 ईसवी को पहली महिला विमान चालक ने संसार का चक्कर लगाने के लिए उड़ान आरंभ की। यह महिला जर्मनी की रहने वाली थी उसका नाम बायनहोज़न था। उसने 275 घंटे में हवाई जहाज़ से 31 हज़ार किलोमीटर की दूरी तै की। इसके बाद उसने और बड़ी यात्रा का आरंभ किया किंतु इस यात्रा के दौरान वो लापता हो गयी और उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका है।
10 जुलाई सन 1940 ईसवी को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ़्रांस के तत्कालीन प्रधान मंत्री और वरिष्ठ सेनाधिकारी माईल हेनरी पैटन ने जर्मनी से अपने देश की पराजय के बाद सत्ता अपने हाथ में ले ली। 22 जून सन 1940 को दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने के समझौते पर हस्ताक्षर हुए जिसके अनुसार पेरिस सहित उत्तरी फ़्रांस के क्षेत्र जर्मनी के क़बज़े में बिक़ी रहे और फ़्रांस की राजधानी और पैटन की पिटठू सरकार को फ़्रांस के विशी नामक नगर भेज दिया गया। इस समझौते के बाद जो वास्तव में फ़्रांस में हिटलर की पिटठू सरकार को सत्ता में पहुँचाने क समान था फ़्रांस में मार्शल की मान्यता हो गयी। इसके कुछ समय बाद लंदन में जनरल चार्ल डीगाल के नेतृत्व में एक कमेटी बनी जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के समापन तक जर्मनी के विरुद्ध सक्रियत रही। पैटन को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देश के साथ विश्वासघात करने के आरोप में मृत्युदंड सुनाया गया किंतु बाद मं इसे हल्का करके उन्हें आजीवन कारावास की सजा दे गयी सन 1951 में जेल में उनका निधन हुआ।

10 जुलाई सन 1973 ईसवी को केंद्रीय अमरीका महाद्वीप के बाहमास द्वीप समूह को ब्रिटेन से स्वतंत्रता मिली आज के दिन को इस देश में राष्ट्रीय दिवस के रुप में मनाया जाता है। सन 1492 ईसवी में क्रिस्टोफ़र कोलम्बस ने इस क्षेत्र की खोज की और यह स्पेन का भाग बन गया 17वैं और 18वीं ईसवी शताब्दी में बाहमास द्वीप समूह पर अधिकार के लिए स्पेन और ब्रिटेन के बीच कई बार युद्ध हूए अंतत: 1783 इसवी को ब्रिटेन ने इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया। इसके बाद 190 वर्ष तक यह देश ब्रिटेन के अधीन रहा यहॉ तक कि 1973 में इस देश को स्वतंत्रता मिल गया।
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20 तीर सन 1325 हिजरी शम्सी को ईरान के प्रसिद्ध संगीतकार व संतूर वादक हबीब समाई का निधन हुआ। वे वर्ष 1280 हिजरी शम्सी को जन्मे। हबीब समाई के पिता संगीतकार थे इसलिए वे बचपन में ही संगीत से परिचित हो गए और युवावस्था तक पहुंचते पहुंचते संतूर बजाने में दक्ष हो गए थे। उन्होंने कुछ समय तक संगीत स्कूल में संगीत सीखा और संगीत की शिक्षा पूरी करने के पश्चात उस्ताद अबुल हसन सबा के कहने पर संतूर की क्लास आरंभ की और बहुत से शिष्यों का प्रशिक्षण किया। उस्ताद सबा ने समाई से निकट सहयोग के कारण उनकी रचनात्मकता को उन्हीं की विशेष शैली में सुरक्षित कर उसे एक किताब के रूप में प्रकाशित किया।
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18 ज़ीक़ादा सन 439 हिजरी क़मरी को ईरान के विश्व विख्यात कवि, गणितज्ञ खगोल शास्त्री और दार्शनिक उमर ख़ैयाम का ईरान के पूर्वेत्तरी नगर नीशापुर में जन्म हुआ।
ख़ैयाम को उनकी शायरी के कारण विश्व ख्याति प्राप्त हुई। उनकी रुबाइयों का अनेक भाषाओं में अनुवाद किया गया। ब्रिटेन के शायर फिटज़ जेराल्ड ने पहली बार उमर ख़ैयाम की रुबाइयों का अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद किया जिसे साहित्य प्रमियों ने बहुत पसंद किया। उमर ख़ैयाम ने अपने कुछ साथियों की सहायता से नया कैलेंडर बनाया जिसे तक़वीमे जलाली के नाम से जाना जाता है।
18 ज़ीक़ादा सन 1373 हिजरी क़मरी को ईरान के विख्यात धर्मगुरु आयतुल्लाह शैख़ मोहम्मद हुसैन काशिफ़ुल ग़िता का निधन हुआ। उन्हें इस्लामी विषयों का व्यापक ज्ञान था और वे एक अच्छे शायर भी थे। वे राजनीति के क्षेत्र में भी सक्रय रहे और ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध प्रभावशाली संघर्ष किया। उन्होंने 80 से अधिक पुस्तकें लिखीं।