सोमवार- 13 जुलाई
13 जुलाई सन 64 ईसवी को रोम में भयानक आग लगी थी।
इस अग्निकांड में भारी संख्या में लोग मारे गये। रोम के तत्कालीन शासक ने इस घटना के लिए ईसाइयों को दोषी ठहराकर एक लाख से अधिक ईसाइयों को मौत के घाट उतार दिया।
13 जुलाई सन 1771 ईसवी को ब्रिटेन के विख्यात नाविक जेम्ज़ कुक की पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध की ऐतिहासिक खोज-यात्रा तीन वर्ष के बाद समाप्त हुई। यह लम्बी यात्रा, जिसमें वैझानिकों का एक दल दक्षिणी गोलार्ध की वनस्पतियों, जीव जन्तुओं और निवासियों के बारे में और एक अन्य दल अंतरिक्ष ग्रहों के बारे में जानकारी के लिए प्रयासरत था। 26 जुलाई सन 1768 ईसवी को आरंभ हुई थी।

13 जुलाई वर्ष 1400 ईसवी को विश्व में सब से पुराने सेना का स्वट्ज़रलेंड में गठन हुआ था। विश्व की सब से पुरानी सेना के गठन से अब तक वही रूप बाक़ी है यहां तक कि सैनिकों का युनिफ़ार्म भी नहीं बदला है।
इस व्यवस्थित छोटी सेना में स्वीट्ज़रलैंड के 83 लोग शामिल थे। इस सेना का गठन, जिस के लोग सदैव स्वीट्ज़रलैंड के होते हैं, कैथोलिक ईसाइयों के पोप की रक्षा के लिए हुआ था और लगभग छ: सौ वर्ष बीतने के बावजूद वैटिकन में पोप की रहा, इस सेना की ज़िम्मदारी होती है।

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23 तीर सन 1362 हिजरी शम्सी को ईरान की महत्वपूर्ण संस्था मजलिसे खुबरगान का पहला कार्यकाल आरंभ हुआ। इस्लामी गणतंत्र ईरान के संविधान के अनुसार इस संस्था के सदस्य वरिष्ठ धर्मगुरु होते हैं जो जनता द्वारा सीधे रुप से चुने जाते हैं इस संस्थ का महत्वपूर्ण दायित्व क्रान्ति के वरिष्ठ नेता का चयन और उनके क्रियाकलापों पर नज़र रखना है।
इस संस्था के सदस्य आठ वर्ष के लिए चुने जाते हैं।
23 तीर सन 1365 हिजरी शम्सी को ईरान के विख्यात लेखक कवि और अध्ययनकर्ता डॉक्टर मेहदी हमीदी शीराज़ी का निधन हुआ। वे सन 1293 हिजरी शम्सी में शीराज़ में जन्मे थे और फ़ार्सी साहित्य में डॉकट्रेट की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने फ़ार्सी शायरी के विषय में विभिन्न पुस्तकें लिखी हैं, शोकूफ़ेहाए दरयाये गौहर, ज़िमज़िमे-ये- शब आदि उनकी महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं।
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21 ज़ीक़ादा सन 687 हिजरी क़मरी को सीरिया के विख्यात चिकित्सक और विद्वान इब्ने नफ़ीस का निधन हुआ। उन्होंने दमिश्क़ नगर में धार्मिक एवं चिकित्सा की शिक्षा प्राप्त की और कठिन परिश्रम करके इन विषयों में विशेष दक्षता प्राप्त कर ली।
उन्होंने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में कई पुस्तकें लिखीं हैं। इब्ने नफ़ीस की पुस्तक अश्शामिल में ऑपरेशन के नियमों के बारे में विस्तृत चर्चा की गयी है।