बुधवार- 15 जुलाई
15 जूलाई सन 1588 ईसवी को इंग्लिश चैनल में ब्रिटिश नव सेना और स्पेन की नव सेना के मध्य युद्ध छिड़ गया।
1916, दुनिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग आज ही के दिन शुरू हुई थी।
1984, पंजाब में सिख समुदाय के अशांत होने के बाद पंजाब को आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया था।
1903, राजनीति के दिग्गज और सुधारवादी नेता के. कामराज का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
1962, अल्जीरिया अरब लीग का सदस्य बना।
1948, अमरीका के राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन दूसरे कार्यकाल के लिए निर्वाचित हुए।
1910, एमिल क्रेपलिन ने एलॉइस अल्ज़ाइमर के नाम पर अल्ज़ाइमर बीमारी का नाम दिया।
1937, हिंदी के जाने-माने पत्रकार प्रभाष जोशी का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
स्पेन का युद्ध बोड़ा अजेय माना जाता था। इस युद्ध में स्पेन की 135 बड़े युद्धक नोकाओं ने स्कॉटलेंड की रानी मेरी स्टीवर्ट की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए ब्रिटेन पर आक्रमर्ण किया था। किन्तु तीन चक्रवात के कारण 85 युद्धक नोकाएं डूब गयी और स्पेन के अजेय बेड़े को भी पराजय का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद स्पेन की नव सेना कमज़ोर पड़ गई।
15 जूलाई सन 1944 ईसवी को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमरीकी सेना ने जापान पर व्यापक स्तर पर बमबारी आरम्भ की। यह बमबारी हज़ारों युद्धक विमानों द्वारा की गई और जापान की पराजय तक जारी रही। इस भयानक बमबारी के परिणाम स्वरूप जापान के हज़ार से अधिक छोटे बड़े कारख़ाने धवस्त हो गए और दसियों हज़ार व्यक्ति मारे गए।

15 जुलाई वर्ष 1920 ईसवी को ब्रिटेन द्वारा नियुक्त सीरिया के शासक दमिश्क से भागने के बाद इराक़ के शासक बने। 15 जुलाई वर्ष 1920 को फ़्रांसिसी सैनिकों के दमिश्क़ नगर के निकट पहुंचने के पश्चात अमीर फ़ैसल, जिन का संबंध हाशिमी वंश से था और ब्रिटिश सरकार की ओर से वे सीरिया के शासक बने थे, दमिश्क़ नगर से फ़रार हो गए। सीरिया नथा लेबनान, जो उस्मानी शासन के पूर्व उपनिवेशों में गिने जाते थे, प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात फ़्रांस के उपनिवेशों में शामिल होगए और अमीर फ़ैसल के फ़रार होने के पश्चात सीरिया के लिए शासक नियुक्ति की ब्रिटेन की पहल विफल रही। उस वर्ष 18 जुलाई को फ़्रांसिसी सैनिकों ने दमिश्क़ पर नियंत्रण कर लिया और अमीर फ़ैसल , जो तीन महीनों से सीरिया के शासक थे ब्रिटेन की ओर से इराक़ के शासक नियुक्त हो गए।
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25 तीर वर्ष 1373 हिजरी शम्सी को धर्मगुरू, खगोलशास्त्री, दर्शनशास्त्री एवं कवि आयतुल्लाह शोश्तरी जज़ायरी का ईरान के दक्षिण में स्थित शोश्तर शहर में जन्म हुआ। उन्होंने क़ुरआन, गणित, एवं खगोलशास्त्र की विद्या अपने पिता से प्राप्त की और उसके पश्चात दूसरे दक्ष गुरुओं से शिक्षा प्राप्त की। इसी प्रकार आयतुल्लाह शोश्तरी ने आयतुल्लाह हायरी यज़दी और क़ुम के दूसरे वरिष्ठ धर्म गुरुओं से दर्शनशास्त्र एवं दूसरे ज्ञान प्राप्त किये। उन्होंने वर्षों धर्मशास्त्र की शिक्षा प्राप्ति एवं शोधकार्यों के बाद उच्च स्थान ग्रहण किया। आयतुल्लाह जज़ायरी ने ईरान के तानाशाह की इस्लाम विरोधी नीतियों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अनेक शिष्यों को शिक्षा दीक्षा दी। उन्होंने धर्मशास्त्र एवं खगोलशास्त्र के विषय पर पुस्तकें लिखीं।
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23 ज़ीक़ादा सन 578 हिजरी क़मरी को इराक़ के बग़दाद नगर में प्रसिद्ध साहित्यकार, इतिहासकार और धर्मगुरु इब्ने नज़्ज़ार का जन्म हुआ। उन्होंने 624 हिजरी क़मरी तक विभिन्न स्थानों की यात्राएं कीं और विभिन्न विद्वानों की सेवा में रहकर अपनी शिक्षा पूरी कर ली। इब्ने नज़्ज़ार ने जो महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं हैं। उनमें मनाक़ेबुल इमाम आदि का नाम लिया जा सकता है।