Jul १७, २०१६ ०९:२१ Asia/Kolkata
  • शनिवार - 18 जुलाई

18 जुलाई सन 871 ईसवी को ब्रिटेन और डेनमार्क के मध्य 25 वर्षों तक जारी रहने वाला युद्ध आंरभ हुआ।

  • 18 जुलाई सन 871 ईसवी को ब्रिटेन और डेनमार्क के मध्य 25 वर्षों तक जारी रहने वाला युद्ध आंरभ हुआ।
  • 18 जुलाई सन 1872 को ब्रिटेन में गुप्त मतदान प्रक्रिया की शुरुआत हुई।
  • 18 जुलाई सन 1918 को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित दक्षिण अफ़्रीक़ा के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का जन्म हुआ।
  • 18 जुलाई सन 1927 को प्रख्यात ग़ज़ल गायक महदी हसन का जन्म हुआ।
  • 18 जुलाई सन 1947 को भारत की स्वाधीनता के अधिनियम को ब्रिटेन की राजशाही की ओर से स्वीकृति मिली।
  • 18 जुलाई सन 2012 को भारत के प्रख्यात अभिनेता और पूर्व सांसद राजेश खन्ना का निधन हुआ।

 

18 जुलाई सन 871 ईसवी को ब्रिटेन और डेनमार्क के मध्य 25 वर्षों तक जारी रहने वाला युद्ध आंरभ हुआ। इन लड़ाइयों में ब्रिटेन के युवा बादशाह सम्राट अलफ्रेड नायक के रूप में देखे जाते थे। हालांकि डेनमार्क ने इन लड़ाइयों के दौरान ब्रिटेन के एक बड़े भाग पर अधिकार कर लिया था किंतु यह युद्ध 9 जुलाई वर्ष 896 को ब्रिटेन की विजय के साथ समाप्त हुआ।

 

18 जुलाई सन 1781 ईसवी को ब्रिटेन के विख्यात खगोल शास्त्री विलियम हरशल ने आकाश गंगा की वास्तविकता का पता लगाया। वे टेलिस्कोप द्वारा जो उन्होंने स्वयं ही बनाया था, ग्रह देख रहे थे जिसके दौरान उन्हें पता चला कि आकाशगंगा ऐसे ग्रहों का महान समूह है कि सौरमंडल उसका बहुत छोटा सा भाग है। हरशल ने इसी प्रकार कई अन्य ग्रहों की खोज की। वर्ष 1822 में उनका 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

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28 तीर वर्ष 1274 हिजरी शम्सी को ईरान के प्रसिद्ध धर्मगुरू, बुद्धिजीवी तथा लेखक  प्रोफ़ेसर और उस्ताव सैयद मुहम्मद तक़ी मुदर्रिस रिज़वी का ईरान के पवित्र नगर मश्हद में जन्म हुआ। वे मश्हद तथा तेहरान में धार्मिक शिक्षा विभाग से जुड़ गए। तेहरान विश्विद्यालय में व्यस्त रहने के बाद उसताद मुहम्मद तक़ी मुदर्रिस इस्लामी ज्ञान केन्द्र के  फ़ाइन आर्टस संकाय में पढ़ाने लगे और तारीख़े बोख़ारा, मोअजमुत्तवारीख़, अहवाल व आसारे ख़वाजा नसीरुद्दीन तूसी और तस्हीह आसारे अलवी उन की प्रसिद्ध पुसतकें हैं। उस्ताद मुहम्मद तक़ी मुदर्रिस का 91 वर्ष की आयु में निधन हुआ।

 

28 तीर सन 1359 हिजरी शमसी को ईरानी साहित्यकार एवं बुद्धिजीवी उस्ताद जलालुद्दीन हुमाई का देहांत हुआ। वर्ष 1278 हिजरी शमसी में ईरान के केन्द्रीय नगर इस्फ़हान के एक शिक्षित परिवार में उन का जन्म हुआ। उस्ताद हुमाई ने पांच वर्ष की आयु में अपने पिता से शिक्षा गृहन करना शुरु की । वे फ़िक़ह में इजतेहाद के स्तर तक पहुंच गए। इसी प्रकार उन्होंने साहित्य , दर्शनशास्त्र , धर्मशास्त्र के सिद्धांत तथा खगोलशास्त्र में दक्षता प्राप्त की। उस्ताद हुमाई ने अपने शिक्षा के दौरान एवं उस के पश्चात बहुत से शिष्यों का प्रशिक्षण किया। वे बहुत सक्रिय बुद्धिजीवी थे और उन्होंने शिक्षा के अतिरिक्त बहुत सी रचनाएं छोड़ी हैं। उस्ताद जलालुद्दीन हुमाई की महत्वपूर्ण पुस्तकों में, तारीख़ अदबियाते ईरान, सना आते अदबी तथा मस्नवीये वलदनामे का नाम लिया जा सकता है। इस के अतिरिक्त उन्होंने स्कूलों तथा विश्वविध्धालयों में पढ़ाने के लिए साहित्य तथा इस्लामी धर्मशास्त्र के क्षेत्र में बहुत सी मुस्कें लिखीं।

 

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26 ज़ीक़ादा सन 722 हिजरी क़मरी को ईरान के विख्यात धर्मगुरु मसऊद बिन उमर तफ़ताज़ानी का ईरान के पूर्वोत्तरी नगर क़ूचान में जन्म हुआ। उन्होंने अपनी आयु का एक भाग ज्ञान प्राप्ति हेतु यात्राएं करने में बिताया और अनेक पुस्तकें लिखीं।

16 वर्ष की आयु से ही उन्होंने अपने व्यापक अध्ययनों के आधार पर लेखन आरंभ कर दिया और अत्यंत महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं। उनकी कुछ पुस्तकें अब भी इस्लामी शिक्षा केंद्रों में पढ़ाई जाती हैं।

सन 792 में उनका निधन हुआ।