शुक्रवार - 21 फ़रवरी
21 फ़रवरी सन 1916 ईसवी को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी और फ़्रांस के बीच अत्यंत भयानक युद्ध आरंभ हुआ।
21 फ़रवरी सन 1916 ईसवी को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी और फ़्रांस के बीच अत्यंत भयानक युद्ध आरंभ हुआ।यह लड़ाई वरडन युद्ध के नाम से प्रसिद्ध है। इसमें जर्मनी की सेना ने फ़्रांस पर अधिकार करने के लिए वरडन नगर के मोर्चों पर आक्रमण किया जो फ़्रांस पर विजय का मार्ग हो सकता था। 10 महीने के बाद यह युद्ध जर्मनी की सेना की पराजय के साथ समाप्त हुआ जो प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की असफलता के मुख्य कारणों का भाग बना। वरडन युद्ध में दोनों देशों के लगभग 10 लाख लोग मारे गये।
21 फ़रवरी सन 1958 ईसवी को मिस्र और सीरिया की जनता ने एक जनमत संग्रह में इन दोनों देशों को मिलाकर संयुक्त अरब गणराज्य बनाने के पक्ष में वोट डाले। दोनों देशों की जनता ने इसी प्रकार मिस्र के तत्कालीन राष्ट्रपति जमाल अब्दुन्नासिर को इस नव स्थापित गणराज्य के पहले राष्ट्रपति के रूप में चुना। कुछ ही समय बाद यमन भी इस गणराज्य से जुड़ गया। इस गणराज्य की स्थापना का उद्देश्य अरब देशों में एकता उत्पन्न करना विशेष कर ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में अरब देशों की स्थिति को मज़बूत करना था। संयुक्त अरब गणराज्य में अलग अलग देश शामिल थे जिनकी नीतियों को एक उच्च परिषद समन्वित करती थी किंतु इस गणराज्य की आयु तीन वर्ष से अधिक न रह सकी और इस गणराज्य का नेतृत्व मिस्र के पास होने से सीरिया अप्रसन्न होकर इससे निकल गया और अंतत: सन 1961 में यह संघ टूट गया।

21 फ़रवरी सन 1965 ईसवी को अमरीका के विख्यात संघर्षकर्ता मैल्कम एक्स को इस देश के एक संदिग्ध गुट ने मार दिया। युवाकाल में एक्स काले लोगों के एक गुट से परिचित हुए जो मुसलमान थे जिसके बाद उन्होंने एक शक्तिशाली अभियान चलाकर अमरीका में काले लोगों को उनका अधिकार दिलाने का प्रयास किया। मैलकम एक्स की क्रान्तिकारी विचार धारा अमरीकी सरकार और जातिवादियों को इतनी अखरी कि उन्होंने एक्स की हत्या की योजना बनाई और उन्हें एक सभा को संबोधित करते समय मार दिया गया। एक्स इस बात पर बल देते थे कि अमरीका की जातिवादी सरकार के अत्याचारों के नीचे दबे काले लोग इस्लामी नियमों के परिप्रेक्ष्य में ही स्वतंत्रता न्याय और समानता प्राप्त कर सकते हैं।

21 फ़रवरी सन 1973 ईसवी को लीबिया के 727 बोइंग विमान को इस्राईली सेना ने मार गिराया जिससे इस विमान पर सवार कुल 104 यात्री मारे गये। इस्राईल की इस अमानवीय कार्रवाई की व्यापक स्तर पर आलोचना की गयी।

21 फ़रवरी सन 1862 को उर्दू भाषा के प्रख्यात कवि एवं पत्रकार मुंशी महबूब आलम का जन्म हुआ था। 12 वर्ष की आयु में वे अपने पैतृक नगर गुजरांवाला से लाहौर चले गए जहां पर उन्होंने पढ़ने का क्रम जारी रखा। अध्धयनकाल से ही उनमें पत्रकारिता के प्रति लगाव पाया जाता था। 15 वर्ष की आयु में उन्होंने पैसा नामक समाचारपत्र निकाला। सन 1924 में मुंशी महबूब आलम के कार्यालय में आग लग गई जिससे छपाई की मशीने नष्ट हो गईं इस कारण यह समाचार पत्र बंद हो गया। उन्होंने बहुत सी पुस्तकों का प्रकाशन किया और वे स्वयं 50 से अधिक रचनाओं के स्वामी थे। मुंशी महबूब ने एक इस्लामी इन्साइक्लोपीडिया भी संकलित की। 24 मई वर्ष 1938 को उनका निधन हो गया।
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26 जमादिस्सानी सन 826 हिजरी क़मरी को मुस्लिम धर्मगुरु शैख़ जमालुददीन हिल्ली असदी का इराक़ के नजफ़ शहर में निधन हुआ। वे इराक़ के हिल्ला नगर में जन्म थे।
धर्मगुरुओं के बीच वे फ़ाज़िले मेक़दाद के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने इस्लामी विषयों पर कई पुस्तकें लिखीं। उनकी पुस्तकों में आदाबुल हज और आयातुल-अहकाम का नाम लिया जा सकता है।