Aug ३१, २०१६ ०६:५६ Asia/Kolkata
  • गुरुवार - 3 सितम्बर

1918, प्रचीन इस्लामी नगर और वर्तमान में सीरिया की राजधानी दमिश्क़ पर ब्रिटिश साम्राज्य ने क़ब्ज़ा कर लिया।

1943, द्वितिय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी के घटक देश डटली ने हथियार डालने के समझौते पर हस्ताक्षर किये।

1967, स्वीडन में रातोरात लैफ़्ट साइड ड्राइविंग बदलकर राईट साइड ड्राइविंग कर दी गई।

1971, फ़ार्स की खाड़ी का देश क़तर ब्रिटेन के अधिकार से स्वतंत्र हुआ। आज का दिन इस देश में राष्ट्रीय दिवस के रुप में मनाया जाता है।

1998, नेल्सन मंडेला द्वारा गुट निरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन में कश्मीर का मुद्दा उठाये जाने पर भारत के प्रधानमंत्री वाजपेयी ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की।

2003, पाकिस्तान सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो पर देशद्रोह का मुक़दमा चलाने का निर्णय।

2004, बेसलान स्कूल संकट, रूस के बेसलान शहर में स्थित एक स्कूल में तीन दिन तक बंधक बनाए गए 1100 लोगों का संकट, 300 लोगों की मौत के साथ समाप्त हुआ, मरने वालों में आधे से ज़्यादा छोटे बच्चे थे।

2006, भारतीय मूल के भरत जगदेव ने गुयाना के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।

2007, चीन के झिंगजियांग प्रान्त में चीनी व जर्मन विशेषज्ञों ने लगभग 16 करोड़ साल पुराने जीव के 17 दांत खोजने का दावा किया।

2007, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया और उनके छोटे बेटे अराफ़ात रहमान को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ़्तार किया गया।

2009, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. रेड्डी की हेलीकाप्टर दुर्घटना में मौत हो गई।

 

3 सितम्बर सन 1918 ईसवी को प्राचीन इस्लामी नगर दमिश्क़ पर ब्रिटेन की सेना का अधिकार हो गया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान पश्चिमी शक्तियों का मुख्य लक्ष्य उसमानी शासन को टुकड़े टुकड़े करना था और अंतत: वे इस प्रयास में सफल रहीं और उसमानी शासन वाले क्षेत्र एक एक करके ब्रिटेन और फ़्रांस के अधिकार में चले गये यहॉ तक कि आज के दिन दमिश्क़ पर ब्रिटेन का अधिकार हो गया किंतु लंदन और पेरिस के पिछले समझौते के आधार पर दमिश्क सहित सीरिया फ़्रांस के अधिकार में चला गया।

 

 

3 सितम्बर सन 1943 ईसवी को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी के घटक देश इटली ने हथियार डालने के समझौते पर हस्ताक्षर किये। इटली के तानाशाह मसोलीनी ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किये थे जिसके बाद संयुक्त सेना ने इटली को जर्मनी से स्वतंत्र कराने के लिए व्यापक प्रयास किये और क्षेत्र से नाज़ी सेना का अधिकार समाप्त कर दिया।

 

 

3 सितम्बर सन 1971 ईसवी को कतर ब्रिटेन के अधिकार से स्वतंत्र हुआ। आज का दिन इस देश में राष्ट्रीय दिवस के रुप में मनाया जाता है। 19वीं शताब्दी में अरब प्रायद्वीप के साथ कतर भी उसमानी शासन के अधीन हो गया किंतु उसमानी शासन की शक्ति क्षीण हो जाने के कारण वर्ष 1882 से यह देश ब्रिटेन द्वारा संचालित होता था और 1916 में औपचारिक रुप से इस देश पर ब्रिटेन का अधिकार हो गया। वर्ष 1971 में फ़ार्स खाड़ी की दक्षिणी पटटी के सरदारों ने सहमति करके संयुक्त अरब इमारात की स्थापना की किंतु कतर इसी वर्ष के सितम्बर महीने में इस संघ से निकल गया और उसने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। इस देश में राजशाही शासन व्यवस्था है और वह विश्व में गैस के तीसरे बड़े भंडार का स्वामी है। क़तर की जनसंख्या बहुत कम है।

 

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13 शहरीवर सन 1357 हिजरी शम्सी को ईरान में अत्याचारी शासक शाह के विरुद्ध जनता का पहला अत्यंत व्यापक प्रदर्शन हुआ। ईद की नमाज़ के बाद यह प्रदर्शन तेहरान के चार भागों से आरंभ हुआ और थोड़ी देर में लोग सड़कों पर निकल कर एक साथ हो गये। प्रदर्शनकारी इमाम ख़ुमैनी का बड़ा सा चित्र उठाए हुए थे और स्वाधीनता, स्वतंत्रता, इस्लामी गणतन्त्र व्यवस्था का नारा लगा रहे थे।

 

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14 मुहर्रम वर्ष 1263 हिजरी क़मरी में प्रसिद्ध इस्लामी बुद्धिजीवी सैयद सदरुद्दीन मूसवी आमेली का ईरान के इस्फहान नगर  में निधन हुआ। वे लेबनान के जबल आमेल नामक क्षेत्र में जन्में थे। मूसवी आमेली बचपन में ही इराक़ चले गये और नजफ नगर में शिक्षा पूरी करने के बाद अध्ययन व शोध में व्यस्त हो गये और कुछ ही समय बाद वे इस्लामी नियमों में दक्ष हो गये। उन्होंने इस्लाम के व्यवहारिक नियम अर्थात फ़िक्ह तथा उसके सिद्धान्तों पर महत्वपूर्ण पुस्तक भी लिखी। इसी प्रकार उन्होंने अरबी व्याकरण पर भी एक किताब लिखी जिसमें उदाहरणों के लिए उन्होंने क़ुरआने मजीद की आयतों से लभ उठाया है।