शनिवार - 5 सितम्बर
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मदर टेरेसा
5 सितम्बर 1997 को विश्व प्रसिद्ध समाज सेविका मदर टेरेसा का भारत में निधन हुआ।
- 5 सितम्बर 1839 को चीन में पहला अफ़ीम युद्ध शुरू हुआ।
- 5 सितम्बर 1914 को ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम और रूस के बीच लंदन समझौता हुआ।
- 5 सितम्बर 1972 को म्यूनिख़ ओलंपिक के दौरान कुछ फ़िलीस्तीनी प्रतिरोधकर्ताओं ने ज़ायोनी शासन के अपराधों के जवाब में 11 इस्राईली एथलीटों को बंधक बना लिया और बाद में उनकी हत्या कर दी।
- 5 सितम्बर 1986 को हाईजैक विमान में मुसाफ़िरों को बचाने की कोशिश में एयर इंडिया की एयर होस्टेस नीरजा भनोट की कराची में मौत हो गई।
- 5 सितम्बर 1991 को नेल्सन मंडेला अफ़्रीक़ी नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गये।
- 5 सितम्बर 1997 को विश्व प्रसिद्ध समाज सेविका मदर टेरेसा का भारत में निधन हुआ था।
- 5 सितम्बर 1999 को फ़िलिस्तीन व इस्राईल की तथाकथित शांति वार्ता को आगे बढ़ाने हेतु तत्कालीन ज़ायोनी प्रधानमंत्री एहुद बराक तथा पीएलओ के प्रमुख यासिर अराफ़ात के मध्य मिस्र के शरमुश्शैख़ क्षेत्र में एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
5 सितंबर 1857 को फ़्रांसीसी दार्शनिक और गणितज्ञ “आगस्ट कैंट” का निधन हुआ था। उनका जन्म 17 जनवरी 1798 को हुआ। उन्होंने पेरिस में तत्कालीन विचारक सेंट साइमन के साथ वर्षों सहयोग किया। बाद में आगस्ट कैंट ने पढ़ाने का कार्य आरंभ किया। उन्हें समाजशास्त्र के संस्थापकों में से एक माना जाता है। कैंट के विचारों को समाजशास्त्र में विशेष महत्व प्राप्त है। समाजशास्त्र के अतिरिक्त गणित, दर्शनशास्त्र, भौतिकशास्त्र और खगोलशास्त्र में भी कैंट के अपने दृष्टिकोण थे। उन्होंने पाज़िटिविज़्म या तथ्यवाद के विचारों का प्रतिपादन किया। वे 19वीं शताब्दी के प्रमुख एवं प्रभावशाली विचारक रहे हैं। आगस्ट कैंट के विचारों से कार्ल मार्क्स, जान स्टुअर्टमिल और जार्ज एलियट जैसे लोग प्रभावित रहे हैं।
5 सितम्बर सन 1887 ईसवी को चीन में हवांग हू नदी का तूफान आरंभ हुआ। इस तूफ़ान से भारी बाढ़ आयी जो एक महीने तक जारी रहीं इस विनाशकारी बाढ़ ने लगभग 9 लाख लोगों की जान ले ली। कई शहर और सैकड़ों गांव बह गये तथा कृषि नष्ट हो गयी। इस नदी की लम्बाई 5 हज़ार दो सौ किलोमीटर है। यह पूर्वी चीन में बहती है।
5 सितम्बर सन 1993 ईसवी को मोरोको में इस्लामी जगत की एक भव्य मस्जिद का उदघाटन हुआ। यह आधुनिक और प्राचीन निर्माण शैली के मिश्रण का नमूना है। इसमें कुल मिलाकर एक साथ 1 लाख लोग नमाज़ पढ़ सकते हैं। बड़ी ही सुदर चूनाकारी से नमाज़ ख़ाने को सजाया गया है। इसी प्रकार मस्जिद से मिलाकर एक धार्मिक स्कूल और पुस्तालय भी बनाया गया है।

5 सितम्बर सन 1997 ईसवी को मदर टेरेसा का भारत के कोलकाता नगर मे निधन हुआ। उनकी मौत का कारण हृदय की गति का रुक जाना था। उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन दुखियों की सेवा के लिए अर्पित कर दिया था।

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15 शहरीवर सन 1357 हिजरी शम्सी को ईरान में अत्याचारी शासक शाह के विरुद्ध जनता के विरोध में तेज़ी आने के साथ ही देश के विभिन्न भागों में विरोध प्रदर्शन हुए जिसके बाद शाह की सरकार ने जो भयभीत हो चुकी थी हर प्रकार के प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया किंतु इसी बीच इराक़ के नजफ़ नगर से इमाम ख़ुमैनी का बयान आया जिसमें जनता से अपना संघर्ष जारी रखने की अपील की गयी थी। इस बयान में इमाम ख़ुमैनी ने इस्लामी लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रदर्शनों को उपासना बताया था।
इमाम ख़ुमैनी ने कहा था। मैं ईश्वर से अत्याचार के ठिकानों के मिट जाने तक जनता के अभियान के तेज़ होने और प्रभावी प्रदर्शनों के अधिक से अधिक आयोजन की प्रार्थना करता हूँ।

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16 मोहरम सन 1260 हिजरी क़मरी को अमीर अब्दुल क़ादिर अल जज़ायरी, अतिग्रहणकारी फ़्रांसीसी सेना के विरुद्ध 15 वर्ष के संघर्ष के बाद अंतत: गिरफ़तार हुए। अलजीरिया के इस स्वतंत्रता प्रेमी नेता ने अतिग्रहणकारियों को कठिनाइयों में डाल दिया था। अब्दुल क़ादिर के पकड़े जाने का कारण यह था कि उनके पास अपने संघर्ष के लिए कोई ठिकान नहीं था। पूरा देश ही फ़्रांस के अधिकार में चला गया था। अत: वे अलजीरिया और मोरक्को के सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर फ़्रांसीसी सेना के विरुद्ध संघर्ष करते थे किंतु मोरक्को के नरेश ने, जो स्वयं भी फ़्रांस का पिटठू था, अब्दुल क़ादिर को संघर्ष के लिए अपने सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रयोग से रोक दिया। इस प्रकार से फ़्रांसीसी सेना ने अब्दुल क़ादिर को गिरफ़तार कर लिया जो पूरे उत्तरी अफ़्रीक़ा में एक सरकार बनाने और अतिग्रहणकारियों को निकाल बाहर करने के प्रयास में थे। अब्दुल क़ादिर 9 वर्षों तक फ़्रांस की जेल में रहे। बाद में उन्हें इस शर्त पर कि अपने देश लौट कर न जाएं, स्वतंत्र कर दिया गया।
