सादिक आज़मी
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आदाब
हृदय से आपको धन्यवाद कहता हूं
आदाब बृहस्पतिवार की रात्रकालीन सभा में समाचारों एवं राजनैतिक चर्चा के बाद बहुत ही रोचक कार्यक्रम मनोरम कहानियाँ का आनंद लिया जिसमें दीदी मरियम मेहरदादी ने अत्यधिक लोकप्रिय कहानी अलिफलैला पर समीक्षा की और उसके इतिहास तथा उसके रचयिता से लेकर उसकी लोकप्रियता का वर्णन किया वास्तम में इतिहास पर नज़र डालें तो यह सतप्रतिशत स्पष्ट हो जाता है कि अलिफलैला एक मात्र ऐसी कहानी है जिसे न सिर्फ भारत ईरान तथा अरब देशों में लोकप्रिय है बल्कि समूचे .
विश्व में इसे पसंद किया गया इसके ऊपर न जाने कितने सीरियल बने न जीने कितनी किताबें लिखी गईं, हम बचपन से लेकर आजतक देखते आरहे हैं समय समय पर इसको लेकर टीवी या रेडियो या पत्रिकाओं में इसका उल्लेख होता रहता है, विश्व की सांस्कृतिक रूपरेखा को ऊजागर करने के क्रम में आपने इसके इतिहास को वरीयता देकर जो कार्य किया वह बहुत ही सराहना योग्य है मै
हृदय से आपको धन्यवाद कहता हूं और आशा करता हूं भविष्य में इसके इतिहास पर नज़र डालेंगे और हमारे ञान में वृद्धि करते रहेंगे, धन्यवाद प्रेषक सादिक आज़मी