Sep १४, २०१६ ०७:५८ Asia/Kolkata
  • बुधवार - 16 सितम्बर

16 सितम्बर सन 1984 ईसवी को पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कराची में सुज़ूकी के प्लांट का उदघाटन किया।

16 सितम्बर सन 1967 ईसवी को ज़ुलफ़ेक़ार अली भुट्टो ने पाकिस्तान पीपल्ज़ पार्टी का गठन किया। 
16 सितम्बर सन 1932 ईसवी को मच्छरों से फैलने वाली घातक बीमारी मलेरिया की खोज करने वाले नोबल पुरस्कार विजेता डॉ. रोनाल्ड रॉस का जन्म हुआ।
16 सितम्बर सन 1662 ईसवी को पहली बार सूर्यग्रहण को देखा गया।

16 सितम्बर सन 1882 ईसवी को इटली के प्रख्यात सैनिक नेता जोज़फ़ गेरी बॉल्डी का 75 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उनका जन्म 1807 ईसवी में हुआ था युवावस्था में वे विभिन्न काम करने के पश्चात सेना में भर्ती हो गये। सेना में उन्होंने बड़ी तेज़ी से प्रगति की। अंतत: वे इटली के स्वतंत्रता प्रेमियों के कमांडर बन गये। इस पद पर रहते हुए गेरीबॉल्डी ने अखंड इटली के गठन के लिए बहुत अधिक प्रयास किये इसी कारण उन्हें राष्ट्रीय नायक के रुप में पहचाना गया।

 

16 सितम्बर सन 1931 ईसवी को इटली के साम्राज्यवाद के विरुद्ध लीबिया राष्ट्र के संघर्ष के नेता उमर मुख्तार को फांसी दे दी गयी। उमर मुख़तार का जन्म 1859 ईसवी में हुआ था। वे एक धर्मगुरु थे। 1895 ईसवी में वे सूडान चले गये उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध मेहदी सूडानी के आंदोलन में भाग लिया परंतु इस आंदोलन की विफलता के पश्चात वे पुन: लीबिया लौट गये। 1911 में इटली ने उस्मानी शासन से युद्ध करके लीबिया को अपने नियंत्रण में ले लिया। उमर मुख्तार ने लीबियाई कबीलों के योद्धाओं की सहायता से इटली के अतिग्रहणकारियों के विरुद्ध सशस्त्र आंदोलन आरंभ किया और उन्हें भारी क्षति पहुँचाई परंतु इटली के सैनिकों ने अंतत: उन्हें गिरफ़तार कर लिया और आज ही के दिन उन्हें फांसी दे दी गई।

 

16 सितम्बर सन 1939 ईसवी को पोलैंड की राजधानी वार्सा को जर्मनी के सैनिकों ने द्वितीय विश्व युद्ध के पहले महीनें में अपने घेरे में ले लिया। नाजी जर्मनी के सैनिकों ने इससे 15 दिन पूर्व पोलैंड पर आक्रमण किया जर्मनी और सोवियत संघ की सेनाओं द्वारा दो ओर से घिरे जाने के बावजूद पोलैंड की सेना ने वार्सा की सुरक्षा के लिए कड़ा प्रतिरोध किया किंतु 11 दिनों के संघर्ष और बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने के बाद वार्सा पर जर्मनी का नियंत्रण हो गया इस आक्रमण से पूर्व ही जर्मनी और सोवियत संघ के बीच हस्ताक्षरित होने वाले एक गुप्त समझौते के आधार पर पोलैंड को इन दोनों देशों ने आपस में बॉट लिया था।

 

 

***

26 शहरीवर सन 1359 हिजरी शम्सी को इराक़ी सरकार ने ईरान के साथ अलजज़ायर नामक समझौते को एकतरफ़ा तौर पर निरस्त कर दिया। यह समझौता दोनों देशों की सीमा से संबंधित था। आज ही के दिन सददाम हुसैन ने रेडियो और टेलीवीज़न द्वारा प्रसारित हो रहे अपने भाषण के बीच उक्त समझौते को फ़ाड़ दिया और कुछ ही दिनों बाद साम्राज्यवादी शक्तियों का प्रोत्साहन पाकर ईरान पर अतिक्रमण आरंभ कर दिया। इस अतिक्रमण के कारण दोनों देशों में आठ वर्षों तक युद्ध चला। 
उल्लेखनीय है कि अलजज़ायर समझौते में ईरान और इराक़ की सीमाओं का स्पष्ट किया गया था। वर्ष 1369 में सददाम हुसैन ने विवशत: उक्त समझौते को फिर से औपचारिकता दे दी।

 

***

27 मोहर्रम सन 1306 हिजरी क़मरी को ईरान के विख्यात मुसलमान धर्मगुरु और विद्वान “मुल्ला अली कनी” का तेहरान में निधन हुआ। उन्होंने इस्लामी विषयों का गहन अध्ययन किया और शैख़ मुर्तज़ा अन्सारी जैसे इस्लामी संसार के विख्यात धर्मगुरुओं से शिक्षा ली।

वे कड़े परिश्रम के बाद मुजतहिद बने। शिक्षा प्राप्ति के बाद उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों की यात्राएं की और अंतत: स्वदेश लौटे और तेहरान में शिक्षण प्रशिक्षण में व्यस्त हो गये। मुल्ला अली कनी तत्कालीन शासकों के अत्याचारों और गलत क्रिया कलापों का खुलकर विरोध करते थे। उन्होंने तत्कालीन अत्याचारी क़ाजार शासक के विरुद्ध आंदोलन का नेतृत्व किया। उनकी पुस्तकों में अलक़ज़ा वश्शहादा आदि का नाम लिया जा सकता है।