गुरुवार - 17 सितम्बर
17 सितम्बर सन 1939 ईसवी को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान रूस का पोलैंड का क़ब्ज़ा हो गया।
17 सितम्बर सन 1598 ईसवी को नीदरलैंड के नाविक ने मॉरिशस की खोज की।
17 सितम्बर सन 1915 ईसवी को भारत के लोकप्रिय चित्रकार मक़बूल फ़िदा हुसैन का जन्म हुआ।
17 सितम्बर सन 1983 ईसवी में अमेरिका में पहली बार किसी अश्वेत महिला ने मिस प्रतियोगिता जीती। इस महिला का नाम वेनेसा विलियम्स था। वैसे बाद में उन्हें यह ख़िताब लौटाना पड़ा।
17 सितम्बर सन 1948 ईसवी को फिलिस्तीन के मामलों तथा अरबों और जायोनी शासन के बीच होने वाले प्रथम युद्ध में संयुक्त राष्ट्र संघ के मध्यस्थ कोंट बर्नाडोट की बैतुल मुक़ददस के यहुदी बाहुल्य वाले क्षेत्र में हत्या कर दी गयी। उन्हें फ़िलिस्तीन समस्या तथा अरबों और इस्राईल के बीच होने वाले युद्ध की समाप्ति के लिए समाधान खोजने का उत्तरदायित्व सौंपा गया था। बर्नार्डोट ने अपनी योजना में ज़ायोनी शासन के अस्तित्व को स्वीकार करने के अतिरिक्त फिलिस्तीनियों को भी कुछ विशिष्टताएं देने का प्रावधान रखा था। इस विषय ने ज़ायोनियों को क्रोधित कर दिया और उन्होंने बर्नाडोट की हत्या कर दी।
17 सितम्बर सन 1982 ईसवी को लेबनान के सबरा व शतीला नामक शिविरों में रहने वाले असैनिक फिलिस्तीनियों का ज़ायोनी शासन समर्थित छापामारों ने बड़ी निर्ममता से जनसंहार किया। जून 1982 में ज़ायोनी शासन के डेढ़ लाख सैनिकों ने लेबनान पर आक्रमण कर दिया था और पीएलओ के सदस्य सैनिकों को लेबनान की राजधानी बैरुत से बाहर निकालने के पश्चात इस नगर पर क़ब्ज़ा कर लिया जिसके बाद 17 सितम्बर की सुबह को ज़ायोनी सेना ने सबरा व शतीला नामक शरणार्थी शिविरों का परिवेष्टन कर लिया और लेबनान के छापामारों ने उक्त शिविरों में असैनिकों का जनसंहार किया। 40 घंटों तक जारी रहने वाले इस बर्बर व अमानवीय अपराध में 3 हज़ार 200 फिलिस्तीनी मारे गये।
17 सितम्बर सन 1948 ईसवी को जर्मनी के लेखक इमिल लडविग का निधन हुआ। वे 1881 में पैदा हुए थे। उन्होंने जर्मनी के राष्ट्रपति बेसमार्क की जीवनी लिखकर 19वीं शताब्दी में प्रसिद्धि प्राप्त की। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लडविग ने कुछ बड़े नेताओं जैसे रोज़वेल्ट, चर्चिल और स्टालिन से साक्षात्कार किये और उनकी जीवनी लिखी। उन्होंने कई ड्रामे और कथाएं भी लिखीं हैं।

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27 शहरीवर सन 1367 हिजरी शम्सी को ईरान के प्रसिद्ध शायर मोहम्मद हुसैन शहरयार का निधन हुआ। वे वर्ष 1283 हिजरी शम्सी में ईरान के उत्तर पश्चिम में तबरेज़ नगर में पैदा हुए। 23 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना पहला पद्य संकलन प्रकाशित किया। वे फ़ार्सी भाषा के विख्यात शायरों में गिने जाते हैं।
वे ईरान की इस्लामी क्रान्ति की लड़ाई में भी जनता के साथ रहे। अपने शेरो में भी उन्होंने तत्कालीन वातावरण को प्रतिबिंबित किया है।
वे एक धार्मिक व्यक्ति थे ईश्वरीय पुस्तक क़ुरआन से उन्हें विशेष लगाव था।
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28 मोहर्रम सन 656 हिजरी क़मरी को इराक़ के बग़दाद नगर पर हलाकूख़ान का अधिकार हो गया। उस समय बग़दाद अब्बासी शासन की राजधानी था। इस युद्ध में हलाकूख़ान की सेना ने अब्बासी शासक मुतासिम को मार कर इस शासन श्रृंखला का अंत कर दिया। हलाकू ख़ान ने सीमा विस्तार के अपने अभियान में किसी भी तरह के अपराध करने में संकोच नहीं किया। उसने ईरान के कुछ भागों पर अधिकार करने और इन क्षेत्रों की जनता का जनसंहार करने के बाद बग़दाद पर धावा बोला और हज़ारों लोगों का ख़ून बहाया तथा बहुत सी महत्वपूर्ण इमारतों को ध्वस्त कर दिया।