मंगलवार - 29 सितम्बर
29 सितम्बर सन 1902 ईसवी को फ़्रांसीसी लेखक एमील ज़ोला की मृत्यु हुई।
उन्होंने बहुत सी पुस्तकें लिखीं जिनमें नाना और जर्मिनल नामक पुस्तकें प्रसिध हुईं।
29 सितम्बर सन 1901 ईसवी को इटली के भौतिक शास्त्री एन्रिको फ़र्मी का रोम नगर में जन्म हुआ। फ़र्मी ने विभिन्न तत्वों के अणुओं में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन किया और अंतत: अणु को तोड कर तथा उसकी उर्जा को निकाल कर आणविक बैटरी बनाने में सफलता प्राप्त की। वर्ष 1954 ईसवी में उनका निधन हुआ।

29 सितम्बर सन 1918 ईसवी को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बुलग़ारिया ने, फ़्रांस और ब्रिटेन की संयुक्त सेना के सामने हथियार डाल दिए। प्रथम विश्व युद्ध में यह देश जर्मनी आस्ट्रिया हंग्री और उसमानी शासन का घटक था।
29 सितम्बर सन 1992 ईसवी को अफ़्रीक़ा महाद्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित देश अंगोला में पहली बार स्वतंत्र चुनाव आयोजित हुए। इस चुनाव में एम्पला पार्टी को सफलता मिली जो वर्ष 1976 ईसवी से सत्ता में थी इस पार्टी के नेता ख़ोज़े एडवर्डो डॉस सैन्टोस दूसरी बार इस देश के राष्ट्रपति बने। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1975 में पुर्तग़ाल से स्वाधीन होने के बाद अंगोला में आंतरिक युद्ध आरंभ हो गया यह युद्ध एम्पला और युनिटा पार्टियों के बीच रहा था। एम्पला की सोवियत संघ और क्यूबा सहायता कर रहे थे जबकि युनिट को अमरीका और दक्षिणी अफ़्रीक़ा का समर्थन प्राप्त था।
29 सितंबर वर्ष 2011 को पाकिस्तान के प्रसिद्ध राजनेता राव सिकंदर इक़बाल का गुर्दे की लंबी बीमारी में निधन हो गया। वे पाकिस्तान के रक्षामंत्री, खाद्य और कृषिमंत्री, खेल और पर्टन मंत्री रह चुके थे। उनका जन्म वर्ष 1942 में हुआ था। वे पाकिस्तान पिपल्ज़ पार्टी के एक संस्थापक सदस्य थे। उन्हें सैन्य तानाशाही काल के दौरान एमआरडी आंदोलन में सक्रिय होने पर कई बार जेल भी जाना पड़ा। बेनज़ीर भुट्टो की सरकार के पहले काल में उन्हें खाद्य और कृषि मंत्री बनाया गया जबकि वर्ष 1993 में वे एक बार फिर बेनज़ीर के मंत्रीमंडल में शामिल हुए और उन्हें खेल और पर्टयन मंत्रालय सौंपा गया। वर्ष 2002 में परवेज़ मुशर्रफ़ के काल में उन्होंने पिपल्ज़ पार्टी को छोड़कर पिपल्स पार्टी पेट्रियाट के नाम से अपना राजनैतिक दल बनाया और फिर उसे मुस्लिम लीग क्यू में मिला दिया। वे वर्ष 2002 से 2007 तक रक्षामंत्री रहे।
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11 सफ़र सन 501 हिजरी क़मरी को प्रसिद्ध मुस्लिम धर्मगुरु और इतिहासकार जाफ़र बिन हुसैन बिन अहमद का दक्षिणी लेबनान के सूर नगर में निधन हो गया। वे सेराज के नाम से प्रसिद्ध थे। सन 419 हिजरी क़मरी में उनका जन्म हुआ था।
पढ़ने में विशेष रुचि को देखते हुए उनके माता पिता ने उन्हें इस्लामी शिक्षा ग्रहण करने में लगा दिया। उन्होंने कुछ ही समय में फ़िक़ह हदीस केराअत आदि इस्लामी विषयों और इसी प्रकार अरबी साहित्य में भी दक्षता प्राप्त कर ली। अधिक ज्ञान प्राप्त करने की अभिलाषा में उन्होंने दूसरे क्षेत्रों यहां तक कि दूसरे देशों की यात्राएं भी कीं। वे मिस्र और सीरिया भी गये।
सेराज ने बड़े ही सुंदर शेर लिखे हैं। निज़ामुल मनासिक के नाम से उनका एक पद्य संकलन अब भी सुरक्षित है।