गुरुवार - 27 फ़रवरी
27 फ़रवरीसन 1509 ईसवी को पुर्तगाल के खोजी पेडरो आलवर्ज़ कैबरेल द्वारा ब्राज़ील की खोज के 9 वर्ष बाद इस देश पर पुर्तगाल के दीर्घकालीन वर्चस्व का आरंभ हुआ।
1822 में ब्राज़ील की स्वतंत्रता तक हॉलैंड, और फ़्रांस ने कई बार इस विशाल क्षेत्रफल वाले देश पर क़ब्ज़ा करने का प्रयास किया किन्तु वे सफल न हो सके। पुर्तगालियों ने अपने वर्चस्व के काल में 30 लाख से अधिक काले दासों को ब्राज़ील पहुंचाया और वहॉ अपने गन्ने के खेतों में उनसे काम कराया। ब्राज़ील की स्थानीय जनता ने कई बार पुर्तगालियों के विरुद्ध विद्रोह किया किंतु हर बार उसे कुचल दिया गया। 1822 में ब्राज़ील के स्वतंत्रहोने के दसियों वर्ष बाद तक भी इस देश पर पुर्तगाल का प्रभाव बना रहा।
27 फ़रवरीसन 1701 ईसवी को पोलैंड और स्वीडन के बीच 6 वर्षीय युद्ध का आरंभ हुआ। चार्ल 12वें के नेतृत्व में स्वीडान की सेना द्वारा पोलैंड पर आक्रमण के बाद यह युद्ध भड़का।
27 फ़रवरी 1844 ईसवी को डोमिनिकन से पड़ोसी देश हाइटी का अतिग्रहण समाप्त हुआ और डोमिनिकन को स्वतंत्रता मिली। इस भूखंड को सन 1492 ईसवी में क्रिस्टोफ़र कोलम्बस ने खोजा था और इस प्रकार यह स्पेन का भाग बन गया। इस पर तीन शताब्दियों तक स्पेन का अधिकार जारी रहा यहॉ तक कि 1801 ईसवी में हाइटी के क्रान्तिकारी नेता टॉसन लोवरटर ने इस देश पर स्पेन का अधिकार समाप्त किया और इसे अपने अधिकार में ले लिया। 1844 ईसवी में डोमिनिकन में जनता ने विद्रोह किया जिसके बाद हाइटी की सेना पीछे हटने पर विवश हो गयी। और डोमिनिकन ने स्वाधीनता प्राप्त कर ली। 1916 में अमरीका ने इस देश पर अधिकार कर लिया किंतु जनता के व्यापक विरोध के बाद 1924 में दोनों देशों के बीच समझौता हुआ जिसके आधार पर अमरीकी सैनिकों ने धीरे धीरे इस देश को छोड़ा। इसी बीच कर्नल ट्रोख़ीलो ने 1930 में एक विद्रोह करके डोमिनकन की सत्ता हथिया ली। उन्होंने तीस वर्ष तक इस देश की जनता पर जमकर अत्याचार किये यहॉ तक कि एक गुट ने उन्हें मार डाला। इसके बाद भी इस देश में अमरीका का हस्तक्षेप जारी रहा। यह देश केंद्रीय अमरीका और कैरेबियन सागर में स्थित है। इसका क्षेत्रफल लगभग 50 हज़ार वर्ग किलोमीटर है।
27 फ़रवरीसन 1942 ईसवी को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के युद्धक विमानों ने संयुक्त नौसेना पर भारी आक्रमण आरंभ किया यह भीषण, हमला प्रशांत महासागर में अमरीका ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन की बहुत सी नौकाओ और जहाज़ों के डूब जाने के बाद समाप्त हुआ।
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8 इसफ़ंद सन 1364 हिजरी शम्सी को ईरान के संगीतकार उस्ताद गुलाम हुसैन बनान का एक बीमारी के बाद निधन हो गया। उस्ताद बनान सन 1290 हिजरी शम्सी में पैदा हुए थे और युवाकाल से उन्होंने संगीत के क्षेत्र में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। सन 1321 हिजरी शम्सी में उन्होंने रेडियो पर गायन आरंभ कया और ईरान में एक अच्छे गायक और कुशल संगीतकार के रुप में विख्यात हो गये उन्हें शास्त्रीय और आधुनिक दोनों संगीतों का पूर्ण ज्ञान था। उन्होंने ईरानी रेडियो पर लगभग 450 रचनाये प्रस्तुत कीं।

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3 रजब सन 254 हिजरी क़मरी को पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र हज़रत इमाम अली नक़ी अलैहिस्सलाम को शहीद कर दिया गया। वे सन 212 हिजरी क़मरी में मदीना नगर के निकट पैदा हुए थे और अपने महान पिता इमाम मुहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम द्वारा प्रशिक्षण पाया। उन्होंने इस्लामी शिक्षाओं के प्रचार के लिए कठिन परिश्रम किये। वैचारिक सामाजिक और धार्मिक मामलों तथा समस्याओं के समाधान के लिए वे सदा प्रयासरत रहे। उन्होंने किसी को भी कभी भी किसी का ख़ाली हाथ वापस नहीं लौटाया। चाहे किसी ने उनके सामने आर्थिक आवश्यकता रखी हो या फिर ज्ञान की बुझानी चाही हो। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए अब्बासी शासक सदा भयभीत रहते यहॉ तक कि आज के दिन उन्हें शहीद करवा दिया गया। हम इस अवसर पर अपने सभी श्रोताओं की सेवा में हार्दिक संवेदना प्रकट करते है।