मंगलवार- 8 जनवरी
8 जनवरी सन 1929 ईसवी को हालैंड और वेस्ट इंडीज़ के बीच पहला टेलीफ़ोनी संपर्क हुआ।
8 जनवरी सन 1984 ईसवी को पहली भारतीय महिला पायलट सुषमा मुखोपाध्याय का निधन हुआ।
8 जनवरी सन 1984 ईसवी को उत्तर कोरिया के तीसरे सर्वोच्च नेता किम जोंग उन का जन्म हुआ।
8 जनवरी सन 2003 ईसवी को आइंस्टाइन के इस विचार को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित किया गया कि गुरुत्वाकर्षण और बिजली की रफ़तार बराबर है।
8 जनवरी सन 1642 ईसवी को इटली के भौतिकशास्त्री खगोल शास्त्री और विद्वान गैलीलियो गैलीले का 78 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे 1564 ईसवी में पीज़ा नगर में पैदा हुए थे। 19 वर्ष की आयु तक वे साहित्य की शिक्षा में लगे रहे उसके बाद उन्होने भौतिक शास्त्र और गणित की शिक्षा आरंभ की। उन्होंने विख्यात मुसलमान खगोलशास्त्री इब्ने हैसम के नियमों का सहारा लेकर रसदगाह या आबज़रवेटरी के लिए एक दूरबीन बनाई जिससे उन्होंने यह साबित किया कि चंद्रमा का धरातल ऊँचा नीचा है तथा आकाश गंगा अनेकों छोटे बड़े तारों का समूह है।
इसी प्रकार उन्होंने यह भी सिद्ध किया कि सूर्य सौरमंडल का केंद्र है और इस मंडल के दूसरे सारे ग्रह उसे चारों ओर चक्कर लगाते हैं। गैलीलियो इस विचार के फैलने के बाद कि धरती सूर्य के चारों ओर चक्कर काटती है रोम के गिरजाघर ने उनपर मुकददमा चलाया और गैलीलियो को विवश होकर इससे इनकार करना पड़ा कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर काटती है।
8 जनवरी सन 1968 ईसवी को अमरीका में कालों के संघर्ष के नेता मार्टिन लूथर किंग को अज्ञात आक्रमणकारियों ने गोली मार दी जिससे उनकी मृत्यु हो गयी। वे 1929 में अटलांटा नगर में पैदा हुए थे। आरंभ में उन्होंने बोस्टन विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की और फिर जातीय भेदभाव के विरूद्ध कालों के संघर्ष में शामिल हो गये। उस समय अमरीका के काले लोगों ने जातीय भेदभाव तथा कालों से श्वेतों की श्रेष्ठता से संबंधित कानूनों के विरूद्ध देश व्यापी आंदोलन छेड़ दिया था और अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए प्रयासरत थे।
मार्टिन लूथर किंग की हत्या का रहस्य खुल नही सका किंतु कुछ प्रमाणों के अनुसार उनकी हत्या में अमरीका की गुप्तचर सेवा सी आई ए का हाथ था। मार्टिन लूथर जो कालों की सफलता के संघर्ष में उनकी दृढ़ता को स्थायित्व पर निर्भर बताते थे कालों के बीच भाषण देते और संघर्ष को जारी रखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते।
मार्टिन लूथर किंग ने भेदभाद के विरूद्ध कई प्रदर्शनो का नेतृत्व किया कालों के अधिकारों की प्राप्ति हेतु अनथक प्रयास करने के लिए उन्हें सन 1964 में नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।
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18 दैय सन 1230 हिजरी शम्सी को ईरान में क़ाजार शासन काल के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ मंत्री मिर्ज़ा तक़ी ख़ान अमीर कबीर को क़ाजार नरेश नासेरुददीन शाह के आदेश पर मार डाला गया। अमीर कबीर ने अपना बचपन बड़ी कठिनाइयों में बिताया और काजार शासकों द्वारा निचले वर्ग के लोगों के साथ किये जाने वाले अत्याचारों और अन्याय का निकट से आभास किया। वे धीरे धीरे बड़े अनुभवी और बुद्धिमान हो गये उनकी योग्यताओं की चर्चा सुनकर नासेरुददीन शाह ने उन्हें अपना महामंत्री चुन लिया।
अमीर कबीर एक देशप्रेमी स्वतंत्र एवं धार्मिक व्यक्ति थे उन्होंने ईरान में संस्कृति और शिक्षा एवं प्रशिक्षा के क्षेत्र में सुधार किये। वे जनता की सेवा में लगे रहे और अपने छोटी सीअविध वाले मंत्री काल के दौरान भी उन्होंने बहुत से सराहनीय कार्य किये। उन्होंने ईरान में विदेशियों के हस्तक्षेप को रोकने के लिए व्यापक प्रयास किये।
कला विद्यालय की स्थापना लाभदायक पुस्तकों का अनुवाद और प्रकाशन सांस्कृतिक एवं ज्ञानपूर्ण समाचार पत्र निकालना उनके सराहनीय कार्यों में से हैं।
उनके प्रयासों और प्रगति को देखकर विदेशी शक्तियों ने अपने हितों को ख़तरे में देखा और परिणाम स्वरुप उनकी हत्या करवा दी गयी।
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12 जमादिउल अव्वल वर्ष 953 हिजरी क़मरी को दमिश्क़ के प्रसिद्ध धर्मशास्त्री, साहित्यकार और इतिहासकार इब्ने तूलून दमिश्क़ी का देहान्त हुआ। इब्ने तूलून दमिश्क़ी सन 880 हिजरी क़मरी में दमिश्क़ में जन्मे। उनका सारा जीवन शोध, पुस्तके लिखने और पढ़ने पढ़ाने में बीता। इब्ने तूलून ने अपने समय के प्रचलित ज्ञान प्राप्त करने के बाद इल्मे हदीस अर्थात पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम और उनके परिजनों के कथनों से संबंधित ज्ञान का रूख़ किया। उन्होंने क़ुरआन से संबंधित ज्ञान, हदीस, धर्मशास्त्र, अरबी साहित्य, चिकित्सा और अंतर्ज्ञान के बारे में बहुत से पुस्तकें लिखी हैं। इब्ने तूलून ने जो पुस्तकें लिखी हैं वे अद्वितीय हैं। वह इन ज्ञानों के अतिरिक्त इतिहास, भूगोल और साहित्य विशेषकर शायरी में भी रूचि रखते थे । उनकी पुस्तक अस्सफ़ीनतुतूलूनिया विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
