शुक्रवार- 10 जनवरी
1616, आगरा में ब्रिटिश राजदूत सर थॉमस रो ने अजमेर में मुग़ल सम्राट जहांगीर से मुलाक़ात की।
1839, भारतीय चाय ब्रिटेन पहुंची।
1863, लंदन में विश्व की पहली भूमिगत रेल की सेवा शुरू हुई।
1912, ब्रिटिश नरेश जार्ज पंचम और रानी मैरी ने भारत छोड़ा।
1916, प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रूस ने ओटोमन साम्रज्य को हराया।
1920, राष्ट्रसंघ की स्थापना हुई। वर्साय संधि के आधिकारिक तौर पर प्रभाव में आने से प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हुआ।
1946, लंदन में संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली बैठक में 51 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
1954, ब्रिटेन का कॉमेट जेट भूमध्यसागर में दुर्घटनाग्रस्त, विमान में सवार सभी 35 लोग मारे गए। कॉमेट दुनिया का पहला जेट विमान था जिसे ब्रिटेन ने बनाया था।
1972, पाकिस्तान में जेल में 9 महीने से अधिक समय तक क़ैद में रहने के बाद शेख़ मुजीबुर्रहमान बंगलादेश पहुंचे।
1991, संयुक्त राष्ट्र महासचिव जेवियर पेरेज़ द कुइयार खाड़ी युद्ध टालने की अपनी आखिरी कोशिश के तहत इराक़ की राजधानी बग़दाद पहुंचे।
2003, उत्तर कोरिया परमाणु अप्रसार संधि से बाहर हो गया।
2006, भारत के पूर्व प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी को प्रति वर्ष विश्व हिन्दी दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की।
10 जनवरी सन 1623 ईसवी को इटली के वेनीज़ नगर में गाज़ेता नामक विश्व का पहला समाचार पत्र प्रकाशित हुआ। चूंकि इसका मूल्य एक गज़ेता था इस लिए इसका नाम भी गाज़ेता पड़ गया। गाज़ेत, वीनल की मुद्रा का नाम है। इसके बाद बहुत से देशों में समाचार पत्रों को गाज़त कहा जाने लगा था।
10 जनवरी सन 1824 ईसवी को ब्रिटेन के रसायनशास्त्री जोज़फ स्पीडियन ने पहली बार का उत्पादन किया सीमेंट बनाई। उनकी इस उपलब्धि को निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति समझा जाता है। वे बहुत दिनों से कोई ऐसा पदार्थ बनाने के प्रयास में थे जो इमारतों को मज़बूती प्रदान करे। बहुत दिनों के अध्ययन और शोधकार्य के बाद अंतत: वे सीमेंट बनाने में सफल हो गये। बाद में सीमेंट में कुछ और पदार्थों को मिलाकर इसे और भी मज़बूत बना दिया गया।
10 जनवरी सन 1920 ईसवी को जेनेवा में लीग आफ नेशन्स ने औपचारिक रुप से अपना कार्य आरंभ किया। प्रथम विश्व युद्ध के बाद यह संगठन अस्तित्व में आया था। आरंभ में अफ़्रीक़ी देश और सोवियत संघ इस संगठन में शामिल नहीं हुए और ब्रिटेन तथा फ़्रांस ने भी केवल इस संगठन का समर्थन ही किया था। लीग आफ नेशन्स के प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया था कि सदस्य देश परस्पर सम्मान के आधार पर अपने संबंध स्थापित करें और शत्रु के मुक़ाबले में एक दूसरे की अखंडता की रक्षा करें। इसी प्रकार किसी सदस्य देश द्वारा संगठन के प्रस्ताव का उल्लंघन किये जाने की स्थिति में उसके लिए दंड का भी निर्धारण किया गया था किंतु लीग आफ नेशंस के प्रस्तावों और निर्णयों को लागू करने के लिए आवश्यक संभावनाओं का अभाव था जो इस संगठन के लिए महत्वपूर्ण समस्या और बाद में इसके भंग होने का करण बना यही समस्या कारण बनी कि द्वितीय विश्व युद्ध से पहले सामने आने वाले संकटों के दौरान बड़ी शक्तियां विशेषकर इटली और जर्मनी इस संगठन की अनदेखी कर दी । द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अप्रैल सन 1946 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने उक्त संगठन की जगह ली किंतु लीग आफ नेशन्स के ढांचे की कुछ समस्याएं संयुक्त राष्ट्र संघ में भी मौजूद हैं।

10 जनवरी सन 1963 ईसवी को स्वीज़रलैंड के सोलवेल और टीटस नामक के दो व्यक्ति इलेक्ट्रानिक घड़ी बनाने में सफल हुए। इस घड़ी में चाबी भरने की आवश्यकता नहीं होती थी।

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3 जमादिल अव्वल सन 1292 हिजरी क़मरी को मुसलमान विद्वान, धर्मगुरु और कवि आयतुल्लाह मीरज़ा अबु अब्दिल्लाह शैख़ुल इस्लाम ज़न्जानी का स्वर्गवास हुआ। वे सन 1224 हिजरी क़मरी में ईरान के ज़न्जान नगर में जन्मे। वे कम आयु में ही ज्ञान की प्राप्ति के लिए इस्फ़हान चले गए। इस्फ़हान के धार्मिक शिक्षा केन्द्र से जो उस समय धार्मिक ज्ञानों के प्रतिष्ठित केन्द्रों में गिना जाता था, अपनी शिक्षा पूरी करने के पश्चात वे ज़न्जान वापस आ गए और वहां शिक्षा शिक्षा में व्यस्त हो गए। आयतुल्लाह ज़न्जानी ने अनेक किताबें लिखीं हैं जिनमें हुज्जतुल अबरार और हेदायतुल मुत्तक़ीन उल्लेखनीय हैं।

3 जमादिउल औवल सन 1307 हिजरी क़मरी को इराक़ के काज़मैन नगर में वरिष्ठ धर्मगुरु हाज सैयद इस्माईल सद्र का निधन हुआ। उन्होंने आरंभिक शिक्षा अपने भाई से प्राप्त की और फिर उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए वे पवित्र नगर नजफ़ गये जहॉं उन्होंने इस्लामी विषयों का पूर्ण ज्ञान प्राप्त किया।