गुरुवार- 16 जनवरी
1581, ब्रिटिश संसद ने रोमन कैथोलिक मत को ग़ैर क़ानूनी घोषित किया।
1761, अंग्रेज़ों ने पांडेचेरी को फ़्रांसीसियों के क़ब्ज़े से निकालकर ख़ुद उस पर क़ब्ज़ा कर लिया।
1769, कोलकाता के अकरा को पहली बार सुनियोजित घुड़दौड़ का आयोजन किया गया।
1920, 'लीग ऑफ़ नेशंस' ने पेरिस में अपनी पहली काउंसिल मीटिंग की।
1943, इंडोनेशिया के अंबोन द्वीप पर अमरीकी वायुसेना ने पहला हवाई हमला किया।
1969, सोवियत अंतरिक्ष यानों 'सोयुज-4' और 'सोयुज-5' के बीच पहली बार अंतरिक्ष में सदस्यों का आदान-प्रदान हुआ।
1991, अमरीका और उसके घटक देशों ने अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए इराक़ पर हमला शुरू कर दिया।
2003, भारतीय मूल की कल्पना चावला दूसरी बार अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना हुईं।
16 जनवरी सन 1846 ईसवी को मौक्सिको पर अमरीका के आक्रमण के साथ ही इन दोनों देशों के बीच दो दिवसीय युद्ध आरंभ हुआ। इस आक्रमण के लिए अमरीका ने यह बहाना बनाया था कि मौक्सिको में अमरीकी पलायनकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है जबकि वास्तव में अमरीका मैक्सिको के एक भाग विशेषकर टेक्सास राज्य को अपने अधिकार में लेने के प्रयास में था। इस युद्ध के अंत तक अमरीका ने मैक्सिको के टेक्सास, नवाडा,यूटा, एरिज़ोना और न्यू मैक्सिको क्षेत्रों पर क़बज़ा कर लिया।
16 जनवरी सन 1889 ईसवी को मिस्र के विख्यात लेखक व साहित्यकार ताहा हुसैन का जन्म हुआ। यह महान अध्ययनकर्ता बाल्यकाल में ही नेत्रहीन हो गये थे किंतु अपनी तेज़ बुद्धि के प्रयोग से अन्होंने सन 1918 तक मिस्र और फ़्रांस के विश्वविद्यालयों से डॉक्ट्रेट की डिग्री प्राप्त की। फिर वे सांस्कृतिक कार्यों में लग गये और उन्होंने सराहनीय प्रयास किये। उनके प्रयासों में मिस्र के इस्कन्दरिया और उसयूत विश्वविद्यालयों की स्थापना का नाम लिया जा सकता है। ताहा हुसैन कुछ समय तक मिस्र के संस्कृति मंत्री भी रहे। उनहोंने कई महत्वपूर्ण पुस्तकें भी लिखी हैं।
16 जनवरी सन 1920 ईसवी को अमरीका में अलकोहल बनाने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया जिसके साथ ही इस देश में प्रतिबंधों का काल आरंभ हुआ।
16 जनवरी सन 1992 ईसवी को अलजीरिया के नेता मोहम्मद बू ज़ियाफ़ स्वेदश लौटे और उन्हें 5 सदस्यीय राष्ट्रपति परिषद के अध्यक्ष के रुप में शपथ दिलायी गयी। उन्हें देश निकाला देकर फ़्रांस भेज दिया गया था जहॉ उन्होंने 27 वर्ष देशनिकाला का जीवन बिताया था।
16 जनवरी सन 2002 ईसवी को संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने अलक़ायदा पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया।
16 जनवरी सन 1865 ईसवी को फ्रांस के लेखक और दर्शनशास्त्री पियर जोज़फ़ प्राउडहोन का निधन हो गया वे वर्ष 1809 ईसवी में एक ग़रीब परिवार में जन्मे। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने एक पुस्तक लिखी जिसका शीर्षक है स्वामित्व क्या है? इस पुस्तक से उन्हें बड़ी ख्याति मिली। प्राउडहोन हालांकि सोशलिस्ट विचार के लेखक थे किंतु स्वतंत्रता के प्रबल पक्षधर भी समझे जाते थे। उनका विचार था कि सरकार तथा सम्पत्ति का स्वामित्व ही सारे झगड़े की जड़ है। यह फ्रांसीसी लेखक मज़दूरों के अधिकारों के रक्षक थे। उन्होंने न्याय क्रान्ति और गिरजाघर में, ग़रीबी का तर्क आदि उनकी प्रख्यात पुस्तकें हैं।
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26 दैय सन 1357 हिजरी शम्सी को ईरान में जनता के विरोध प्रदर्शनों में बहुत तीव्रता आ जाने के बाद पहलवी शासन श्रृंखला का अंतिम शासक मोहम्मद रज़ा पहलवी उपचार के बहाने ईरान से भाग निकला। सन 1320 हिजरी शम्सी को उस समय वह सत्ता में आया जब उसके पिता रज़ा शाह को द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी का साथ देने के कारण ब्रिटेन ने देश निकाला दे दिया। मोहम्मद रज़ा शाह के ईरान से भागने के बाद अमरीका और ब्रिटेन ने मिलकर ईरान में जनता का दमन आरंभ करवाया और शाह फिर से ईरान लौटा और वह ईरान में अमरीका तथा ब्रिटेन की नीतियों को लागू करने का साधन बन गया।
शाह के फरार के बाद इमाम ख़ुमैनी ने अपने संदेश में लिखा था कि सत्ता से हटे बिना शाह का देश से निकल जाना परिस्थितियों में किसी तरह का बदलाव नहीं । इस लिए पहलवी सरकार का पूरी तरह पतन होना चाहिए।

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20 जमादिल अव्वल सन 682 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत के विख्यात धर्मगुरू अध्ययनकर्ता मोहम्मद बिन हसन हिल्ली का इराक़ के हिल्ला नगर में जन्म हुआ। वे फ़ख़रुल मोहक़्क़ेक़ीन की उपाधि से प्रसिद्ध थे। उनकी शिक्षा-दीक्षा उनके पिता अल्लामा हिल्ली के निरीक्षण में हुई जो स्वयं भी एक वरिष्ठ धर्मगुरू थे। फ़ख़रुल मोहक़्क़ेक़ीन को जितनी ख्याति ज्ञान के कारण मिली उतनी ही प्रसिद्धी उन्हें उनके सदकर्मों और त्यागी जीवन के चलते भी प्राप्त हुई। उन्होंने तफ़सीर, फ़िक़ह, उसूले फ़िक़ह और कलाम आदि इस्लामी विषयों में बहुत मूल्यवान अध्ययन और शोध कार्य किये। तहसीलुन्नजात और, अलकाफ़िया आदि उनकी विख्यात पुस्तकें हैं। वर्ष 771 हिजरी क़मरी में उनका निधन हुआ।
20 जमादिउल अव्वल सन 737 हिजरी क़मरी को विख्यात धर्मगुरू, अबू अब्दुल्लाह मोहम्मद बिन मोहम्मद अब्दरी फ़ासी का निधन हुआ। वे इब्ने हाज की उपाधि से विख्यात थे। उन्होंने आरंभ में वर्तमान मोरक्को देश के फ़ास नगर में शिक्षा ग्रहण की फिर वे क़ाहेरा चले गए और जीवन के अंतिम क्षणों तक वहीं रहे। उन्होंने क़ाहेरा के महान विद्वानों से ज्ञान अर्जित किया और फिर वहीं अध्यापन में लीन हो गए। इब्ने हाज की सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक का नाम अलमदख़ल है। उन्होंने इस पुस्तक में आर्थिक, धार्मिक और नैतिक विषयों के बारे में विस्तार से लिखा है।