शनिवार- 18 जनवरी
1778, जेम्स कुक 'हवाई द्वीपसमूह' की खोज करने वाले पहले यूरोपियन बने। इसका नाम उन्होंने 'सेंडविच आइलैंड' रखा था।
1896, 'एक्सरे मशीन' का पहला प्रदर्शन किया गया।
1919, 'बेंटले मोटर्स लिमिटेड' की स्थापना हुई।
1930, रवीन्द्रनाथ टैगोर ने महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम की यात्रा की।
1945, सोवियत संघ की सेना पोलैंड के शहर कराकोव में पहुंची तथा जर्मनी को वहां से पीछे हटने पर मजबूर किया।
1951, नीदरलैंड में झूठ पकड़ने वाली मशीन का पहली बार इस्तेमाल हुआ।
1959, महात्मा गांधी की सहयोगी मीरा बेन (मैडलिन स्लैड) ने भारत छोड़ा।
1962, अमरीका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया।
1963, फ़्रांस ने यूरोपीय साझा बाज़ार से ब्रिटेन को अलग करने की वकालत की।
1968, सोवियत संघ ने पूर्वी क़ज़ाख़िस्तान में परमाणु परीक्षण किया।
1987, लंदन में प्रचार माध्यमों के 40 देशों के प्रतिनिधियों की हुई बैठक में सेंसरशिप के ख़िलाफ़ एकजुट होकर संघर्ष की घोषणा की गई।
1989, चेकोस्लोवाकिया में लाखों लोगों ने आज़ादी सच्चाई और मानवाधिकार के समर्थन में प्रदर्शन किया।
1974, इस्राईल और मिस्र ने हथियारों का समझौता किया।
2004, भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों को पैट्रोल पम्प आवंटित नहीं करने की सिफ़ारिश की।
2006, संयुक्त राज्य अमरीका में इच्छा मृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगायी।
2009, सौरभ गांगुली को 'बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन' ने सोने के बैट से सम्मानित किया।
18 जनवरी सन 226 ईसवी को ईरान में अश्कानी शासन श्रृंखला के अंतिम राजा, अरदवान पंचम की हत्या के साथ ही यह श्रृंखला समाप्त हुई। अर्देशीर बाबकान नामक संघर्षकर्ता द्वारा अश्कानी सरकार के विरुद्ध किये गये विद्रोह के बाद से अंतिम अश्कानी राजा की सरकार का पतन आरंभ हो गया था। यह विद्रोह सन 223 ईसवी में हुआ था।
अश्कानियों का 500 वर्ष तक चलने वाला शासन वर्ष 250 ईसपूर्व से आरंभ हुआ। जिसके दौरान अधिकतर अश्कानी शासक रोम वासियों और केंद्रीय एशिया के शासकों से युद्ध में व्यस्त रहे। आंतरिक मतभेद और देश की कमज़ोर प्रशासन व्यवस्था के कारण अरदवान पंचम, अर्देशीर बाबकान के सामने टिक नहीं पाए और उनकी सरकार के गिरने के साथ ही अश्कानी शासन का पतन और सासानी शासन काल आरंभ हुआ।
18 जनवरी सन 1689 ईसवी को फ़्रांस के लेखक और दार्शनिक चार्ल डी मोन्टेस्कियो का जन्म हुआ। वे ऐसे विचारकों में थे जिनकी सोच का फ़्रांस में आने वाली क्रान्ति पर बहुत प्रभाव पड़ा। वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने जल थल और वायु सेनाओं को एक दूसरे से अलग करने की आवश्यकता का विचार पेश किया। मोन्टेस्कियो की सबसे विख्यात पुस्तक का नाम नियमों की आत्मा है जो 1748 में जेनेवा में प्रकाशित हुई। उन्होंने इस पुस्तक में विभिन्न सरकारों के बारे में चर्चा की है। साथ ही तथा रीति रिवाजों, प्राकृतिक एवं मानवीय नियमों और उनके आपसी संबंधों को विस्तार से बयान किया है। उनकी दूसरी पुस्तकें ईरानी पत्र और वास्तविक इतिहास हैं। सन 1755 ईसवी में मोनटेस्कियो का निधन हुआ।

18 जनवरी सन 1852 ईसवी को जर्मनी के जीव वैज्ञानिक और शोधकर्ता फ़्रेडरिक लोफ़र का जन्म हुआ। उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उच्च स्तरीय शिक्षा ग्रहण की और शोधकार्य में व्यस्त हो गये। लोफ़र सन 1880 ईसवी में अपने एक साथी की सहायता से डिफ़थीरिया नामक रोग के कारणों का पता लगाने में सफल हुए। सन 1915 ईसवी में उनका निधन हुआ।
18 जनवरी सन 1915 ईसवी को फ़्रांस, रूस और ब्रिटेन के बीच प्रथम विश्व युद्ध के दौरान एक समझौता हुआ जो गुप्त समझौते के नाम से प्रसिद्ध है। इस समझौते का वास्तविक कारण उसमानी शासन का जर्मनी और ऑस्ट्रिया से मिल जाना था क्योंकि उसमानी शासन के इस क़दम से, काला सागर में रुस के जलपोतों का घटक देशों की सेना से संबंध टूटने वाला था। इस सतझौते के बाद रुस और घटक देशों ने डारडेनेल जलडमरु मध्य पर आक्रमण कर दिया जो काला सागर को भूमध्यसागर से जोड़ता है।

18 जनवरी सन 1919 ईसवी को प्रथम विश्व युद्ध के बाद पेरिस में ऐतिहासिक शांति सम्मेलन हुआ। जिसमें विश्व के 27 देशों ने भाग लिया। प्रथम विश्व युद्ध में पराजित होने वाले चार देशों जर्मनी, ऑस्ट्रिया, हंग्री, बुल्गारिया और उसमानी शासन ने इस सम्मेलन में भाग नहीं लिया। इस सम्मेलन में जर्मनी पर भारी जुर्मान लगाया गया और लीग ऑफ नेशन्ज़ की स्थापन की भूमिका तैयार की गयी।

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22 जमादिउल अव्वल सन 1211 हिजरी क़मरी को मुसलमान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ मिर्ज़ा हुसैन दोस्त मुहम्मद इस्फ़हानी का जन्म हुआ। उनको खगोलशास्त्र और कैलेन्डर बनाने में दक्षता प्राप्त थी। उन्होंने 87 वर्षीय एक कैलेन्डर तैयार किया था। दोस्त मुहम्मद इस्फ़हानी का 81 वर्ष की आयु में निधन हुआ और इराक़ के पवित्र नगर नजफ़ में उन्हें दफ़्न किया गया।