Jan २४, २०१७ १४:०१ Asia/Kolkata

1880, थॉमस अल्वा ऐडिसन ने बिजली से चलने वाले बल्ब का पेटेंट कराया।

1888, नेशनल ज्योग्राफ़िक सोसाइटी का वाशिंगटन में आयोजन किया गया।

1915, अमेरिकी मरीन ने हैती पर क़ब्जा कर लिया।

1943, अमरीका ने जर्मनी पर पहली बार हवाई हमला किया।

1967, ‘अपोलो-1’ दुर्घटना में तीन अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई।

1969, इराक़ की राजधानी बगदाद में 14 लोगों को जासूसी के अपराध में फांसी की सज़ा सुनाई गई।

1974, भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति वी. वी. गिरि ने नई दिल्ली के तीन मूर्ति स्थित नेहरु मेमोरियल म्यूज़ियम को राष्ट्र को समर्पित किया।

1996, फ़्रांस ने अपना छठा और सम्भवत: अंतिम परमाणु परीक्षण किया।

2008, इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति हाजी मुहम्मद सुहार्तो का निधन हो गया।

 

27 जनवरी सन 1756 ईसवी को ऑस्ट्रिया के संगीतकार वुल्फ़गैंग मोज़र्ट का सेल्ज़बर्ग नगर में जन्म हुआ। उन्हें बचपन से ही संगीत से प्रेम था और उन्होंने अपने पिता से जो स्वयं भी एक मँझे हुए संगीतकार थे, संगीत की शिक्षा ली। मोज़र्ट 6 वर्ष की आयु में ही आर्केस्ट्रा और कन्सर्ट में दक्ष हो गये।

उन्होंने 25 वर्ष की आयु के बाद अपना अधिकतर समय ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में बिताया। उन्होंने कम समय में ही संगीत में बहुत नाम कमाया। सन 1791 में उनका 35 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

27 जनवरी सन 1900 ईसवी को एक जर्मन शोधकर्ता ने पहली बार दर्द की दवा बनायी। इस शोधकर्ता का नाम फ़ेलिक्स हाफ़मैन था। इस दवा को इस समय एस्प्रीन कहा जाता है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जब इस दवा का निर्यात बंद हो गया तो ब्रिटेन ने भी इसे बनाना आरंभ कर दिया। इस समय वैज्ञानिकों का मान्ना है कि स्प्रीन पीड़ा को दूर करने के अतिरिक्त रक्त को पतला करने तथा हृदय रोग की रोकथाम के लिए भी लाभदायक है।

27 जनवरी सन 1973 ईसवी को चार वर्षों की बातचीत के बाद अमरीका और उत्तरी वियतनाम के बीच संघर्षविराम समझौता हुआ। इस समझौते पर पेरिस में हस्ताक्षर हुए। पेरिस समझौते के नाम से प्रसिद्ध इस समझौते के आधार पर अमरीका ने दक्षिणी वियतनाम से अपनी सेना वापस बुलाने पर सहमति जताई। यधपि इस समझौते के बावजूद वियतनाम और अमरीकी सेनाओं के बीच संघर्षविराम नहीं हो सका किंतु सन 1975 में भारी क्षति उठने के बाद अमरीका दक्षिणी वियतनाम से निकलने पर विवश गया। पेरिस समझौता अमरीका की वर्चस्ववादी और विस्तारवादी नीतियों की खुली पराजय का प्रतीक था। इस समझौते के बाद दक्षिणी वियतनाम से अमरीकी सैनिकों के निकलने में दो वर्ष लगे और अंतत: 29 अप्रैल सन 1975 ईसवी को दक्षिणी वियतनाम और उत्तरी वियतनाम फिर से एक हो गये।

 

27 जनवरी सन 1891 ईसवी को रूस के प्रसिद्ध लेखक लिया एरेनबर्ग का जन्म हुआ। वे कई वर्षों तक स्पेन में पत्रकार रहे और कविताएं कह कर अपने साहित्यिक कार्यों का आरंभ किया। एक सामाजिक आलोचक होने के बावजूद सोवियत संघ की कम्युनिस्ट सरकार एरेनबर्ग बारे में अधिक संवेदनशील नहीं थी। उनकी महत्त्वपूर्ण पुस्तकों में तूफ़ान और पेरिस का पतन का नाम लिया जा सकता है। एरेनबर्ग का वर्ष 1967 में निधन हो गया।

 

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7 बहमन सन 1357 हिजरी शम्सी को ईरान में अत्याचारी शाह के पिटठू प्रधान मंत्री शापूर बख़तियार द्वारा इमाम ख़ुमैनी के स्वदेश लौटने पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद धर्मगुरुओं के एक बड़े गुट ने तेहरान विश्वविद्यालय की मस्जिद में धरना दिया और घोषणा की कि इमाम ख़ुमैनी की ईरान वापसी तक यह धरना जारी रहेगा। ईरान की इस्लामी क्रान्ति की निर्णायक घटनाओं और कार्यवाहियों में यह धरना भी शामिल है क्योंकि उस समय बख़्तियार की सरकार अमरीका के समर्थन से एक ओर यह प्रयास कर रही थी कि इमाम ख़ुमैनी को स्वदेश लौटने से रोके और दूसरी ओर अपनी भ्रॉंति उत्पन्न करने वाली चालों से लोगों में मतभेद और फूट उत्पन्न कर दे किंतु तेहरान विश्वविद्यालय की मस्जिद में प्रतिष्ठित धर्मगुरुओं के इस धरने से बख़तियार की सारी चालाकियों पर पानी फिर गया।

7 बहमन सन, 1355 हिजरी शम्सी को ईरान के साहित्यकार और अध्ययनकर्ता मुजतबा मीनूई का 76 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे सन, 1282 हिजरी शम्सी में तेहरान में जन्में थे। वे विश्व विद्यालय के प्रोफ़ेसर भी रहे।

 

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पहली जमादिउस्सानी सन 659 हिजरी कमरी को स्पेन के साहित्यकार इतिहासकार और धर्मगुरू इब्ने सैयदुन्नास का टयूनीशिया में निधन हुआ। वे सन 597 हिजरी क़मरी में स्पेन के एशबीलिया नगर के निकट जन्मे थे और वहीं शिक्षा प्राप्त की।

इब्ने सैयदुन्नास ने कई वर्ष शिक्षा दीक्षा में बिताए और बहुत से लोगों ने उनकी सेवा में उपस्थित रहकर ज्ञान प्राप्त किया। इतिहासकार इब्ने सैयदुन्नास को शायरी और साहित्य से भी बड़ा लगाव था और उन्होंने पैग़म्बरे इस्लाम तथा उनके परिजनों के गुणगान में बहुत से शेर लिखे। उन्होंने पैग़म्बरे इस्लाम के जीवन पर एक पुस्तक लिखी जिससे उन्हें और भी ख्याति प्राप्त हुई।

पहली जमादिउस्सानी सन 1360 हिजरी कमरी को ईरान के प्रसिद्ध धर्मगुरु आयतुल्ला ज़न्जानी का 51 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्हें उनकी मातृभूमि ज़न्जान में दफ़न किया गया। उन्होंने युवावस्था तक दर्शन शास्त्र तथा दूसरे इस्लामी विषयों की शिक्षा ली। फिर वे उच्चस्तरीय शिक्षा के लिए इराक़ चले गये और इस देश में धार्मिक शिक्षा पूरी की और वरिष्ठ धर्मगुरु बन गये, इसके बाद वे इस्लामी शिक्षाओं और नियमों के प्रचार के लिए मक्का, फिलिस्तीन, सीरिया और मिस्र की यात्रा पर निकले। उन्होंने मक्का नगर और इन देशों में इस्लामी नियमों की शिक्षा के लिए कड़े प्रयत्न किये। उन्होंने इस्लामी विषयों और पैग़म्बरे इस्लाम के जीवन पर आधारित कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं हैं।