शुक्रवार- 31 जनवरी
1561, मुग़ल सम्राट जलालुद्दीन अकबर के संरक्षक बैरम ख़ां की गुजरात के पाटण में हत्या कर दी गई।
1865, अमरीका में 'दासता उन्मूलन' संबंधी 13वां संशोधन विधेयक पारित किया गया।
1893, पेय जल कोका कोला के ट्रेडमार्क का अमरीका में पहली बार पेटेंट किया गया।
1915, 'प्रथम विश्व युद्ध' के दौरान जर्मनी ने रूस के ख़िलाफ़ ज़हरीली गैस का इस्तेमाल किया।
1957, ईरान के अबादान इलाक़े से तेहरान तक पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हुआ।
1958, अमरीका ने पहले भू-उपग्रह का प्रक्षेपण किया।
1962, अमरीकी देशों के संगठन ने क्यूबा को इस संगठन में शामिल नहीं करने का फैसला किया।
1963, मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया।
1966 - सोवियत संघ ने लूना कार्यक्रम के तहत मानवरहित लूना 9 स्पेसक्राफ्ट की लांचिंग की।
1968, प्रशान्त महासागर में स्थित द्वीपीय देश नौरू को ऑस्ट्रेलिया से स्वाधीनता मिली।
1971, पूर्व और पश्चिमी बर्लिन के बीच 19 साल के अंतराल के बाद फिर से टेलीफोन सेवा बहाल हुई।
1984, विश्व के 9 ग़रीब देशों ने लुसाका बैठक में दक्षिण अफ़्रीक़ा से व्यापार संबंध तोड़ लेने की घोषणा की।
1985, भारत में दलबदल निरोधक संबंधी 52वें संविधान संशोधन विधेयक को राज्यसभा ने भी मंजूरी दी।
1989, कोलंबियाई विमान को उस पर सवार 122 यात्रियों समेत अपहरण करके कोस्टारिका ले जाया गया।
1998, मार्टिना हिंगिस ने कोंचिता मार्टिनेज़ को हराकर आस्ट्रेलियाई ओपन चैंपियनशिप जीती।
2004, पाकिस्तानी परमाणु कार्यक्रम के जनक डाक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार पद से बर्खास्त कर दिया गया।
2007, भारतीय स्टील कम्पनी टाटा, एंग्लो डच इस्पात कम्पनी कोरस के अधिग्रहण के बाद विश्व की पांचवी बड़ी कम्पनी बनी।
2008, भारत-अमरीका के बीच असैन्य परमाणु क़रार के विवादास्पद हाइड-एक्ट क़ानून के जनक और पूर्व रिपब्लिकन सांसद हेनरी हाइड का निधन।
31 जनवरी सन 1599 ईसवी को भारत में ब्रिटेन की ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना हुई। ब्रिटेन की रानी एलिज़ाबेथ प्रथम के आदेश पर इस कम्पनी की स्थापना हुई। इस कम्पनी ने दक्षिणी एशिया के हरे भरे उपजाउ क्षेत्र में ब्रिटिश साम्राज्य के आधारों को मज़बूती दी। ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना के बाद ही इसी कम्पनी के माध्यम से दक्षिणी एशिया के क्षेत्रीय राष्ट्रों के साथ ब्रिटेन के साम्राज्यवादी संबंध स्थापित हुए। ब्रिटेन के बाद हालैंड फ़्रांस और पुर्तगाल ने भी साम्राज्यवादी लक्ष्यों के अंतर्गत भारतीय उपमहाद्वीप का रूख़ किया।
ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना के तीन शताब्दियों बाद भारत पर ब्रिटेन के प्रभाव और वर्चस्व के कारण यह देश ब्रिटेन का भाग घोषित कर दिया गया और रानी विक्टोरिया ने ब्रिटेन तथा भारत की शासक के रूप में ताज पहना। यह कालखंड ब्रिटिश सरकार और पूंजीपतियों द्वारा भारतीय जनता के शोषण का काल कहा जाता है।
31 जनवरी सन 1850 ईसवी को चीन में ताए पींगहा नाम से सबसे बड़ा जनान्दोलन आरंभ हुआ। ताए पींगहा चीनी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ जनता का संकल्प होता है। यह जनान्दोलन ग्रामीणों की कठिनाइयों और समाज में फैली दरिद्रता का परिणाम था यह दरिद्रता विदेशी साम्राज्यवाद और मंचू वंश की सरकार की अयोग्यता के चलते ख़तरनाक सीमा तक बढ़ गयी थी। यह जनान्दोलन मंचू सरकार का तख्ता पलटने के प्रयास में आरंभ हुआ। जनता की मांग थी कि भूमि का न्यायपूर्ण बॅटवारा हो, महिलाओं ओर पुरूषों को समान अधिकार प्राप्त हों तथा समाज में भाईचारा स्थापित हो। यह आंदोलन चौदह वर्षों तक जारी रहा और अंतत:हज़ारों लोगों की मौत के साथ यह समाप्त हो गया। मंचू सरकार के समर्थन में ब्रिटेन और फ़्रांस ने अपनी सेनाएं भेजकर इस आंदोलन को कुचल दिया।

31 जनवरी सन 1943 ईसवी को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी के फ़ील्ड मार्शल फ़्रेडरिक पोलस ने सोवियत संघ की सेना के समक्ष हथियार डाले।
31 जनवरी सन 1971 ईसवी को पूर्वी और पश्चिमी बर्लिन के बीच सीमित टेलीफ़ोन सेवा बहाल की गयी।
31 जनवरी सन 1996 ईसवी को श्रीलंका की राजधानी कोलम्बो में श्रीलंका केंद्रीय बैंक पर आत्मघाती आक्रमण किया गया इसमें 80 लोगों की मौत हुई थी।
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11 बहमन सन 1357 हिजरी शम्सी को ईरान के शाह की सेना ने अंतिम परेड की। इसका उददेश्य ईरान की क्रांतिकारी जनता को भयभीत करना था। यह परेड तेहरान की सड़कों पर की गयी थी किंतु इस परेड के दौरान बहुत से सैनिक शाह विरोधी संघर्ष में जनता से जा मिले।
दूसरी ओर समाचार एजेंसियों ने घोषणा की कि ईरान की इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक हज़रत इमाम ख़ुमैनी तेहरान के समयानुसार रात्रि साढ़े तीन बजे पेरिस से रवाना होकर प्रात: साढ़े नौ बजे तेहरान पहुंचेंगे। इस समाचार के मिलते ही ईरानी जनता इमाम ख़ुमैनी का भव्य स्वागत करने के लिए सड़कों पर निकल पड़ी।

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5 जमादिस्सानी सन 428 हिजरी क़मरी को ईरान के प्रसिद्ध शायर व लेखक अबुल हसन महयार दैलमी का निधन हुआ। उन्होंने प्रख्यात धर्मगुरु अल्लामा सैयद रज़ी से शिक्षा ली। वे अरबी भाषा में शेर करते थे। उनके पद्य संकलन को अरबी साहित्य में बहुत महत्व प्राप्त है।
5 जमादिस्सानी सन 672 हिजरी क़मरी को ईरान के विश्व विख्यात शायर मौलाना जलालुददीन मोहम्मद बल्ख़ी का जन्म हुआ। वे मौलवी के नाम से प्रसिद्ध हए। उन्हें महान विचारकों में गिना जाता है।
इस महान कवि की विभिन्न रचनाएं हैं जिन में मस्नवी मानवी, फ़िहे माफ़ीह, मक्तूबाते मौलाना और रोबाइयात की और संकेत किया जा सकता है।