शनिवार- 8 फ़रवरी
8 जनवरी सन 1974 ईसवी को अंतरिक्ष में 84 दिस गुज़ारने के बाद अमरीकी स्पेस एजेंसी की टीम ज़मीन पर वापस पहुंची।
8 फ़रवरी सन 1998 ईसवी पहली बार ओलंपिक में महिलाओं का आइस हाकी मैच हुआ जिसमें फ़िनलैंड ने स्वेडन को 6-2 के स्कोर से पराजित कर दिया।
8 फ़रवरी सन 2008 ईसवी को निबरास्का में सज़ाए मौत देने के लिए इलेक्ट्रानिक कुर्सी के तरीक़े पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
8 फ़रवरी सन 1963 ईसवी को इराक़ में मेजर जनरल अब्दुस्सलाम आरिफ़ ने बास पार्टी के कुछ अन्य सेनाधिकारियों के साथ मिलकर एक रक्त रंजित विद्रोह किया और सत्ता अपने हाथ में ले ली। उन्होंने वायु सेना की सहायता से तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल करीम कासिम के आवास पर बम्बारी की और उन्हें गिरफ़तार करके गोलियों से भून दिया और स्वंय को राष्ट्रपति घोषित किया। उल्लेखनीय है कि अब्दुल करीम कासिम ने भी सन 1958 में इराक़ के अंतिम राजा मलिक फैसल के विरुद्ध विद्रोह और उनके परिजनों में से कई की हत्या के बाद सत्ता हथियायी थी।
अब्दुस्सलाम आरिफ़ सन 1966 ईसवी में एक संदिग्ध हवाई दुर्घटना में मारे गये और उनके भाई अब्दुर्रहमान आरिफ़ ने उनका स्थान संभाला।
8 फ़रवरी वर्ष 1725 ईसवी को रूस के रोमानोफ़ परिवार के तीसरे सम्राट पीटर दी ग्रेट का 53 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह वर्ष 1696 ईसवी में इवान एलेक्सी यूविच की मृत्यु के बाद गद्दी पर बैठे। उनका मानना था कि गर्म पानी तक पहुंच, रूस को समुद्र और व्यापार के क्षेत्र में विश्व शक्ति बना देगी। इसी लिए उन्होंने काले सागर और बाल्टिक सागर के तटवर्ती क्षेत्रों की ओर अपना ध्यान केन्द्रित किया। इसी प्रकार उन्होंने उस्मानी शासन के अधीन क्षेत्रों तथा पोलैंड व स्वीडन की ओर से यूरोप की ओर बढ़ने का प्रयास किया और उन्हें इस काम में सफलता भी मिली। उन्होंने यूरोप के विकसित देशों से संबंधों को प्रगाढ़ करके रूस में सुधार कार्य किए। पीटर दी ग्रेट क्रूर व अत्याचारी शासक थे और उन्हें अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में किसी भी प्रकार के कार्य में संकोच नहीं था और यही कारण था कि उनके शासन काल में लोगों की जान व माल और उनकी स्वतंत्रता उनके अतिक्रमणों से सुरक्षित नहीं थी।

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19 बहमन सन 1357 हिजरी शम्सी को ईरान में जनता और सेना ने इस्लामी क्रान्ति तथा उसके नेता के प्रति अपनी निष्ठा को स्पष्ट रुप से प्रदर्शित किया । एक ओर तो लाखों लोग इमाम ख़ुमैनी की आवाज़ पर क्रान्ति की अस्थायी सरकार के समर्थन में जुलूस निकाल रहे थे और शाही सरकार के अपदस्थ किये जाने की मांग कर रहे थे तो दूसरी ओर बड़ी संख्या में वायु सैनिक इमाम ख़ुमैनी के पास पहुंचे और उनके नेतृत्व में इस्लामी क्रान्ति के प्रति अपनी एकजुटता की घोषणा की। इमाम ख़ुमैनी ने इस अवसर पर कहा आप लोग अब तक एक दुष्ट का आज्ञापालन करते थे। आज से आप सब क़ुरआन से जुड़ जाएं क़ुरआन आप सब का सरक्षक है। आशा करता हूं कि आपकी सहायता से मैं ईरान में इस्लामी इस्लामी न्याय पर आधारित सरकार का गठन कर सकूंगा । इस घटना के बाद यह पता चल गया कि सेना में बड़ी संख्या में इस्लामी क्रान्ति के समर्थक है। इसी कारण वायु सेना के अधिकारियों की इमाम ख़ुमैनी से भेंट पर शाह की सरकार को बहुत क्रोध आया।
उल्लेखनीय है कि इसी घटना के उपलक्ष्य में 19 बहमन को ईरान में वायु सेना दिवस के रुप में मनाया जाता है।

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13 जमादिस्सानी सन 430 हिजरी क़मरी को मिस्र की राजधानी क़ाहेरा में इस्लामी जगत के विख्यात विद्वान, गणितज्ञ और भौतिकशास्त्री इब्ने हैसम का निधन हुआ। वे सन 354 हिजरी क़मरी में इराक़ के बसरा नगर में पैदा हुए थे। व्यापक प्रयासों और कठिन परिश्रम से वे कुशल गणितज्ञ बने। इसी प्रकार उन्होंने भौतिकशास्त्र चिकित्सा विज्ञान,दर्शनशास्त्र और खगोलशास्त्र आदि का भी व्यापक ज्ञान प्राप्त किया और फिर इन विषयों की शिक्षा दूसरों को दी। उन्होंने प्रकाश के बारे में गहन अध्य्यन किया और सराहनीय शोध कार्य किये। प्रकाश के बारे में अध्ययन के समय उन्होंने बड़ी कुशलता से यह पता लगाया कि प्रकाश और उसके प्रतिबिम्बन के कोणों में एक संपर्क है। इब्ने हैसम ने इसी प्रकार गणित के क्षेत्र में बहुत से नियम व सिद्धांत पेश किए । इब्ने हैसम ने माइक्रोस्कोप का भी आविष्कार किया। उनकी खोज से कैपलर और गैलीले जैसे खोजकार्ताओं ने भी लाभ उठाया।
इब्ने हैसम ने गणित और ,चिकित्सा विज्ञान आदि क्षेत्रों में बहुत सी पुस्तकें लिखी हैं। उनकी एक महत्वपूर्ण पुस्तक का नाम अलमनाज़िर है जिसका अंग्रेज़ी में भी अनुवाद हो चुका है। कैपलर ने खगोलशास्त्र के क्षेत्र में इस पुस्तक से बहुत लाभ उठाया।