Feb ०७, २०१७ १२:२८ Asia/Kolkata

10 फरवरी 21 बहमन और 23 जमादिलऊला की कुछ अहम घटनाओं पर नज़र डालें।

  • 1763 में सात वर्षों तक जारी रहने वाले फ्रेंच- इंडियन युद्ध का अंत हुआ।
  • 1846 अग्रेज़ों ने सिखों को पराजित किया।
  • 1859 जनरल हास्फोर्ड ने अवध की बेगम हज़रत महल को पराजित किया
  • 1921 महात्मा गांधी ने काशी विद्यापीठ का उद्धाटन किया।
  • 1931 भारत की राजधानी पुरानी दिल्ली से नयी दिल्ली स्थानान्तरित कर दी गयी।
  • 1962 में सोवियत युनियन की अमरीकी जासूस की रिहाई के समझौते पर अमरीका के साथ दस्तखत किये।
  • 1992 अंडमान निकोबार द्वीप समूह को विदेशियों के लिए खोला गया।
  • 1996 में " डीप ब्लू" नामी आईबीएम कंम्यूटर, शतरंज में गैरी कास्पारोव को हरा कर शंतरज के चैम्पियन को हराने वाली पहली मशीन बना।

 

10 फ़रवरी सन 1763 ईसवी को पेरिस में ब्रिटेन और फ़्रांस के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए जिसे फ़्रांसीसी, पेरिस का अशुभ समझौता कहते हैं।क्योंकि इस समझौते के अनुसार फ़्रांस ने ब्रिटेन से वर्षों के युद्ध और खींचतान के बाद भारत और कैनेडा में अपने सारे साम्राज्यवादी लाभों और हितों से हाथ खींच लिया था। इस समझौते का कारण यह था कि फ़्रांस योरोप में बहुत से आंतरिक युद्धों के कारण कमज़ोर हो गया था और ब्रिटेन के साथ युद्ध को जारी रखने की सकत उसके पास नहीं थी। पेरिस समझौता इस बात का कारण बना कि फ़्रांस और ब्रिटेन के बीच वर्चस्ववादी और साम्राज्यवादी लड़ाई समाप्त हो तथा लंदन को अपने उप निवेशों को लूटने की खुली छूट मिल जाए।

 

10 फ़रवरी सन 1947 ईसवी को द्वितीय विश्व युद्ध में घटक सरकारों और संयुक्त सेनाओं के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस दिन अमरीका सोवियत संघ ब्रिटेन और फ़्रांस ने इस युद्ध में पराजय का सामना करने वाले देशों इटली फिनलैंड हॉलैंड हंग्री रोमानिया और बुलगारिया के साथ शांति समझौता किया। इस प्रकार इन छे देशों ने दोबारा अपनी स्वाधीनता प्राप्त की। अल्बत्ता चार देशों हॉलैंड हंग्री रोमानिया और बुलगारिया कि जिनपर द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम वर्ष में सोवियत संघ ने अधिकार कर लिया था, विवशत: कम्युनिस्ट शासन के अधीन रहे। संयुक्त देशों ने जर्मनी और जापान के बारे में अलग निर्णय लिए।

 

 

10 फ़रवरी सन 1991  ईसवी को लिथवानिया की जनता ने इस देश को रुस से स्वाधीनता दिलाने के लिए भारी संख्या में वोट डाले। इस देश की संसद ने मार्च सन 1990 में स्वाधीनता की घोषणा की।

10 फ़रवरी सन 1998 ईसवी को बांग्लादेश में मुक्ति वाहिनी छापामार गुट ने स्वाधीनता की लड़ाई को समाप्त करते हुए सरकार के समक्ष हथियार डाल दिए। इसके बाद इस देश की 25 वर्षीय हिंसा समाप्त हुई जिसमें  हज़ारों 5 लोग मारे गये थे।

 

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21 बहमन सन 1357 हिजरी शम्सी को ईरान के अत्याचारी शासक शाह के जनरलों ने तेहरान में कर्फ़यू की अवधि बढ़ा दी। इस क़दम का लक्ष्य क्रान्ति में शामिल होने वाले वायु सेना के अधिकारियों तक जनता की सहायता पहुंचने से रोकना था कि जिन पर शाह के सुरक्षा कर्मियों ने धावा बोल दिया किंतु इमाम ख़ुमैनी ने दूरदर्शिता भरा क़दम उठाते हुए जनता से अपील की कि वो सैनिक राज की उपेक्षा करे।

जनता ने इमाम ख़ुमैनी का यह संदेश पाकर सड़कों पर प्रदर्शन आरंभ कर दिया। दूसरी ओर सेना भी जनता से भिड़ना नहीं चाहती थी और बहुत से सैनिक क्रान्तिकारियों के साथ जा मिले थे।

उधर शाह के प्रधान मंत्री शापुर बख़्तियार ने जिनके हाथ से परिस्थितियां पूरी तरह निकल चुकी थीं अपनी सरकार को बचाने के लिए अंतिम प्रयास किया।

किंतु इस्लामी क्रान्ति सफल हो कर रही।

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15 जमादिस्सानी सन 771 हिजरी क़मरी को मुसलमान विद्वान और धर्मगूरु मोहम्मद बिन हसन हिल्ली फख़्रुल मोहक़क़ीन का निधन हुआ। उनका जन्म सन 682 हिजरी कमरी को हिल्ला में हुआ था। उन्होंने अपने पिता से, जो प्रतिष्ठित धर्मगुरूओ में गिने जाते हैं, शिक्षा ली और अध्यात्म के उच्च स्थान तक पहुंचे। उनकी बहुत सी रचनाओं से आज भी लोग लाभन्वित हो रहे हैं।