गुरुवार- 13 फ़रवरी
1601 को ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला जहाज़ ब्रिटेन से रवाना हुआ।
- 1633 को इटली के प्रसिद्ध वैज्ञानिक और महान आविष्कारक गैलीलियो गैलिली अपने अध्ययनों के कारण चर्च के प्रकोप का पात्र बनने के बाद पूछताछ के लिए रोम बुलाए गये।
- 1856 ईस्ट इंडिया कंपनी ने लखनऊ और अवध पर क़ब्ज़ा कर लिया।
- 1879 सराजनी नायडू का जन्म हुआ।
- 1945 जर्मनी के खिलाफ मित्र सेना की अत्यन्त विवादस्पद बमबारी आरंभ हुई। इस दिन सैंकड़ों ब्रिटिश बमबार विमानों ने जर्मनी के ड्रेसडेन नगर को पूरी तरह से तबाह कर दिया।
- 1968 अटल बिहारी वाजपेयी जन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गये।
13 फ़रवरी सन 1258 ईसवी को अब्बासी शासकों की राजधानी बग़दाद पर मंगोल आक्रमणकारी हलाकू ख़ान का अधिकार हो गया। इससे पहले तक इस नगर पर अंतिम अब्बासी शासक अल मुस्तासिम बिल्लाह का राज था जिसे हलाकू ख़ान के सैनिकों ने मार दिया। इस प्रकार से 750 ईसवी से सत्ता संभालने वाली अब्बासी शासन श्रृंखला का अंत हो गया।
मंगोलों के पाश्विक आक्रमण में बग़दाद के सैनिकों के साथ ही इस नगर के आधे से ज़्यादा आम नागरिक मौत के घाट उतार दिए गये। इसी प्रकार बग़दाद के विख्यात पुस्तकालय सहित बहुत सी ऐतिहासिक इमारतें जला दी गयीं। मंगोल सैनिकों ने अत्यंत महत्वपूर्ण पुस्तकों को या तो जला दिया या फिर उन्हें दजला नदी में बहा दिया।
13 फ़रवरी सन 1689 ईसवी को ब्रिटेन के राजा विलियम त्रितीय और रानी मेरी द्वितीय की ताजपोशी के समारोह में बिल आफ़ राइट्स नामक घोषणापत्र पढ़ा गया।इसके साथ ही ब्रिटेन की शासन व्यवस्था सशर्त राजशाही में परिवर्तित हो गयी। यह घोषणापत्र जेम्ज़ द्वितीय के अत्याचारो के विरुद्ध जनता और राजनैतिक दलों के विद्रोह का परिणाम था। इस घोषणा पत्र के अनुसार जो ब्रिटेन की संसद में पारित हुआ था कानून को लागू करने तक कर वसूलने जैसे महत्वपूर्ण मामलों के अधिकार राजा से लेकर संसद को दे दिए गये। अब भी ब्रिटेन में यही स्थिति बनी हुई है और सारे अधिकार प्रधान मंत्री के पास होते हैं।
13 फ़रवरी सन 1883 ईसवी को जर्मनी के संगीतकार रिचर्ड वेगनर का 70 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे 1813 में अपने जन्म के कुछ ही महीने बाद अनाथ हो गये।
वेगनर ने संगीत से अपने लगाव के कारण युवाकाल से ओपेरा लिखना और नये नये संगीत की रचना करना आरंभ किया।
सन 1850 में जर्मनी में राजनैतिक परिवर्तनों के दौर में वे क्रान्तिकारियों से जुड़ गये किंतु इस क्रान्ति की विफलता के कारण उन्हें 13 वर्षों तक जर्मनी से बाहर रहना पड़ा।

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24 बहमन सन 1334 हिजरी शम्सी को ईरान के विख्यात इतिहासकार शब्दकोष विशेषज्ञ लेखक और अध्ययनकर्ता अब्बास इक़बाल आशतेयानी का निधन हुआ। वे सन 1275 हिजरी शम्सी में जन्में थे। ईरान में आरंभिक शिक्षा प्राप्ति के पश्चात 1304 हिजरी शम्सी में उन्होंने फ़्रांस के सोरबन विश्व विद्यालय से ग्रंजुएशन की डिग्री प्राप्त की। फिर वे ईरान लौटे और तेहरान विश्व विद्यालय में पढ़ाने लगे। वे यादगार नामक पत्रिका निकालते थे। उनके लेखों में ईरानी जनता की संकटमयी परिस्थितियों की समीक्षा होती थी।
इसके अतिरिक्त उन्होंने कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं।