Feb २६, २०१७ ०८:४० Asia/Kolkata

9 मार्च सन 1454 ईसवी को इतालवी नाविक और खोजकर्ता अमेरिगो वेसपसी का जन्म हुआ।

9 मार्च सन 1916 को जर्मनी ने पुर्तगाल के ख़िलाफ़ युद्ध की घोषणा की।

9 मार्च सन 1934 को रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के पायलट और कॉस्‍मोनॉट यूरी गैगरिन का जन्‍म हुआ

9 मार्च सन 1959 को दुनिया में अत्यधिक पसंद की जाने वाली बार्बी डॉल ने न्‍यूयार्क के अमेरिकन टॉय फ़ेयर में अपना जीवन शुरू किया।

9 मार्च सन 1968 को भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, लेखक, व्यंग्यकार और पत्रकार हरिशंकर शर्मा का निधन हुआ।

9 मार्च सन 1973 को उत्तरी आयरलैंड में हुए एक जनमत संग्रह में जनता ने ब्रिटेन के साथ रहने के पक्ष में वोट डाला।

 

9 मार्च सन 1454 ईसवी को इतालवी नाविक और खोजकर्ता अमेरिगो वेसपसी का जन्म हुआ। युवाकाल से समुद्री यात्राओं से गहरी रूचि के कारण उन्होंने समुद्री जहाज़ पर काम करना आरंभ कर दिया और उन्नति करते करते वह कप्तान बन गए। वेसपसी ने चार बार एक अज्ञात धरती  की यात्रा की जिसका उस समय तक कोई नाम नहीं था और बाद में उन्हीं के नाम पर इस धरती का नाम अमेरिका रखा गया। यही कारण है कि कुछ विशेषज्ञ अमेरिगो वेसपसी को अमरीका का खोजकर्ता मानते हैं। वर्ष 1512में उनका निधन हो गया। वर्ष 1507 ईसवी में जर्मन भूशास्त्री मूलेर ने अमेरिगो वेसपसी के यात्रा वृतांत प्रकाशित किए। उन्होंने अपनी पुस्तक में यह प्रस्ताव रखा कि नए खोजे गए क्षेत्र का नाम अमेरिगो वेसपसी के नाम पर अमेरिका रखा जाए।

 

9 मार्च वर्ष 1564 को इटली के प्रसिद्ध शायर, मूर्तिकार और वास्तुविद माइकल एंजलो का 89 वर्ष की आयु में निधन हुआ। इटली के यह प्रसिद्ध शायर वर्ष 1475 में जन्मे थे। माइकल एंजलो ने अपने पिता के विरोध के बावजूद चित्रकारी, मूर्तिकारी में रूचि लेना आरंभ कर दिया और इन दोनों कलाओं में बहुत जल्दी ही ख्याति प्राप्त कर ली। यह इतालवी कलाकार वास्तुकला में भी निपुण हो गया। हज़रत मूसा और हज़रत ईसा अलैहिमस्सलाम की मूर्ति, सेंट पीटर के चर्च के शिलालेख और प्रलय के दिन नामक पेंटिंग माइकल एंजतों लों की प्रसिद्ध कलाओं के नमूने हैं।

 

9 मार्च वर्ष 1915 को जीव विज्ञान के विशेष जानी हेनीफ़ेबर का निधन हुआ। उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करके शोध आरंभ किया। जान फ़ेबर ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने यह दृष्टिकोण पेश किया कि ज़मीन के कीड़े मकोड़े और जानवर अपनी रक्षा के लिए अपनी प्रवृत्ति में पायी जाने वाली व्यवस्था से लाभ उठाते हैं।

 

9 मार्च सन 1992 ईसवी को इस्राईल और लिकूड पार्टी के संस्थापकों में से एक मनाख़िम बेगिन की मृत्यु हुई। बेगीन का जन्म वर्ष 1913 में बेलारूस में हुआ। उसका पिता एक चरमपंथी ज़ायोनी था जिसका बेगीन के व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव पड़ा। बेगीन ने 12 वर्ष की आयु में ज़ायोनी युवा गारद का गठन किया और फ़िलिस्तीन पलायन करने के दो वर्ष बाद वर्ष 1942 में चरमपंथी आतंकवादी संगठन एयरगन का मुखिया बन गया। यह भयानक कट्टरपंथी ज़ायोनी संगठन था जिसने फ़िलिस्तीनियों के जनसंहार और बलपूर्वक निर्वासन में प्रभावी भूमिका निभाई। आतंकवादी कार्यवाहियों का संचालना बेगीन इतनी क्रूरता से करता था कि ज़ायोनी शासन के संस्थापकों में गिने जाने वाले डेविड बिन गोरियन ने वेगीन को हिटलर की उपाधि दी। इस्राईली मंत्रीमंडल में उसे बारी बारी कई पद मिले और वर्ष 1977 में उसे लिकूड पार्टी का पहला ज़ायोनी प्रधानमंत्री चुना गया। वर्ष 1982 में बेगीन के आदेश पर लेबनान स्थित शबरा व शतीला शरणार्थी शिविरों में  फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों का बड़ी निर्दयता से जनसंहार किया गया जिसके बाद बेगीन को विवश होकर प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद बेगीन की मालीख़ूलिया रोग  से ग्रस्त होकर 1992 में मौत हो गई। 

 

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19 इसफ़ंद सन 1367 हिजरी शम्सी को ईरान के विख्यात खगोल शास्त्री और गणितज्ञ डॉक्टर अब्बास रियाज़ी किरमानी का निधन हुआ। वे सन 1286 हिजरी शम्सी में जन्में थे। विश्व विद्यालय में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वे फ़्रांस चले गये और गणित तथा खगोल शास्त्र के क्षेत्र में उन्होंने अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाया और सोरबन विश्व विद्यालय से खगोल शास्त्र के विषय में डॉक्ट्रेट की डिग्री प्राप्त की।

फ़्रांस से ईरान लौटने के बाद डॉक्टर रियाज़ी किरमानी तेहरान विश्व विद्यालय में प्रोफ़ेसर हो गये।

उनकी महत्वपूर्ण पुस्तकों से आज भी उक्त विषय के छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।