Feb २६, २०१७ ०९:३८ Asia/Kolkata

1735 ईरानी राजा, नादिर शाह और रूस के मध्य समझौते पर हस्ताक्षर हुए और रूसी सैनिक बाकू से निकल गये।

1873 राष्ट्रवादी व स्वतंत्रता सेनानी मौलाना शौकत अली का जन्म हुआ।

1876 एलेक्ज़ेन्डर ग्राहम बेल ने पहली बार टेलीफोन का सफल परीक्षण किया।

1922 महात्मा गांधी को  सत्याग्रह के लिए गिरफ्तार किया गया और पांच साल जेल की सज़ा सुनाई गयी।

1957 कुख्यात आतंकवादी संगठन अलकायदा के प्रमुख उसामा बिन लादिन का जन्म हुआ।

1959 चीन द्वारा तिब्बत पर हमले की खबर गर्म होने के बाद हज़ारों लोगों ने दलाई लामा की सुरक्षा के लिए उनके महल को घेर लिया।

 

10 मार्च सन 1861 ईसवी को कैनेडा की महिला कवित्री श्रीमती पोलिन जॉन्सन का जन्म हुआ।

वे रेंड इंडियन जाति के उस गुट में जन्मी जिसे विवशत: अमरीका से कैनेडा पलायन करना पड़ा।

सन 1931 में पोलिन जॉनसन का निधन हुआ।

 

10 मार्च वर्ष 1872 में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के एक नेता मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी का जन्म हुआ। वे सियालकोट के एक सिख घराने में पैदा हुए थे। उनका पैतृक पेशा सुनारी था। 15 वर्ष की आयु में उनको इस्लाम धर्म में रूचि पैदा होने लगी और अंततः इस्लामी पुस्तकों के अध्ययन के बाद  वे मुसलमान हो गए। उन्होंने रेशमी आंदोलन चलाया था किन्तु यह आंदोलन विफल हो गया। वर्ष 1944 को ख़ानपुर में उनका निधन हो गया।

10 मार्च सन 1876 ईसवी को अमरीकी आविष्कारक एलेग्ज़न्डर ग्राहम बेल ने टेलीफ़ोन का अविष्कार किया और आज ही के दिन ग्राहम बेल और उनके सहयोगी वाटसन के बीच पहली सफल टेलीफ़ोन वार्ता हुई। इस प्रकार संपर्क साधन के क्षेत्र में एक महान उप्लब्धि सामने आयी। बेल ने टेलीफ़ोन बनाने में अपने से पहले के समस्त वैज्ञानिकों के शोधकार्यों और अध्ययनों से लाभ उठाया था।

उनके द्वारा बनाया गया टेलीफ़ोन इस समय के टेलीफ़ोन के रूप का नहीं था टेलीफ़ोन का वर्तमान रुप बाद के वैज्ञानिकों के परिश्रम का प्रतिफल है।

 

10 मार्च सन 1896 ईसवी को इटली के श्याम वर्ण के लोग जिन्होंने इथोपिया पर अधिकार जमाने के लिए आक्रमण किया था आडवा नामक स्थान पर पराजित हुए। इटली चाह रहा था कि इथोपिया पर अधिकार करके पूर्वोत्तरी अफ़्रीक़ा के अपने दो उपनिवेशों एरिट्रिया और सोमालिया के बीच संपर्क स्थापित करे।

इटली की सेना के आधुनिक शस्त्रों से लैस होने के बावजूद इथोपिया की सेना ने उसे हार का सामना कराया और इटली की सेना भारी आर्थिक और जानी क्षति उठाने के बाद पीछे हटने पर विवश हो गयी।

 

10 मार्च सन 1945 ईसवी को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमरीकी युद्धक विमानों ने जापान की राजधानी टोकियो पर भीषण बमबारी की। इस आक्रमण में अमरीकी युद्धक विमानों ने कई बार में टोकियो पर सैकड़ों बम गिराए जिसके कारण टोकियो के लगभग 1 लाख आम नागरिक मारे गये। जापान को हथियार डालने पर विवश करने के लिए अमरीका इस देश के आवासीय क्षेत्रों पर बम्बारी कर रहा था और टोकियो पर आक्रमण भी इसी क्रम में शामिल था। इसके अगस्त सन 1945 में हीरोशीमा और नागासाकी नगरों पर अमरीका द्वारा परमाणु आक्रमण तक हथियार डालने पर तैयार नहीं हुआ।

 

10 मार्च वर्ष 1990 को पाकिस्तान के समकालिक शायर डाक्टर अब्दुल हमीद इरफ़ानी का 80 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्होंने इस्लामी संस्कृति के पुनर्जागरण और पश्चिम के सांस्कृतिक आक्रमण के मुक़ाबले में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे पाकिस्तान के प्रसिद्ध शायर अल्लामा इक़बाल के प्रिय शिष्यों में थे। डाक्टर इरफ़ानी ने साहित्य के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित चालीस पुस्तकों की रचना की है जिनमें से कुछ ईरान में प्रकाशित हुई हैं। वे पाकिस्तान बनने से पूर्व 1945 में भारत सरकार की ओर से अंग्रेज़ी के उस्ताद के रूप में ईरान आए।

 

 

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20 इसफ़ंद सन 1363 हिजरी शम्सी को पाकिस्तान के विख्यात शायर अब्दुल हमिद इरफ़ानी का 80 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्होंने इस्लामी संस्कृति के प्रचार प्रसार और पश्चिम के सांस्कृतिक प्रहार का मुक़ाबला करने में मुख्य भूमिका निभाई। वे अल्लामा इक़बाल के शिष्यों में से थे। इरफ़ानी ने शायरी और साहित्य के विभिन्न पहलुओं से संबंधित चालीस से अधिक पुसतकें लिखी हैं जिनमें से कुछ ईरान में प्रकाशित हो चुकी हैं। पाकिस्तान बनने से पहले सन 1945 में वे भारत की ओर से अंग्रेज़ी भाषा के प्रोफ़ेसर बन कर ईरान आये थे।

 

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15 रजब वर्ष 62 हिजरी क़मरी को पैग़म्बरे इस्लाम की नवासी हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा की बहुत ही समस्या और परेशानी उठाने के बाद शहादत हो गयी। इस्लाम की इस महान महिला का जन्म 6 हिजरी क़मरी में हुआ था। उनका पालन पोषण पैग़म्बरे इस्लाम की एक मात्र पुत्री हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा और हज़रत अली अलैहिस्सला की गोद में हुआ। आपने अपना पूरा जीवन मानवीय ज्ञान और परिपूर्णता प्राप्त करने में बिताया। हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा ने करबला में अपने भाई हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और आपके निष्ठावान साथियों की शहादत के बाद अपने ऐतिहासिक भाषणों से जो इस्लामी इतिहास में सदैव के लिए अमर हो गये, पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों पर ढाये गये अत्याचारों को सपष्ट किया और बनी उमैया के परिवार की पोल खोल कर रख दी। उनके साहसी भाषणों ने यज़ीद की ग़ैर क़ानूनी सरकार की चूलें हिला दीं। इतिहासकारों का कहना है कि हज़रत ज़ैनब के भाषण देने का अंदाज़ बिल्कुल हज़रत अली जैसा था इसी लिए कूफ़े में भाग देने के दौरान पैग़म्बरे इस्लाम के एक अंधे साथी ने पास खड़े एक व्यक्ति से कहा कि क्या प्रलय आ गया है कि अली भाषण दे रहे हैं।

15 रजब वर्ष 712 हिजरी क़मरी को आठवीं शताब्दी हिजरी क़मरी के प्रसिद्ध अंतर्ज्ञानी और शायर नजमुद्दीन ज़रकूब का निधन हुआ। वह एक प्रसिद्ध शायर थे और बहुत ही सरल भाषा में अच्छे शेर कहते थे। उन्होंने इस्लामी परिज्ञान के विषय पर विभिन्न पुस्तकें लिखी हैं जिनमें अलफ़तवा का नाम विशेष रूप से लिया जा सकता है।