Mar ०१, २०१७ ०७:५७ Asia/Kolkata

11 मार्च सन 1302 ईसवी को शेक्सपियर के अनुसार रोमियो और जूलिएट का विवाह हुआ।

11 मार्च सन 1669 ईसवी को इटली में ज्वालामुखी फटने से 15 हज़ार लोग मारे गए।

11 मार्च सन 1702 ईसवी को लंदन में पहला अंग्रेज़ी अख़बार दि डेली कोरेंट प्रकाशित हुआ।

11 मार्च सन 904 ईसवी को माल्टा द्वीप इस्लामी क्षेत्रों में शामिल हो गया। सन 1091 ईसवी तक इस द्वीप पर मुसलमानों का राज रहा माल्टा कई छोटे द्वीपों पर आधारित है। इसका क्षेत्रफल 316 वर्ग किलोमीटर है। माल्टा द्वीप योरोपीय महाद्वीप के दक्षिण में स्थित है यह ट्यूनीशिया और इटली के निकट है।

11 मार्च सन 1985 ईसवी को पूर्व सोवियत संघ में चेरनेन्कोव के निधन की घोषणा के बाद नेतृत्त का संकट समाप्त हुआ। कम्युनिस्ट पार्टी के राजनैतिक कार्यालय के सबसे कम आयु वाले गोरबाचोफ़ को चेरनेन्कोव का उत्तराधिकारी बनाया गया। मिख़ाइल गोरबाचोफ़ के कम्यूनिस्ट पार्टी का नेता चुने जाने के बाद सोवियत संघ में व्यापक परिवर्तन हुए और छ: वर्ष के बाद सोवियत संघ विघटित हो गया।

शक्ति मिल जाने के बाद गोरबाचोफ़ ने पुनर्निर्माण के सिद्धांन्त के अंतर्गत आर्थिक परिवर्तन किये। खुले राजनैतिक वातावरण के नाम पर अपनी दृष्टिगत आंतरिक नीतियां पेश कीं। इन नीतियों को लागू करने में बहुत सी रुकावटों का सामना हुआ। वे न केवल यह कि पतन की ओर बढ़े तथा सोवियत संघ के भीतरी मतभेदों और टकराव को समाप्त करने में सफल नहीं हुए बल्कि इससे अमरीका के हस्तक्षेप की भूमि और अधिक प्रशस्त हो गई इस प्रकार से कि सन 1991 में होने वाले विद्रोह को कुचलने में सफल हो जाने के बावजूद गोरबाचोफ़ इसी वर्ष के दिसम्बर महीने में सत्ता से हटने पर विवश हुए।

 

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21 इसफन्द वर्ष 1357 हिजरी शम्सी को ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद ईरान सेन्टो समझौते से बाहर निकल गया। इस प्रकार व्यवहारिक रूप से सेन्टो संगठन भंग हो गया। अमेरिका के प्रस्ताव पर  1333 हिजरी शम्सी में इराक़ और तुर्की की सम्मिलिति से सेन्टो संगठन गठित हुआ। इसके कुछ महीने बाद ईरान, पाकिस्तान और ब्रिटेन भी इस संगठन से जुड़ गये। साथ ही अमेरिका एक निरीक्षक देश के रूप में इस संगठन में मौजूद रहा। सिन्टो संगठन यूरोप में नैटो और पूर्वी एशिया में सीटो संगठन के बीच की कड़ी था। वर्ष 1337 हिजरी शम्सी में इराक में अब्दुल करीम कासिम द्वारा सैनिक विद्रोह के बाद यह देश सेन्टो से निकल गया। पाकिस्तान भी इस संगठन से यह कह कर निकल गया कि उसके सदस्य  देशों ने भारत के मुक़ाबले में उसका समर्थन नहीं किया और अंततः ईरान में शाह की सरकार के अंत के बाद व्यवहारिक रूप से यह संगठन समाप्त हो गया।

 

 

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16 रजब सन 139 हिजरी क़मरी को इराक़ के प्रसिद्ध इतिहासकार और क़ारी अबू मन्सूर मोहम्मद बिन अब्दुल मलिक का बग़दाद नगर में देहान्त हुआ। वे इब्ने खै़रून के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने क़ेराअत अर्थात पवित्र क़ुरआन पढ़ने से संबंधित बहुत सी महत्वपूर्ण बातों को अपनी पुस्तकों अलमिफ़ताह और अलमौज़े में बयान किया है।