सोमवार- 16 मार्च
16 मार्च सन 1859 ईसवी को रूस के आविष्कारक और वैज्ञानिक एलेग्ज़न्डर पापोव का जन्म हुआ।
उन्होंने भौतिक शास्त्र की शिक्षा पूरी करने के बाद पढ़ाना आरंभ कर दिया। साथ ही वे अध्ययन और शोधकार्य में भी लगे रहे। वे ऐसी मशीन बनाना चाहते थे जिसमें आवाज़ को रिकार्ड करके बाद में सुना जा सके। सन 1895 में वे ऐसी मशीन अर्थात टेप रिकॉर्डर बनाने में सफल हो गये। सन 1906 में उनका निधन हो गया।
16 मार्च सन 1939 ईसवी को द्वितीय विश्व युद्ध की आग भड़कने से पहले चेकोस्लोवाकिया पर जर्मनी का अधिकार हो गया। इससे पहले जर्मनी ने 1938 में ऑस्ट्रिया पर अधिकार कर लिया था। जर्मन सेना ने 30 सितम्बर सन 1938 ईसवी को चेकोस्लोवाकिया के सूदत क्षेत्र पर क़ब्ज़ा किया और आज के दिन उसने पूरे चेकोस्लोवाकिया को अपने अधिकार में ले लिया।

16 मार्च सन 1937 ईसवी को ब्रिटेन के राष्ट्राध्यक्ष सर जोज़फ़ ऑस्टन चेम्बरलेन का निधन हुआ। उन्होंने ब्रिटेन के विदेश मंत्री के रुप में 1925 ईसवी में लोकार्नो संधि की भूमिका प्रशस्त करने के लिए वार्ताएं कीं। और इसी वर्ष अमरीका के उप राष्ट्रपति चार्ल्स गेट्स डॉज़ के साथ शांति का नोबल पुरस्कार जीता।
16 मार्च सन 1940 ईसवी को स्वीडन की लेखिका सेलमा लागेरलोफ़ का निधन हुआ। वह सन 1858 में जन्मी थीं और शिक्षा पूरी करने के बाद लेखन में व्यस्त हो गयीं लागेरलोफ़ पहली महिला थीं जिन्होंने सन 1909 में साहित्य का नोबल पुरस्कार जीता।
उनकी पुसतकों में गोस्टाबरलिंग की कथा ईसा की कथा और अदृष्य संबध के नाम लिए जा सकते हैं।
उनकी पुसतकों में गोस्टाबरलिंग की कथा ईसा की कथा और अदृष्य संबध के नाम लिए जा सकते हैं।

16 मार्च वर्ष 1978 को रेड ब्रिगेड ने ईटली के पूर्व प्रधानमंत्री अल्डो मोरो aldo moro का अपहरण कर लिया। मोरो का संबंध ईसाई डेमोक्रेटिक पार्टी से था और वह पांच बार देश के प्रधानमंत्री रहे। रेड ब्रिगेड ने ईटली के इस राजनेता का अपहरण करने के 56 दिनों के बाद उनकी हत्या कर दी। रेड ब्रिगेड ईटली का एक वामपंथी धड़ा है जो देश से पश्चिमी संस्थाओं विशेषकर नैटो से अलग होने की मांग करता है। रेड ब्रिगेड के सदस्य अपनी मांगों के पूरा होने के लिए लोगों का जनसंहार और उनका अपहरण करते हैं। प्रधानमंत्री अल्डो मोरो की हत्या इस गुट की महत्त्वपूर्ण कार्यवाहियों में है। वर्तमान समय में इटली में रेड ब्रिगेड अधिक सक्रिय नहीं है।
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26 इस्फ़ंद वर्ष 1373 हिजरी शमसी को इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के पुत्र सैयद अहमद ख़ुमैनी का निधन हुआ। उनका जन्म वर्ष 1324 हिजरी शम्सी में पवित्र नगर क़ुम में हुआ था। उन्होंने इस्लामी क्रांति के आंदोलन के दौरान हर प्रकार की समस्याएं सहन कीं और शाह के एजेंटों के हाथों उन्हें अत्यधिक यातनाएं दी गईं तथा जेल में डाला गया। सैयद अहमद ख़ुमैनी अपने पिता इमाम ख़ुमैनी के निर्वासन के काल में उनके साथ एक देश से दूसरे देश की यात्रा करते रहे। उन्होंने हर हर क़दम पर अपने पिता का भरपूर साथ दिया।

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21 रजब वर्ष 248 हिजरी क़मरी को प्रसिद्ध विद्वान , धर्मगुरू व कवि, सहल बिन मोहम्मद सजेस्तानी का देहांत हुआ। वह क़ुरआनी ज्ञान, हदीस, साहित्य और शायरी में दक्ष थे। उन्हें सामाजिक मामलों की भी अच्छी समझ थी। उन्होंने अनेक किताबें लिखी हैं जिनमें एराबुल क़ुरआन और अख़्लाक़ुल इंसान उल्लेखनीय हैं।
21 रजब सन 1299 हिजरी क़मरी को प्रसिद्ध धर्मगुरू आयतुल्लाह सदरूद्दीन सद्र का इराक़ के काज़मैन नगर में जन्म हुआ। उन्होंने युवाकाल में काज़मैन में साहित्य और गणित के शिक्षकों से ज्ञान प्राप्त किया और फिर धार्मिक शिक्षा की प्राप्ति के लिए नजफ़ के धार्मिक केन्द्र गए। नजफ़ में वे धार्मिक शिक्षा के अंतिम चरण इज्तेहाद तक पहुंचे। आयतुल्लाह सद्र बत्तीस वर्ष की उम्र में ईरान के पूर्वोत्तरी शहर मश्हद गए और 1348 तक इस शहर में निवास किया और फिर इराक़ लौट गए। उन्होंने कई किताबें लिखीं हैं।