बुधवार- 18 मार्च
1915 भारतवासियों पर अधिक नियंत्रण के लिए ब्रिटिश सरकार ने इंडियन सिक्योरिटी एक्ट को मंज़ूरी दी।
1922 महात्मा गांधी को 6 वर्ष जेल की सज़ा सुनाई गयी।
1944 सुभाष चंद्र बोस ने आज़ाद हिंद सेना का गठन किया कोहिया इंफाल पर क़ब्ज़ा कर लिया।
1944 जापानी सेना के साथ आजाद हिंद फौज बर्मा की सीमा से भारत में दाखिल हुई और पूर्वोत्तर भारत पर क़ब्ज़ा कर लिया।
1948 सोशलिस्ट पार्टी आफ इंडिया कांग्रेस पार्टी से अलग हो गयी।
1972 भारत में पहला पुस्तक मेला नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से आयोजित किया गया।
1994 वाशिंग्टन समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही बोस्निया युद्ध समाप्त हुआ
1997 में इंडो-बांग्लादेश फ्रेंडशिप समझौता पच्चीस साल बाद खत्म हो गया।
18 मार्च सन 1510 ईसवी को दक्षिणी अमरीकी देश कोलम्बिया पर स्पेन का साम्राज्य आरंभ हुआ।स्पेन के खोजियों ने सन 1499 में इस क्षेत्र की खोज की थी जिसके बाद स्पेन की सरकार ने इसे अपने अधीन करके इसके स्रोतों को लूटना प्रारंभ कर दिया। 1781 से कोलम्बिया की जनता ने स्पेन के विरुद्ध संघर्ष आरंभ किया और जब नेपोलियन बोनापार्ट द्वारा स्पेन पर अधिकार के बाद मेडरिड सरकार की अपने उपनिवेशों पर पकड़ कमज़ोर हो गयी तो कोलम्बिया की जनता का संघर्ष और भी तेज़ हो गया। अंतत: दक्षिणी अमरीका के विख्यात स्वतंत्रता संग्रामी साइमन बोलिवर ने 1819 में कोलम्बिया में स्पेन के प्रभाव को समाप्त कर दिया और यह देश स्वतंत्र हो गया।
18 मार्च सन 1815 ईसवी को जेनेवा के स्वीज़रलैंड में विलय के बाद यह देश वर्तमान रुप में परिवर्तित हो गया। स्वीज़रलैंड में कुल 25 प्रात हैं १५वीं शताब्दी में स्वीज़रलैंड योरोप का बहुत शक्तिशाली देश था। किंतु धीरे धीरे उसकी शक्ति कम होती गयी और नेपोलियन की पराजय के बाद फ़्रांस में होने वाली पेरिस कॉन्फ़्रेन्स में स्वीज़रलैंड को हमेशा के लिए निष्पक्ष देश घोषित कर दिया गया इस देश ने दो विश्व युद्ध में भी अपनी निष्पक्षता को सुरक्षित रखा। यह योरोप के मध्य में स्थित है। और इसका क्षेत्रफल लगभग 41 हज़ार वर्ग किलोमीटर है तथा इसकी जनसंख्या लगभग 70 लाख है।

18 मार्च सन 1858 ईसवी को जर्मनी के आविष्कारक रोडल्फ़ डीज़ल का जन्म हुआ। उन्होंने डीज़ल से चलने वाला इंजन बनाया। उन्होंने इंजन के इंधन के संबंध में बहुत अध्ययन और शोधकार्य किये। अंतत: वे ऐसा इंजन बनाने में सफल हो गये जो बिना बिजली के ही सस्ते इंधन द्वारा अधिक से अधिक उर्जा पैदा कर सके। इस इंजन को उन्हीं के नाम पर डीजल इंजन कहा गया। इसने उद्योग और परिवहन के क्षेत्र में क्रान्ति ला दी। इसका आज भी प्रयोग होता है।

18 मार्च सन 1922 ईसवी को भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जो अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को स्वतंत्र कराने का प्रयास कर रहे थे गिरफ़तार कर लिए गये और भारत में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 6 वर्ष के कारवास की सजा सुनाई । इस घटना से भारतवासियों में आक्रोष और बढ़ गया तथा स्वतंत्रता संग्राम की उनकी भावना और भी भड़क उठी।
18 मार्च सन 1962 ईसवी को अलजीरिया की जनता आठ वर्ष के निरंतर कड़े संघर्ष और 10 लाख लोगों का बलिदान देने के बाद इस देश पर फ़्रांस के अधिकार को समाप्त करने में सफल हो गयी।
फ़्रांस के साथ अलजीरिया के स्वतंत्रता संग्रामियों का समझौता हुआ जिसमें फ़्रांस ने अलजीरिया की स्वतंत्रता को औपचारिकता दी और इसदेश से अपनी सेनाए बाहर निकालीं किंतु इसके बाद भी फ़्रांस की सेना से संबंधित एक सशस्त्र गुट की आतंकवादी कार्रवाइयां अलजीरिया में जारी रहीं।
उल्लेखनीय है कि अलजीरिया का नेतृत्व उस समय युसुफ़ बिन खद्दा के हाथ में था। इसके कुछ समय बाद अहमद बिन बिल्ला ने शासन संभाला।

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28 इस्फ़ंद सन 1242 हिजरी शम्सी को प्रसिद्ध मुसलमान विद्वान मुल्ला मुहम्मद हाशिम ईरान के पवित्र नगर मशहद में जन्मे। वे सिक़तुल इस्लाम के नाम से प्रसिद्ध थे। मशहद में आरंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे उच्च शिक्षा की प्राप्ति के लिए इराक़ के पवित्र नजफ़ नगर चले गए। वहां आख़ुन्द ख़ुरासानी और सैयद इस्माईल सद्र जैसे महान विद्वानों और गुरुओं से ज्ञान प्राप्त किया। उसके बाद वे स्वदेश लौट आए। उन्होंने विभिन्न पुस्तकें लिखी हैं जिनमें मुनतख़बुत्तारीख़ नामक पुस्तक उल्लेखनीय है।
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23 रजब सन 1299 हिजरी क़मरी को महान मुसलमान धर्मगुरु आयतुल्ला सैयद हुसैन कूह कमरई का निधन हुआ। उन्होंने अपने समय के विख्यात धर्मगुरुओं से शिक्षा ली। 800 से अधिक लोगों ने आयतुल्ला कूह कमरई से शिक्षा प्राप्त की। आयतुल्ला कूह कमरई ने धर्मशास्त्र पर कई पुस्तकें लिखीं हैं।