रविवार- 22 मार्च
22 मार्च सन 1509 ईसवी को जमाइका पर स्पेन का अधिकार हुआ।
कैरेबियन सागर में क्यूबा के दक्षिण में स्थित जमाइका द्वीप पर 1494 में विख्यात नाविक क्रिस्टोफ़र कोलम्बस ने क़दम रखा और इसके 15 वर्ष पश्चात स्पेन ने इस क्षेत्र को अपने अधिकार में ले लिया। कुछ वर्षों के बाद ब्रिटेन ने इसे अपने अधिकार में लिया और 18 वीं शताब्दी तक यह देश ब्रिटेन के अधिकार में रहा। इस दौरान ब्रिटेन ने जमाइका के स्थानीय लोगों पर भॉति भांति के अत्याचार किये। सन 1962 ईसवी में जमाइका स्वतंत्र हुआ।
- 22 मार्च सन् 752 में स्टीफेन द्वितीय 23वें कैथोलिक पोप चुने गये।
- 22 मार्च सन् 1873 में पुएरटो रिको में दास प्रथा को ख़त्म किया गया।
- 22 मार्च सन् 1882 में घातक संक्रामक बीमारी ‘टीबी’ की पहचान हुई।
- 22 मार्च सन् 1888 में इंग्लिश फुटबॉल लीग की स्थापना।
- 22 मार्च सन् 1890 में रामचंद्र चटर्जी पैराशूट से उतरने वाले पहले व्यक्ति बने।
- 22 मार्च सन् 1917 में रूस की नई सरकार को मान्यता देने वाला अमेरिका पहला देश बना।
- 22 मार्च सन् 1923 में पहली बार आइस हाकी मैच का रेडियो से प्रसारण।
- 22 मार्च सन् 1947 में अंतिम वायसराय लार्ड लुईस माउंटबेटन भारत आये।
- 22 मार्च सन् 1954 में अमेरिका में मिशीगन के साउथफील्ड में पहला शॉपिंग मॉल खोला गया।
- 22 मार्च सन् 1956 में अमरीका में रंगभेद विरोधी नेता मार्टिन लूथर किंग को एक नस्लवादी कानून का विरोध करने के कारण आज ही के दिन जेल हुई थी।
- 22 मार्च सन् 1957 में शक पर आधारित राष्ट्रीय कैलेण्डर को स्वीकारा गया।
- 22 मार्च सन् 1958 में सोवियत संघ ने नोवाया जेमलया में परमाणु परीक्षण किया।
- 22 मार्च सन् 1964 में कोलकाता में पुरानी कारों की पहली रैली ‘विंटेज कार रैली’ आयोजित।
- 22 मार्च सन् 1977 में श्रीमती इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया।
- 22 मार्च सन् 1978 में फ्रांस ने परमाणु परीक्षण किया।
- 22 मार्च सन् 1982 में नासा ने अपने अंतरिक्ष यान कोलंबिया को तीसरे मिशन पर लिए रवाना किया।
- 22 मार्च सन् 1995 में रूसी अंतरिक्ष यात्री वालेरी पेलियाकोव साढ़े चौदह माह के रिकार्ड अंतरिक्ष प्रवास के पश्चात् पृथ्वी के लिए रवाना।
- 22 मार्च सन् 1999 में जार्डन के शाह अब्दुल्ला ने अपनी पत्नी राजकुमारी रानिया को आधिकारिक रूप से महारानी नामित किया।
- 22 मार्च सन् 2002 में ब्रिटेन में गले के नीच पूरे शरीर में लकवे से ग्रस्त एक 43 साल की महिला को इच्छा मृत्यु का अधिकार दिया गया।
22 मार्च सन 1881 ईसवी को विश्व के विभिन्न देशों के बीच होने वाले फ़ुटबॉल मैचों के निरीक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय फ़ुटबॉल संघ फ़ीफ़ा का गठन हुआ। इससे पहले तक फ़ुटबॉल मैंच विभिन्न देशों में राष्ट्रीय स्तर के होते थे और इन मैचों को औपचारिकता भी नहीं प्राप्त थी। पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच सन 1901 में जर्मनी और ब्रिटेन के बीच खेल गया।

22 मार्च सन 1945 ईसवी को मिस्र की राजधानी क़ाहेरा में सीरिया, इराक़, सउदी अरब, मिस्र, और यमन के हस्ताक्षर से अरब संघ का गठन हुआ। यह संघ मिस्र के तत्कालीन नरेश मलिक फ़ारुक़ के प्रस्ताव पर बनाया गया। इस संघ के गठन का प्रस्ताव मिस्र के एलेकज़न्डरिया नगर में एक बैठक में तैयार किया गया था। इस संघ के गठन का उद्देश्य, सदस्य देशों की संप्रभुता की रक्षा करना तथा आपस में निकट राजनैतिक आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध बनाना था। सन 1950 में अरब संघ की बैठक में सदस्य देशों ने संयुक्त सुरक्षा प्रस्ताव पारित किया । सन 1962 में संघ का शिखर सम्मेलन हुआ जिस्में संयुक्त सैनिक कमान बनाने का निर्णय लिया गया किंतु इस संघ में सैनिक सहकारिता व्यवहारिक नहीं हो सकी और सदस्य देश ज़ायोनी शासन से युद्ध में अकेले रह गये इसके अतिरिक्त आंतरिक मतभेदों के कारण यह संघ अधिक शक्तिशाली नहीं हो सका।

22 मार्च सन 1946 ईसवी को जार्डन को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। प्रथम विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन ने जॉर्डन, इराक़ और फ़िलिस्तीन को उसमानी शासन के अधिकार से निकाल कर अपने क़ब्ज़े में कर लिया। सन 1946 में अर्थात द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन ने जाडॅन को स्वतंत्र करके द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपने घटक शरीफ़ हुसैन के पुत्र अमीर अबदुल्ला को इस देश का नरेश बना दिया जिसके कुछ ही समय बाद जार्डन ने अमरीका और फिर ज़ायोनी शासन से गहरे संबंध स्थापित कर लिए।

22 मार्च सन 1942 ईसवी को, क्रप्स मिशन, भारत पहुंचा। सन 1942 के आरंभिक दिनों में जब जापान ने सिंगापुर, रंगून और अंडमान द्वीप पर क़ब्ज़ा किया तो ब्रिटिश सरकार इस स्थिति से बहुत परेशान हुई और उसने कुछ ऐसे सुझाव पेश करना चाहे जिससे भारत की जनता संतुष्ट हो और वह युद्ध में उसके साथ सहयोग करे। इस उद्देश्य के लिए ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री चर्चिल ने एक समिति का गठन किया। इस समिति के प्रमुख के अतिरिक्त दो सदस्य थे। इन सदस्यों में सर स्ट्यूफ़ोर्ड क्रप्स भी शामिल थे। इस समिति में विचार विमर्श से ब्रिटिश सरकार ने यह तय किया कि सर स्टयूफ़ोर्ड क्रप्स को भारत भेजा जाए। 22 मार्च सन 1942 को स्ट्यूफ़ोर्ड भारत पहुंचे और 29 मार्च को उन सुझावों की घोषणा की जो क्रप्स सुझाव के नाम से प्रसिद्ध हैं, इसे अल्पसंख्यक पार्टियों ने भी रद्द कर दिया। इस प्रकार 12 अप्रैल वर्ष 1942 को क्रप्स विफलता के साथ स्वदेश लौट गए।
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3 फ़रवरदीन सन 1384 हिजरी शम्सी को ईरान के प्रसिद्ध विद्वान व दर्शनशास्त्री अल्लामा सैयद जलालुद्दीन आशतियानी का लंबी बीमारी के बाद स्वर्गवास हो गया। वे सन 1304 हिजरी शम्सी में एक धार्मिक व विद्वान परिवार में ईरान के केन्द्र आश्तियान में पैदा हुए। उन्होंने अपनी आरंभिक शिक्षा इसी शहर में प्राप्त की और ज्ञान की प्राप्ति में भारी रुचि के दृष्टिगत वे और अधिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए पवित्र नगर क़ुम गये जहां उन्होंने मदरसये फ़ैज़िया में पढ़ना आरंभ किया। उन्होंने आयतुल्लाहिल उज़मा बूरूजर्दी , अल्लामा तबातबाई तथा इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी से ज्ञान प्राप्त करना आरंभ किया। उसके बाद वह कुछ समय के लिए पवित्र नगर मशहद गये और अपने जीवन के अंतिम क्षणों तक वहां के धार्मिक शिक्षा केन्द्र और विश्वविद्यालय में शोधकार्य में व्यस्त रहे। उन्हें इस्लामी परिज्ञान और दर्शनशास्त्र से विशेष लगाव था। उन्होंने प्रसिद्ध दर्शनशास्त्री मुहियुद्दीन इब्ने अरबी और मुल्ला सद्रा के विचारों पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने इसी प्रकार कई पुस्तकें लिखी हैं।
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27 रजब 13 वर्ष हिजरी पूर्व हज़रत मोहम्मद अलैहिस्सलाम ने ईश्वर के आदेश पर अपने ईश्वरीय दूत होने की घोषणा की। उस समय उनकी आयु 40 वर्ष थी। पैग़म्बरी की घोषणा से पहले भी हज़रत मोहम्मद (स) ने अपने व्यवहार ईमानदारी और सच्चाई का लोहा मनवा लिया था। आज के दिन ईश्वर ने फ़रिशते को भेज को हज़रत मोहम्मद (स) को शुभसूचना दी कि उन्हें पैग़म्बर बनाया गया है जिसके बाद उन्होंने विश्ववासियों के समक्ष अंतिम आसमानी धर्म के रूप में इस्लाम को पेश किया। 13 वर्ष तक मक्का नगर में इस्लाम का प्रचार करने के बाद हज़रत मोहम्मद स मदीना पलायन कर गये और एक इस्लामी शासन की आधार शिला रखी। अधिक समय नहीं बीता था कि इस्लामी सरकार की सीमाएं बहुत विस्तृत गयीं।