Mar ०७, २०१७ १३:०४ Asia/Kolkata

23 मार्च सन 1931 ईसवी को महाराजा, सर मुहम्मद अली ख़ान, के देहान्त के बाद राजा अमीर अहमद ख़ान महमूदाबाद के गवर्नर बन गए किन्तु राजा साहब की सन्यासी सोच इस पद के भार को न उठा सकी वे बहुत शीघ्र ही मुसलमानों के राष्ट्रीय मामलों के समाधान के लिए मुस्लिम लीग के राजनैतिक मंच पर सक्रिय रूप से भाग लेने लगे।

उस समय मुस्लिम लीग को जब कभी वित्तीय सहायता की आवश्यकता हुई तो राजा साहब ने सबसे बढ़कर उस आवश्यकता को पूरा किया। उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति मुसलमानों के कल्याण के लिए वक़्फ़ कर दी थी। सन 1947 ईसवी में पाकिस्तान बनने के बाद वे पाकिस्तान चले गए और पाकिस्तान में रहने लगे। आयु के अंतिम वर्षों में वे ब्रिटेन चले गए जहां इस्लामिक रिसर्च सेन्टर से जुड़ गए। 14 अक्तूबर सन 1973 ईसवी को राजा साहब का लंदन में देहान्त हो गया और उन्हें ईरान के पवित्र नगर मशहद में दफ़्न किया गया। 

  • 23 मार्च सन् 1357 में पश्चिम बंगाल के चंद्रनगर पर लार्ड क्लाइव ने फ्रांसीसियों को हराकर कब्ज़ा किया।
  • 23 मार्च सन् 1630 में पिनेरोलो पिडमाउंट पर फ्रांस की सेना ने कब्ज़ा किया।
  • 23 मार्च सन् 1832 में ब्रिटेन की संसद में सुधार विधेयक पारति किया गया।
  • 23 मार्च सन् 1836 में फ्रेंकलिन बेल ने सिक्के छपाई के प्रेस का आविष्कार किया।
  • 23 मार्च सन् 1918 में लिथुआनिया ने स्वतंत्रता की घोषणा की।
  • 23 मार्च सन् 1931 में आज ही के दिन महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को फांसी दी गई थी।
  • 23 मार्च सन् 1940 में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग ने मुसलमानों के लिए अलग देश की मांग की।
  • 23 मार्च सन् 1945 में अमेरिकी कांग्रेस ने फिलीपींस की स्वतंत्रता को मान्यता दी।
  • 23 मार्च सन् 1950 में संयुक्त राष्ट्र ने विश्व मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना की।
  • 23 मार्च सन 1956 में पाकिस्तान दुनिया का पहला इस्लामिक गणतंत्र देश बना।
  • 23 मार्च सन् 1965 में नासा ने पहली बार “जैमिनी 3” अंतरिक्ष यान से दो व्यकितयों को अंतरिक्ष में भेजा।
  • 23 मार्च सन् 2001 में रूसी अंतरिक्ष स्टेशन ‘मीर’ की जल समाधि।
  • 23 मार्च सन् 2012 में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतकों का कीर्तिमान बनाने वाले पहले क्रिकेटर बने।
  • 23 मार्च सन् 2014 में यूरोपीय संघ और अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध लगाए।

23 मार्च सन 1652 ईसवी को ब्रिटेन की नौकाओं ने हॉलैंड की नौसेना पर आक्रमण किया। इस आक्रमण का आदेश ब्रिटेन के कट्टरपंथी शासक ओलिवर क्रैमवेल ने जारी किया था। उन्होंने इससे पहले ब्रिटिश संसद के समर्थन से इस देश के नरेश का तख़्ता पलट दिया और फिर संसद को भंग कर दिया। हॉलैंड की नौसेना पर आक्रमण के पीछे क्रैमवेल का लक्ष्य एटलांटिक महासागर में हॉलैंड की नौसेना की शक्ति को क्षीण करना था इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच साम्राज्यवादी प्रतिस्पर्धा और भी बढ़ गयी।

 

23 मार्च सन 1919 ईसवी को इटली में बेनीटो मोसोलीनी के नेतृत्व में पासीवादी आंदोलन आरंभ हुआ। फासीवाद सामान्यत: ऐसी सरकारों के लिए बोला जाता है जो जातीय भेदभाव और कट्टरपंथी राष्ट्रवादी नीतियों के आधार पर शासन करती हैं और अपने विरोधियों को कुचल कर तथा जनता की स्वतंत्रता को छीन कर अपने शासन को स्थाइत्व प्रदान करती हैं। फ़ाशिज्म आंदोलन के चलते इतिहास की बहुत सी कटु घटनाएं हुई क्योंकि सन 1922 ईसवी से कि जब मसोलीनी इटली के प्रधान मंत्री बने इस देश में अत्याचार और अन्याय फैल गया और उन्होंने हिटलर से द्वितीय विश्व युद्ध के आरंभ में साठ गांठ कर ली।

 

23 मार्च सन 1956 ईसवी को पाकिस्तान में नया संविधान तैयार किया गया। जिसके अनुसार इस देश की सरकार प्रजातांत्रिक हो गयी। सन 1948 ईसवी में मोहम्मद अली जिनाह की मृत्यु के बाद तत्कालीन प्रधान मंत्री लियाकत अली ख़ान मारे गये जिसके बाद पाकिस्तानी समाज में राजनैतिक तनाव फैल गया और यह एक नये संविधान की रचना का कारण बना।

23 मार्च सन 1962 ईसवी को अंतर्राष्टीय मौसन विभाग, डब्लयू एम ओ, की स्थापना हुई। यह संगठन संयुक्त राष्टृ से जुड़ा हुआ है और विश्व के समस्त देशों के मौसन विभाग इससे सहकारिता करते हैं।

इस संगठन के लक्ष्यों में कृषि उडडयन और समुद्रीय यात्राओं के लिए मौसम को जानकारियां उपलब्ध कराना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मौसम संबंधी जानकारियो और आंकड़ों को बताना है। इस संगठन की स्थापना दिवस अर्थात 23 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय मौसम दिवस घोषित किया गया है।

 

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4 फ़रवरदीन सन 1365 हिजरी शम्सी को ईरान के सहित्याकार अमीर हुसैन यज़्दगर्दी का 57 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे तेहरान विश्व विद्यालय की इलाहियात फैकेल्टी के प्रोफ़ेसर होने के साथ ही कई पत्रिकाओं के एडीटर भी थे। उन्होंने बहुत सी इतिहास की पुस्तकों पर फ़ुटनोटस लिखे।

उन्होंने इसी प्रकार साहित्य के क्षेत्र में भी बड़े ही सराहनीय कार्य किये।

 

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28 रजब सन 1329 हिजरी क़मरी को क़फ़क़ाज़ के प्रसिद्ध शायर मिर्ज़ा अली अकबर का निधन हुआ। वे 1278 हिजरी क़मरी में दक्षिणी क़फ़क़ाज़ के शीरवान नगर में पैदा हुए। उन्होंने पैग़म्बरे इस्लाम (स) और उनके परिजनों की प्रशसा में बहुत से शेर लिखे। साथ ही उन्होंने अपने शेरों में निर्धनों और ग़रीबों का समर्थन किया। वे बड़े ही अच्छे अंदाज़ में सामाजिक समस्याओं का उल्लेख करते थे।

उनके शेरों के संकलन से आज भी लोग लाभ उठा रहे हैं।

 

28 रजब सन 1337 हिजरी क़मरी को ईरान के प्रसिद्ध धर्मगुरु अल्लमा यज़्दी का निधन हुआ। वे आरंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उच्चस्तरीय शिक्षा के लिए इराक़ के नजफ़ नगर गये।

और महान धर्मगुरुओं की सेवा में रहकर स्वयं भी एक महान धर्मगुरु बन गये। सार्वजनिक कामों से भी उन्हें बहुत लगाव था उन्होंने कई स्कूल और मस्जिदें बनवाई। इस्लामी ज्ञान से संबंधित उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखीं।