Mar २१, २०१६ ०७:४९ Asia/Kolkata

21 मार्च सन 1685 ईसवी को जर्मन संगीतकार जोहन सेबिस्टियन बाख़ का जन्म हुआ।

21 मार्च सन 1685 ईसवी को जर्मन संगीतकार जोहन सेबिस्टियन बाख़ का जन्म हुआ। उनकी गिनती संसार के बड़े संगीतकारों में होती है। उनके परिवार की कई पीढ़ियां संगीत से जुड़ी हुई थीं। वे दस वर्ष की आयु में अनाथ हो गए थे और अपने बड़े भाई की देखरेख में वाद्य यंत्र बजाने लगे। सन 1717 में वह जर्मनी के एक राजकुमार प्रिंस लियोपोल्ड के संगीत के गुरु बन गए। बाख़ ने अपने जीवन में कई रागनियों को चरमबिंदु पर पहुंचाया। 28 जुलाई वर्ष 1750 को इस प्रसिद्ध संगीतकार का निधन हो गया।

 

21 मर्च सन 1768 ईसवी को फ़्रांस के गणितज्ञ और भौतिक शास्त्री जोज़फ़ बारवेन फ़ोरियर का जन्म हुआ। वे पेरिस विश्व विद्यालय की स्थापना से ही इस विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर रहे। साथ ही उन्हें पेरिस पोलिटेकनिक में गणित की शिक्षा देने के लिए भी आमंत्रित किया गया। फ़ोरियर द्वारा लिखी गयी पुस्तकों ने गणित के क्षेत्र में एक नया चरण आरंभ किया।

 

21 मार्च सन 1968 ईसवी को पैलेस्टाइन लिबरेशन ऑर्गनाइज़ेशन पी एल ओ तथा ज़ायोनी शासन की सेना के बीच सबसे बड़ी लड़ाई हुई। इस संगठन ने सन 1965 में अपने अस्तित्व की घोषणा की और धीरे-धीरे ज़ायोनी शासन के विरुद्ध अपनी कार्रवाइयां तेज़ कीं। यहॉ तक कि आज के दिन दोनों पक्षों में जोरदार भिड़न्त हुई। यह युद्ध करामा नामक स्थान पर हुआ था इसमें कम से कम 1230 इज़्राईली सैनिक मारे गये और दसियों टैंक तथा बक्तरबंद गाड़ियां तबाह हो गयीं। इस घटना के बाद भारी संख्या में फ़िलिस्तीनी इस्राईल से अपने अधिकारों की वापसी के लिए संगठन से जुड़ते गये किंतु सन 1991 में इस संगठन ने अपने क्रान्तिकारी लक्ष्यों से विचलित होकर ज़ायोनी शासन के साथ तथाकथित शांतिवार्ता आरंभ कर दी। और यह शांति वार्ता आज तक सफल न हो सकी क्योंकि ज़ायोनी शासन ने हमेशा विशिष्टाएं लेने का प्रयास किया।

 

21 मार्च सन 1990 ईसवी को नामीबिया को दक्षिणी अफ़्रीक़ा से स्वतंत्रता मिली और आज के दिन को इस देश का राष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया।

19वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में प्राकृतिक स्रोतों से सम्पन्न नामीबिया पर अधिकार के लिए ब्रिटेन, जर्मनी और पुर्तग़ाल के बीच प्रतिस्पर्धा आरंभ हुई। इस प्रतिस्पर्धा में जर्मनी आगे निकल गया और उसने नामीबिया पर अधिकार कर लिया तथा उसे अपना उपनिवेश घोषित किया। प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की पराजय के बाद लीग ऑफ़ नेशन्ज़ ने दक्षिण पश्चिमी अफ़ीक़ा के रुप में नामीबिया का प्रशासन दक्षिणी अफ़्रीक़ा को सौंप दिया जो उस समय अनौपचारिक रुप से ब्रिटेन का उपनिवेश था। सन 1960 से नामीबिया में दक्षिणी अफ़्रीक़ा की जातिवादी सरकार के विरुद्ध संघर्ष तेज़ हुआ किंतु दक्षिणी अफ़्रीक़ा ने कुछ पश्चिमी देशों की सहायता से नामीबिया पर अपना अधिकार बनाए रखा, यहॉ तक कि सन 1990 में नामीबिया की जनता का संघर्ष रंग लाया और यह देश स्वतंत्र हो गया।

 

21 मार्च 173 वर्ष ईसा पूर्व को ईरान की महिस्तान नामक पहली संसद की स्थापना हुई। अश्कानी शासक मेहरदाद प्रथम के काल में यह संसद गठित हुई इस संसद के सदस्य देश के राजकुमार और बड़े लोग थे। महिस्तान संसद के अधिकारों में शासक का चयन और सख़्त बीमारी, पागलपन तथा देश के साथ विश्वासघात करने की स्थिति में उसे बरख़ास्त करना, इसी प्रकार युद्ध की घोषणा एवं शॉंति का सुझाव देना शामिल था।

 

***

2 फ़रवरदीन सन 1342 हिजरी शम्सी को ईरान की शाही सरकार के कर्मियों ने मुस्लिम जनता के विरुद्ध अपनी कार्यवाहियों को जारी रखते हुए पवित्र नगर क़ुम में धार्मिक शिक्षा केन्द्र मदरसए फ़ैज़िया पर हमला किय। सुरक्षा कर्मियों ने इस हमले में धर्मगुरूओं और धार्मिक छात्रों को बुरी तरह पीटा और कुछ की हत्या भी कर दी। यह घटना 15 ख़ुरदाद 1342 के विद्रोह का कारण बनी और शाही सरकार के विरुद्ध आरंभ होने वाला आंदोलन बहमन सन 1357 हिजरी शम्सी में सफल हो गया।