Mar २५, २०१६ ०८:२५ Asia/Kolkata

25 मार्च सन 1589 ईसवी को फ़्रांस में हेनरी चतुर्थ के शासन संभालने के साथ ही इस देश पर बोरबन शासन श्रृंखला का राज आरंभ हुआ।

इससे पहले तक वालवा वंश के लोगों का फ़्रांस पर शासन था। बोरबन श्रृंखला ने 200 वर्षों तक फ़्रांस पर शासन किया। इस श्रृंखला के अंतिम नरेश लुई सोलहवें को सन 1789 में फ़्रांस की क्रान्ति की सफलता के बाद मृत्युदंड दे दिया गया।

  • 25 मार्च सन् 421 में इटली में वेनिस शहर की स्थापना हुयी।
  • 25 मार्च सन् 1306 में रॉबर्ट ब्रूस को स्कॉटलैंड का नया राजा बनाया गया।
  • 25 मार्च सन् 1668 में अमेरिकी में पहली बार घुड़दौड़ का आयोजन।
  • 25 मार्च सन् 1700 में इंग्लैंड, नीदरलैंड और फ्रांस ने दूसरे उन्मूलन समझौते पर हस्ताक्षर किया।
  • 25 मार्च सन् 1788 में समाचारपत्र ‘कलकत्ता गैजेट’ में भारतीय भाषा बांग्ला का पहला विज्ञापन प्रकाशित।
  • 25 मार्च सन् 1807 में इंग्लैंड में सबसे पहले रेलवे यात्री सेवा की शुरुआत हुयी।
  • 25 मार्च सन् 1807 में ब्रिटिश की संसद ने दास व्यापार समाप्त कर दिया।
  • 25 मार्च सन् 1814 में नीदरलैंड बैंक की स्थापना।
  • 25 मार्च सन् 1821 में ग्रीस ने तुर्की से स्वतंत्रता हासिल की।
  • 25 मार्च सन् 1883 में विश्व के सबसे आधुनिक समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत ‘सागर केन्या’ का जलावतरण।
  • 25 मार्च सन् 1896 में यूनान की राजधानी एथेंस में आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरूआत।
  • 25 मार्च सन् 1924 में ग्रीक ने अपने गणतंत्र बनने की घोषणा की।
  • 25 मार्च सन् 1954 में भारत के पहले हेलीकाप्टर “एस-55” को दिल्ली में उतारा गया।
  • 25 मार्च सन् 1975 में सऊदी अरब के शासक शाह फ़ैसल की उनके ही भतीजे राजकुमार फ़ैसल बिन मुसाद ने हत्या कर दी।
  • 25 मार्च सन् 1987 में दक्षेस (सार्क) देशों का स्थायी सचिवालय नेपाल की राजधानी काठमांडू में खोला गया।
  • 25 मार्च सन् 1988 में नासा ने अंतरिक्ष यान एस 206 का प्रक्षेपण किया।
  • 25 मार्च सन् 1995 में विख्यात मुक्केबाज़ माइक टायसन तीन साल की क़ैद के बाद जेल से रिहा हुए।
  • 25 मार्च सन् 2005 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सूडान के लिए शांति सेना की मंज़ूरी दी।
  • 25 मार्च सन् 2017 में राजस्‍थान के बीकानेर की तनुश्री पारीक भारत की पहली सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की महिला अधिकारी बनकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया।

25 मार्च सन 1830 ईसवी को यूनान ने उसमानी शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की और आज के दिन को इस देश का राष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया। यूनान, समृद्ध संस्कृति और सभ्यता का स्वामी देश है। 10 शताब्दी ईसापूर्व ही इस क्षेत्र में नगर और देश का विचार पाया जाता था। उस समय के महत्वपूर्ण नगरों में एथेंन्ज़ और इस्पार्टा थे। 338 ईसापूर्व में मेसीडोनिया ने यूनान पर अधिकार कर लिया। जिसके एक शताब्दी बाद यह देश रोम शासन के अधीन हो गया। सन 1456 ईसवी में उसमानी शासन ने यूनान को अपने कब्ज़े में ले लिया और लगभग चार शताब्दियों तक इस पर राज किया किंतु सन 1821 ईसवी से रुस, फ़्रांस और ब्रिटेन की सहायता से यूनान की जनता ने उसमानी शासन के विरुद्ध संघर्ष आरंभ किया और अंतत: आज के दिन यह देश स्वतंत्र हो गया। स्वतंत्रता प्राप्त कर लेने के बाद भी इस देश में आंतरिक झड़पें होती रहीं। सन 1973 में इस देश में पूरी तरह शांति स्थापित हो सकी।

 

25 मार्च सन 1957 ईसवी को इटली की राजधानी रोम में योरोप के विभिन्न देशों के राजनेताओं ने संयुक्त योरोपीय बाज़ार के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किये। इस प्रस्ताव के आधार पर सदस्य देशों के बीच आपस में सामान बेचनाख़रीदना सरल हो गया।

 

25 मार्च सन 1994 ईसवी को अमरीकी सेना, जो सन 1992 में छापामार कार्यवाही को समाप्त करने के वचन के साथ सोमालिया में घुसी थीं भारी पराजय का सामना करने के बाद पीछे हटने पर विवश हो गयीं। सोमालिया के विद्रोही गुटों ने सन 1991 से इस देश के तानाशाह मोहम्मद ज़ियादबारा की सरकार को गिराया किंतु एक गठबंघन सरकार के गठन के संबंध में उनमें सहमति नहीं बन पायी जिसके कारण इस देश में गृह युद्ध आरंभ हो गया। इस बीच अमरीकी सेनाएं संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से शांति रक्षक बल के रुप में सोमालिया भेजी गयीं जिन्होंने शांति की रक्षा तो कम अमरीकी हितों की रक्षा ज़्यादा की। जिसके कारण स्थानीय लोगों से अमरीकी सेनाओं की भिड़न्त हुई और 1 हज़ार अमरीकी सैनिक मारे गये। आज ही के दिन यह सेनाएं सोमालिया से निकलने पर विवश हो गयीं।

 

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30 रजब सन 499 हिजरी क़मरी को मिस्र के विख्यात साहित्यकार इब्ने बर्री का जन्म हुआ। उन्होंने क़ाहेरा नगर को अपनी शिक्षा के लिए चुना और वहां विद्वानों से शिक्षा प्राप्त की। धीरे धीरे अरबी साहित्यकार के रूप में उन्हें बड़ी ख्याति प्राप्त हो गई और वह साहित्य के क्षेत्र में चरम बिंदु पर पहुंच गए। उन्होंने मिस्र में क़ुरआन और अरबी भाषा की शिक्षा देना आरंभ कर दिया। कुछ समय बाद इब्ने बर्री ने सरकारी पत्र लिखने का काम संभाल लिया। उन्होंने अरबी व्याकरण पर महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं।