गुुरुवार- 26 मार्च
26 मार्च का दिन बांग्लादेश में स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाया जाता है...
1552, गुरू अमरदास सिखों के तीसरे गुरू बने।
1668, ब्रिटेन ने मुम्बई (बंबई) पर क़ब्ज़ा कर लिया।
1780, ब्रिटेन के अख़बार ब्रिट गैजेट और संडे मॉनीटर पहली बार रविवार के दिन प्रकाशित हुए।
1971, बांग्लादेश पाकिस्तान से अलग होकर एक स्वाधीन देश बन गया।
1995, 15 सदस्यीय यूरोपीय यूनियन के सात देशों के बीच आंतरिक सीमा नियंत्रण समाप्त।
2003, पाकिस्तान ने 200 कि.मी. की दूरी तक मार करने वाली परमाणु प्रक्षेपास्त्र 'अब्दाली' का परीक्षण किया।
2015, सऊदी अरब ने अपने पड़ोसी देश यमन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ दिया और भीषण हवाई हमले शुरू कर दिए।
26 मार्च 1952 ईसवी को केन्या में जोमो केन्याटा के नेतृत्व में ब्रितानी साम्राज्य के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन आरंभ हुआ। केन्या प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के बीच के वर्षों में लड़ाई झगड़ों, अराजकता और अशांति का शिकार था किन्तु विश्व युद्ध के पश्चात केन्या की जनता विदेशी वर्चस्व के विरुद्ध उठ खड़ी हुई और उसने स्वतंत्रता आंदोलन आरंभ किया। केन्या में साम्राज्य के अत्याचारों का मुक़ाबला करने के लिए माओ माओ नामक संगठन बना। इस संगठन के बहुत से सदस्य सशस्त्र थे और यह संगठन केन्या की जनता के लिए योरोपीय नागरिकों के समान राजनैतिक व सामाजिक अधिकारों का इच्छुक था। माओ माओ संगठन के निरंतर संघर्ष के परिणाम में केन्या को 1963 में स्वतंत्रता मिली। केन्या का क्षेत्रफल 5 लाख 8 हज़ार वर्ग किलोमीटर है और यह अफ़्रीक़ा महाद्वीप के पूर्वी भाग में स्थित है।
26 मार्च सन 1827 ईसवी को जर्मनी के विख्यात संगीतकार लडविग वैन बीथोवेन का 57 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उनका जन्म 17 दिसम्बर सन 1770 ईसवी को बोन नगर में हुआ था। उन्होंने बचपन और जवानी में बड़ी कठिनाइयां झेलीं फिर भी अपने परिश्रम से उन्होंने विश्व विख्यात संगीतकारों जोज़ेफ़ हेडेन आदि से शिक्षा ली। उनकी एक विचित्र बात यह थी कि वे कम सुनते थे और 49 वर्ष की आयु से तो वे बहरे हो गये इस तरह वो अपने संगीत को भी नहीं सुन सके।

26 मार्च सन 1911 ईसवी को अमरीका के कुशल ड्रामा लेखक टेन्सी विलियम्ज़ का जन्म हुआ। उन्हें साहित्य से गहरा लगाव था जो विद्यालय और विश्व विद्यालय की शिक्षा के दौरान और भी गहरा हो गया। जिसके परिणाम स्वरुप वे एक कुशल लेखक बन कर उभरे। उनकी रचनाओं में अधिकतर अमरीका के सीधे सादे सताए हुए लोगों के जीवन को प्रदर्शित किया गया है।

26 मार्च सन 1971 ईसवी को व्यापक स्तर पर विद्रोह और राजनैतिक खींचतानी के बाद पूर्वी पाकिस्तान अर्थात वर्तमान बांगलादेश पाकिस्तान से अलग हो गया। पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान सन 1947 में भारत से अलग होकर एक स्वतंत्र देश बने किंतु पूर्वी पाकिस्तान का बंगाली बाहुल्य क्रेंदीय सरकार की भेदभावपूर्ण और जातिवादी नीतियों से अप्रसन्न थे। पूर्वी पाकिस्तान के लोगों ने इसी कारण पहले तो स्वायत्तता मांगी और फिर स्वतंत्रता की मांग करने लगे। पाकिस्तान की सेना ने पूर्वी पाकिस्तान की राजधानी ढाका को अपने क़ब्ज़े में कर लिया जिसके बाद बंगालियों ने सेना के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष आरंभ कर दिया। भारत की ओर से भी विद्रोहियों को बढ़ावा मिला। परिणाम स्वरुप युद्ध आरंभ हो गया जिसमें पाकिस्तान की सेना को भारत की सेना से पराजय हुई और वो पूर्वी पाकिस्तान से निकलने पर विवश हो गयी जिसके बाद यह क्षेत्र स्वतंत्र हो गया। शेख़ मुजीबुर्रहमान बंग्लादेश के राष्ट्रपति बने किंतु एक विद्रोह के दौरान उनकी हत्या कर दी गयी। बंगलादेश भारतीय उप महाद्वीप के पूर्वोत्तर में स्थित है। भारत और म्यानमार इसके पड़ोसी देश हैं।

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7 फ़रवरदीन सन 1262 हिजरी शम्सी को ईरानी बुद्धिजीवी हुसैन काज़िम ज़ादे ईरान के तबरीज़ नगर में जन्मे। अपने पैत्रिक नगर में आरंभिक शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात वह उच्च शिक्षा के लिए कॉकेशिया और इस्तांबोल गए। तुर्की से वे पवित्र नगर मक्का और फिर वहां से योरोप चले गए। पेरिस के एक विश्वविद्यालय से उन्होंने पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में फ़ारसी भाषा व साहित्य की शिक्षा भी दी। हुसैन काज़िमज़ादे ने जर्मनी में अपनी आयु के 19 वर्ष बिताए। उसके बाद वे स्वीज़रलैंड चले गए। वे फ्रांसीसी, अंग्रेज़ी, जर्मन और अरबी भाषाओं में दक्ष थे। उन्होंने अनेक किताबें लिखीं तथा बहुत से शेर भी कहे। स्वीज़रलैंड में 87 वर्ष की आयु में उनका देहान्त हुआ और वहीं पर उन्हें दफ़्न कर दिया गया।
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पहली शाबान 693 ईसवी को इस्लामी जगत के प्रख्यात लेखक व धर्मगुरू इब्ने ताऊस का इराक़ के शहर काज़मैन में निधन हुआ। वह सन 648 हिजरी क़मरी में पैदा हुए। इब्ने ताऊस ग्यारह वर्ष की आयु में क़ुरआन के हाफ़िज़ बन गए इसके बाद उन्होंने अरबी साहित्य का ज्ञान प्राप्त किया। इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक शिक्षा भी पूर्ण रूप से प्राप्त की। उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं।
पहली शाबान सन 1266 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत के एक अन्य विख्यात धर्मगुरू मोहम्मद हसन नजफ़ी का निधन हुआ। उन्होंने जवाहेरुल कलाम नामक एक अति महत्वपूर्ण पुस्तक लिखी जिसमें इस्लामी नियमों को उनके तर्कों समेत बयान किया गया है। उनको इसी पुस्तक के कारण साहेबे जवाहिर के नाम से ख्याति प्राप्त हुई।