Mar २७, २०१६ ०५:४८ Asia/Kolkata

27 मार्च सन 1797 ईसवी को फ्रांस के प्रसिद्ध कवि व लेखक अलफ़्रेड डे वेनी Alfred de Vigny का जन्म हुआ।

वे युवाकाल में सेना में शामिल हो गये और सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी बन गये। उनकी शायरी में दर्शनशास्त्र की झलक थी जिसे उनकी कविताओं और लेखों में भलिभांति देखा जा सकता है। वेनी ने बहुत सी कविताओं व पुस्तकों की रचनाएं की हैं जिनका अनुवाद है, नये व पुराने शेर, भविष्य, पांच मार्च यह पुस्तकें अब भी पुस्तकालयों में मौजूद हैं। वर्ष 1863 में उनका निधन हो गया।

  • 27 मार्च सन् 1668 में इंग्लैंड के शासक चार्ल्स द्वितीय ने बांबे को ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपा था।
  • 27 मार्च सन् 1721 में स्पेन और फ्रांस ने मैड्रिड समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
  • 27 मार्च सन् 1794 में अमेरिकी कांग्रेस ने देश में नौसेना की स्थापना को स्वीकृति दी।
  • 27 मार्च सन् 1841 में पहले स्टीम फायर इंजन का सफल परीक्षण न्यूयार्क में किया गया।
  • 27 मार्च सन् 1855 में अब्राहम गेस्नर ने केरोसिन(मिट्टी के तेल) का पेटेंट कराया।
  • 27 मार्च सन् 1884 में बोस्टन से न्यूयार्क के बीच पहली बार फोन पर लंबी दूरी की बातचीत हुयी।
  • 27 मार्च सन् 1899 में इतालवी आविष्कारक जी मारकोनी द्वारा फ्रांस और इंग्लैंड के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय रेडियो प्रसारण किया गया।
  • 27 मार्च सन् 1901 में अमेरिका ने फिलीपीन्स के विद्रोही नेता एमिलियो एग्विनाल्डो को अपने कब्ज़े में लिया।
  • 27 मार्च सन् 1933 में जापान ने लीग ऑफ नेशंस से खुद को अलग कर लिया।
  • 27 मार्च सन् 1956 में अमेरिकी सरकार ने कम्युनिस्ट अख़बार डेली वर्कर को ज़ब्त कर लिया।
  • 27 मार्च सन् 1961 में आज के दिन से पहला विश्व रंगमंच दिवस मनाने की शुरुआत हुई।
  • 27 मार्च सन् 1977 में टेनेरीफ़ में दुनिया की सबसे भयानक विमान दुर्घटना हुई थी, जिसमें तक़रीबन 600 लोग मारे गए थे।
  • 27 मार्च सन् 1977 में यूरोपियन फ़ाइटर एअरक्राफ़्ट यूरोफाइटर ने पहली उड़ान भरी।
  • 27 मार्च सन् 1982 में एएफ़एमए.चौधरी बांग्लादेश के राष्ट्रपति नियुक्त किए गए थे।
  • 27 मार्च सन् 1989 में  अंतरिक्ष में अमेरिका के मिसाइल “रोधी उपग्रह” का परीक्षण विफल हुआ।
  • 27 मार्च सन् 1999 में पहला मैक्रो वायरस “मेलिसा” की सूचना दी गई।
  • 27 मार्च सन् 2003 में रूस ने घातक टोपोल आर एस-12 एम बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया।
  • 27 मार्च सन् 2006 में यासीन मलिक ने भारत प्रशासित कश्मीर में जनमत संग्रह कराए जाने की मांग की।
  • 27 मार्च सन् 2008 में अंतरिक्ष यान एंडेवर पृथ्वी पर सफलतापूर्वक सुरक्षित लौटा।

27 मार्च सन 1845 ईसवी को जर्मनी के भौतिकशास्त्री व गणितज्ञ वेलहेलम रोंटगन का जन्म हुआ। उन्होंने सन 1895 ईसवी में विशेष किरण एक्स रे का पता लगाया। सन 1923 ईसवी में रोंटगन का निधन हुआ।

 

 

27 मार्च सन 1948 ईसवी को फ़्रांस की सरकार ने फ़्रांस के घटक और समर्थक देशों का संघ नाम से एक संगठन बनाकर, उन स्वतंत्र देशों को एकजुट करने का प्रयास किया जो अतीत में उसके उपनिवेश रह चुके थे। यह संगठन भी राष्ट्रमंडल संगठन के समान था जिसमें ब्रिटेन के उपनिवेश रह चुके देश शामिल हैं। इस संघ का अस्तित्व में आना फ्रैकफ़ोनी देशों के संगठन की भूमिका बना। फ़्रैकफोनी अफ़्रीक़ा महाद्वीप के उन देशों को कहा जाता है जो किसी समय फ़्रांस के उपनिवेश थे। इस संगठन ने पिछले दो दशकों में अपनी गतिविधियां तेज़ की हैं और इसके सदस्य तथा निरीक्षक देशों की संख्या 52 हो गयी है। इस संगठन का लक्ष्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सांस्कृतिक और विज्ञान के क्षेत्र में सहकारिता को विस्तृत करना है किंतु वास्तविकता यह है कि फ़्रांस इन देशों में अपना प्रभाव बढ़ाने और अपने हितों की पूर्ति के लिए प्रयास कर रहा है।

 

27 मार्च सन 1898 ईसवी को भारतीय उपमहाद्वीप के प्रख्यात विचारक व समाज सुधारक सर सैयद अहमद ख़ां का निधन हुआ। वे 17 अक्तूबर सन 1817 ईसवी को नई दिल्ली में पैदा हुए थे। 22 वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद उन्होंने नौकरी की और फिर सन 1841 में जज बन गए। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की विफलता के बाद मुसलमानों की दुर्दशा से सर सैयद अहमद ख़ां बहुत दुखी रहते थे। उन्होंने इस संग्राम के कारणों पर आधारित एक पुस्तक लिखी जिसका नाम असबाबे बग़ावते हिंद है। उन्होंने एक साइन्टेफ़िक सोसायटी की स्थापना की। सर सैयद ने सन 1875 में अली गढ़ में मोहम्डन एंग्लो ओरियंटल कालेज बनाया जो इस समय अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के नाम से प्रख्यात है। उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान ज्ञान विज्ञान से जुड़ा उनका आन्दोलन है। सर सैयद ने अपने लेखों और भाषणों से मुसलमानों को विज्ञान एवं नवीन विषयों का ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

27 मार्च सन 1964 ईसवी को साइप्रस में औपचारिक रुप से संयुक्त राष्ट्र की सेना का गठन हुआ।

 

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2 शाबान सन 1325 हिजरी क़मरी को ईरान के समाचार पत्र नसीमे शुमाल का पहला संस्करण प्रकाशित हुआ जिसमें अधिकतर तत्कालीन क़ाजारी शासक मोहम्मद अली शाह क़ाजार और उसके पिटठुओं के अत्याचारों की आलोचना की गयी थी।