Dec १२, २०१७ ०९:५९ Asia/Kolkata

हमने चौथी शताब्दी के अंत और पांचवीं शताब्दी के आरंभ में जन्में ईरानी परिज्ञानी अली बिन उस्मान हजवीरी के बारे में  बताया था।

हमने आपको बताया था कि ग़ज़ना उनका जन्मस्थल था और उसके बाद उन्होंने आरंभिक शिक्षा प्राप्त की और फिर ज्ञान की प्राप्ति के लिए लंबी लंबी यात्राएं कीं और अपने समय के प्रसिद्ध धर्म गुरुओं से शिक्षाएं प्राप्त कीं। हजवीरी की यात्रा का अंतिम पड़ाव लाहौर था। इस शहर में उनको कश्फ़ुल महजूब नामक पुस्तक लिखने का अवसर मिला या इस दौरान उन्होंने इस किताब को पूरा किया। हजवीरी ने लाहौर में बहुत अधिक सेवाएं अंजाम दीं और हज़ारों मुरीद बना लिए। कश्फ़ुल महजूब नामक पुस्तक की समीक्षा से पता चलता है कि यह पुस्तक पांच खंडों पर आधारित है जिसमें विभिन्न भाग है। इस किताब के दो मूल आधार हैं। इनमें से एक ईश्वर के साथ मनुष्य के विशेष संबंध और दूसरा आधार मनुष्य का अपनी आत्मा से मुक़ाबला। किताब के दूसरे भाग एक दूसरे से अलग होने के बावजूद आपस में जुड़े हुए हैं। इस पुस्तक के महत्वपूर्ण भागों में से एक कहानियां हैं जिनके माध्यम से परिज्ञान की बहुत महत्वपूर्ण बातें पाठकों तक पहुंचाई गयी हैं। यह कहानियां, अपनी बात को पेश करने के लिए छोटी कहानियों के टुकड़ों के बीच समवन्य पैदा करते और हजवीरी की कहानी बयान की शक्ति को स्पष्ट करती हैं। हजवीरी ने अपनी महत्वपूर्ण पुस्तक कश्फ़ुल महजूब की मूल्यवान चर्चा के दौरान कहानियां बयान करके अपनी शिक्षाओं को संबोधकों के सामने साक्षात रूप से पेश करने का प्रयास किया और उनके लिए परिज्ञानी विषयों के समझने को सरल बना दिया। यही कारण है कि उन्होंने अपनी कहानियों का नाम ग़ुरर अर्थात चुनी हुई बातें रखा है।  उनकी कहानियों का भाग बहुत ही सरल और सादा है जिसमें शिक्षा के पहलू होते हैं और धर्म और परिज्ञान के विषय के महापुरुषों तथा कभी कभी आम जनता के बारे में बातें की जाती हैं। हजवीरी की कहानियां अधिकतर उन घटनाओं से ली गयी हैं जिनका सामना अधिकतर सूफ़ी और परिज्ञानी करते हैं।

हजवीरी की कहानियों में विभिन्न नाएक नहीं होते। उन्होंने अपनी कहानियों की संख्या अधिक होने कारण बहुत से नायक कहानियों में शामिल किए। स्वभाविक है कि छोटी कहानियों में उन्होंने अनेक नायकों  का उल्लेख नहीं किया है। इस प्रकार की कहानियों में दो से तीन भूमिकायें होतें हैं, तीन नायको वाली कहानियों में तीसरे व्यक्ति की कोई ख़ास भूमिका नहीं होती थी। अधिकतर कहानियां एक ही व्यक्ति के इर्द गिर्द घूमती रहती हैं।  आरंभ में इस किरदार को तो कुछ पता ही नहीं रहता किन्तु बाद में आंतरिक पुकार और भविष्य वाणी की वजह से परिवर्तित हो जाता है, अपना रास्ता बदल देता है और ऐसे चरण पर पहुंच जाता है कि उसके हाथों कभी कभी चमत्कार भी होते हैं।

परिज्ञान की कहानियों में विषय और ढांचे को देखकर कोई शामिल किया जाता है। यह किरदार, ऐतिहासिक किरदारों से मिलते जुलते हैं किन्तु पूर्ण रूप से वैसा नहीं होता। हजवीरी अपने दृष्टिगत किरदार को अपने हिसाब से बनाते हैं और हस्तियों का चयन, चुनावी दुनिया में उनकी मदद करता है। कश्फ़ुल महजूब की कहानियां किसी एक व्यक्ति के इर्द गिर्द घूमती हैं किन्तु हर कहानी में हस्तियां अलग अलग नहीं हैं। हजवीरी की लघु कहानियों पर नज़र डालने से पता चलता है कि इन कहानियों के मुख्य किरदार सूफ़ीवादी और परिज्ञानी महापुरुष होते हैं। यह हस्तियां हजवीरी के काल की होती थीं या उनसे पहले गुज़रे हुए परिज्ञानी हुआ करते थे। जुनैद, शिबली, ज़ुन्नून मिस्री, इब्राहीम ख़व्वास, अबू सईद अबुल ख़ैर, बायज़ीद बस्तामी, इब्राहीम अदहम, अबुल क़ासिम गुरगानी या हजवीरी के उस्ताद और हसन बसरी उन महान हस्तियों में हैं जिनका उल्लेख कहानियों में मिलता है।

भविष्यवाणी, हजवीरी की कहानियों में एक सक्रिय किरदार होता है। यही वह किरदार है जो ईश्वर की ओर से संदेश लाता है। उसकी भूमिका कभी कभी मुख्य हस्ती के मुक़ाबले में कहानियों की गुत्थियां खोलने वाली होती है। कहा जाता है कि एक दिन शिब्ली ने नहाया और वह मस्जिद जाना चाहते थे, इसी बीच भविष्यवाणी हुई कि विदित को तो धो लिया, भीतर की सफ़ाई कहां है, उन्होंने कहा मैं वापस हुआ और अपनी समस्त धन संपत्ति दे दी। समस्त कहानियों में उस परिज्ञानी के अलावा जो कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बिना नाम के कुछ लोगों पर आधारित एक गुट, या युवा, ख़लीफ़ा, बूढ़ा, दरवेश इत्यादि के रूप में भी उल्लेख किया गया है। हजवीरी ने कहानियों को शिक्षा और प्रशिक्षण के आयाम से बयान किया है, वह आधार जो बदलाव पैदा कर दे, एक स्थिति से दूसरी स्थिति की ओर बदलाव, गुमराही की खाई से मार्गदर्शन की ऊंचाईयों और अच्छे आचरण की ओर, कभी कभी ईश्वरीय अनुकंपा से मनुष्य के हाथों कुछ चमत्कार प्रकट होते हैं, इससे मनुष्य भीतर से बदल जाता है।

 

यह बात ध्यान योग्य है कि कश्फ़ुल महजूब नामक पुस्तक में कुछ हस्तियां परिवर्तित नहीं होतीं, उदाहरण स्वरूप सूफ़ीवाद की वह हस्तियां जो अपने कर्मों और बयानों से दूसरों के परिवर्तित होने का कारण बनी हैं, अधिकतर वर्णित हैं किन्तु अधिकतर कहानियों के विषय वह परिवर्तन हैं जो किरदार के उच्च स्तर को बयान करने वाली होती हैं। यह कहानियां सामान्य रूप से उस परिज्ञानी के जीवन से आरंभ होती हैं जो उसी समय बदला। कभी कभी यह परिवर्तन मुख्य किरदार में नज़र आता है तो कभी कभी यह बदलाव साइड नायक में दिखता है। जैसा कि ज़ुन्नून मिस्र के चमत्कार के कारण तूफ़ान में थपेड़े खा रही नौका में बैठे गाने बजाने वाले लोग बच गये। हजवीरी इस कहानी को इस प्रकार बयान करते हैः एक दिन ज़ुन्नून अपने साथियों के साथ नौका में बैठे हुए थे, वह नील नदी में मनोरंजन के लिए निकले थे, जैसा कि मिस्र के निवासियों की आदत थी, इसी बीच एक एक दूसरी नौका आ गयी और उसमें बैठे नाचने गाने वाले लोग भ्रष्ट हरकतें कर रहे थे, इसी बीच उनके शिष्यों ने कहा कि हे उस्ताद ईश्वर से दुआ करें कि यह नौका डूब जाए ताकि दुनिया से यह बुरे लोग मिट जाएं, ज़ुन्नून रहमतुल्लाह अलैह अपने पैरों पर खड़े हुए और हाथों को आसमान की ओर उठाया और कहा कि हे पालनहार जिस प्रकार इस गुट को तूने दुनिया में ख़ुशहाल और अच्छा रहा है उसी प्रकार उस दुनिया में और भी समय तक ख़ुशहाल रख, उनके मुरीदों को उन पर बहुत आश्चर्य हुआ, चूंकि उनके सामने आने वाली नौका में बैठे लोगों ने अपने नाचने बजाने के यंत्र तोड़ दिए थे और प्रायश्चित कर लिया था और ईश्वर की ओर पलट गये थे। उन्होंने अपने शिष्यों से कहा कि उस दुनया में ख़ुशहाल रहने का अर्थ इस दुनिया में प्रायश्चित था, क्या तुमने नहीं देखा कि मेरी दुआ स्वीकार हुई और किसी को मुक्ति मिली।

कहानियों के प्रभाव में इसका स्थान, समय और जगह बहुत महत्व रखती है। हजवीरी ने अपना संदेश पहुंचाने में इस तत्व से भरपूर लाभ उठाया है। कुछ कहानियों में वह स्थान और समय की ओर भी संकेत करते हैं जबकि कुछ कहानियों में समय और स्थान का उल्लेख बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि कुछ कहानियां स्थान और समय के हिसाब से एक दूसरे से जुड़ी हुई होती हैं। बहुत सी कहानियां इतिहास के हिसा से महत्वपूर्ण होती हैं जबकि कुछ कहानियों में एक दिन, कभी, एक रात, कुछ समय इत्यादि का शब्द प्रयोग किया गया है। हजवीरी की कहानियों की अधिकतर हस्तियां, वास्तविक व ऐतिहासिक हैं और यही वजह है कि उनके काल को अच्छी तरह समझा जा सकता है। सामान्य रूप से घटना का स्थान सीमित है जबकि कुछ विशेष घटनाएं विशेष स्थान पर हुई हैं।

कहानियां और हस्तियों के बारे में बयान करने में महत्वपूर्ण साधन वार्ता है क्योंकि मनुष्य के जीवन का एक बड़ा भाग वार्ता पर आधारित होता है। लेखक वार्ता के माध्यम से उन सूचनाओं को संबोधकों के हवाले कर सकता है जिसे उसकी आवश्यकता होती है।

कश्फ़ुल महजूब नामक पुस्तक की कहानियां भी बातचीत के रूप में है, यदि बातचीत का कुछ हिस्सा हटा दिया जाए तो कहानी में कुछ बचेगा ही नहीं, यह बातचीत स्वाधीन नहीं है, इसको कथानक बयान करता है, हजवीरी इन कहानियों में हर एक हस्ती के बदले बोलते हैं और उनका गंभीर लहजा पूरी कहानी पर छाया रहता है। वह बातचीत के रूप में लोगों की आस्थाओं, नैतिकता, शिष्टाचार, जीवन शैली और बहुत सी सूचनाएं पाठकों तक पहुंचाते हैं।