ईरानी बाज़ार-40
मेडिकल या चिकित्सा पर्यटन, पर्यटन के बारे में तो आप जानते ही हैं।
पर्यटन के अन्तर्गत लोग एक देश से दूसरे देश जाकर वहां के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और अन्य आकर्षणों से लाभान्वित होते हैं। वर्तमान समय में पर्यटन को कई भागों में वर्गीकृत किया गया है जिनमें से एक, चिकित्सा पर्यटन भी है। चिकित्सा पर्यटन में मनुष्य किसी बीमारी के उपचार के उद्देश्य से उस देश की यात्रा करता है जहां पर उसकी बीमारी का उपचार किया जा सके। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य तो विदेश जाकर अपना उपचार करना होता है किंतु साथ ही यात्री उस देश के पर्यटक आकर्षणों से भी अवगत होता है। सन 1990 से विभिन्न कारणों से चिकित्सा पर्यटन बहुत तेज़ी से विकसित हुआ है। स्वास्थ्य पर्यटन के विकसित होने के बहुत से कारक हैं जैसे भूमण्डलीकरण, आर्थिक स्थिति में सुधार, आधुनिक स्वास्थ्य उपकरणों की उपस्थिति, जनसंख्या में वृद्धों की संख्या में बढ़ोत्तरी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में होने वाली प्रगति आदि।
इन्फर्टिलिटी, बांझपन या निःसन्तान होना ऐसी बीमारी है जिसके इलाज के लिए लोग अपना देश छोड़कर दूसरे देशों की यात्रा करते हैं। संसार के सभी समाजों में संतान को विशेष महत्व प्राप्त है। संतान से ही मनुष्य का वंश आगे बढ़ता है। जो लोग संतान से वंचित होते हैं उनके भीतर एक प्रकार की निराशा पाई जाती है। एसे लोग सामान्यतः तनावग्रस्त रहते हैं। उनके तनाव का मुख्य कारण संतान का न होना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व में 8 से 12 प्रतिशत शादीशुदा लोग, बेऔलाद हैं। इस हिसाब से संसार में लगभग 80 मिलयन या आठ करोड़ लोग, संतान से वंचित हैं।
वर्तमान समय में विज्ञान ने बहुत प्रगति की है। बहुत सी बीमारियों के इलाज ढूंढ लिए गए हैं। आज दुनिया के विकसित देशों में अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से कई असाध्य बीमारियों का इलाज किया जाता है जिनमें से एक बांझपन है। कई एसे देश हैं जहां पर उचित ढंग से इस बीमारी का इलाज किया जाता है। इस समय बहुत से देशों में संतान पैदा करने के लिए पारंपरिक उपचार से अलग हटकर आधुनिक शैली से भी उपचार किया जाता है। इसके लिए बेऔलाद लोगों को उस देश की यात्रा करनी पड़ती है जहां पर बांझपन का इलाज किया जाता है।
वे देश जहां पर उचित ढंग से इनफ़र्टिलिटी या बांझपन का इलाज किया जाता है उनमें से एक ईरान भी है। बांझपन के इलाज में ईरान, मध्यपूर्व में सबसे महत्वपूर्ण देश माना जाता है। यहां पर दक्ष चिकित्सकों की देखरेख में इनफर्टिलिटी का उपचार उचित ढंग से किया जाता है। ईरान में इस समय बांझपन के उपचार के 50 से अधिक महत्वपूर्ण केन्द्र सक्रिय हैं जहां पर ईरान से ही नहीं बल्कि दूसरे देशों से भी लोग आकर अपना उपचार करवाते हैं।
उदाहरण स्वरूप दक्षिणी ईरान में इनफ़र्टिलिटी के केन्द्रों में फ़ार्स की खाड़ी के देशों के मरीज़ अपने उपचार के लिए आते हैं। इसके अतिरिक्त यज़्द प्रांत में भी इनफर्टिलिटी के ऐसे केन्द्र मौजूद हैं जो विश्व ख्याति के स्वामी हैं। यहां पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के शोध केन्द्र पाए जाते हैं जहां पर बांझपन का इलाज आधुनिक ढंग से किया जाता है। यज़्द की भौगोलिक स्थिति और वहां पर पाए जाने वाले प्राकृतिक आकर्षणों के कारण यहां पर उपचार के उद्देश्य से आने वाले लोग यज़्द के प्राकृतिक आकर्षणों से भी आनंदित होते हैं। इसके अतिरिक्त राजधानी तेहरान, इस्फ़हान, शीराज़, मशहद, क़ुम और केरमानशाह आदि शहरों में भी इनफ़र्टिलिटी के अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के क्लीनिक मौजूद हैं जहां पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोग बांझपन के इलाज के लिए आते हैं।
ईरान में इनफ़र्टिलिटी का सबसे मश्हूर और महत्वपूर्ण केन्द्र है “रोयान” जिसे अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त है। यहां पर बांझपन का उपचार आधुनिक ढंग से किय जाता है। सन 1991 में रोयान नामक इन्सटीट्यूट ने आधुनिक तकनीक से बहुत सीमित स्तर पर विशेषज्ञ डाक्टरों के माध्यम से बांझपन का उपचार आरंभ किया था। एक दशक के भीतर ही रोयान ने इस क्षेत्र में बहुत ख्याति अर्जित की जिसके कारण इसकी गतिविधियां बहुत बढ़ गईं। वर्तमान समय में रोयान में बहुत बड़े पैमाने पर इनफर्टिलिटी का उपचार किया जाता है। अब यहां पर ईरान के अतरिक्त लगभग 20 देशों से लोग अपने उपचार के लिए आते हैं जैसे इराक, बहरैन, तुर्की, फ्रांस, आस्ट्रिया, कनाडा और फार्स की खाड़ी के देश आदि।
रोयान इनफर्टिलिटी केन्द्र, विदेशी मरीज़ों को अलग से विशेष सेवाएं भी प्रदान करता है जैसे उन्हें दूसरे बीमारों की तरह लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ता बल्कि उनका अलग से बड़ी दक्षता से इलाज किया जाता है। क्योंकि रोयान, ईरान में बहुत ही मश्हूर है इसलिए यहां पर बीमार, बहुत बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। ऐसे में डाक्टर से मिलने के लिए लंबा समय लगता है किंतु विदेशी मरीज़ों का इलाज तत्काल आरंभ किया जाता है। जो लोग रोयान के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं वे इसकी साइट के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसका पता इस प्रकार हैः http://www.royaninstitute.org/cmsen/
रोयान इन्सटीट्यूट के अतिरिक्त ईरान में कई अन्य इन्सटीट्यूट मौजूद हैं जो इनफर्टिलिटी का उचित ढंग से उपचार करते हैं जिनमें से एक का नाम “इब्ने सीना” है। इस केन्द्र में भी लोग बांझपन के उपचार के लिए आते हैं। अब तक इब्ने सीना में बहुत से बेऔलाद लोगों का सफल ढंग से उपचार किया जा चुका है। इब्ने सीना इन्सटीट्यूट के प्रमुख डॉक्टर मुहम्मद मेहदी आख़ुंदी कहते हैं कि ईरान ने उपचार के जिन क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है उनमें से एक इनफर्टिलिटी का उपचार है। वे कहते हैं कि संसार में बेओलाद लोगों की संख्या बहुत है। हालिया दशकों में इस क्षेत्र में विश्व स्तर पर बहुत विकास हुआ है। ईरान ने भी बांझपन के उपचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
डॉक्टर आखुंदी कहते हैं कि आधुनिक ढंग से बांझपन के उपचार का ख़र्च बहुत है। इस हिसाब से यह बहुत मंहगा इलाज है। वे कहते हैं कि यूरोप और अमरीका में बांझपन के इलाज पर जितना पैसा ख़र्च होता है उसके मात्र पांचवे हिस्से में ईरान में इनफर्टिलिटी का इलाज किया जाता है। डाक्टर आख़ुंदी के अनुसार यही कारण है कि ईरान में बांझपन का इलाज कराने के लिए बहुत से देशों से बड़ी संख्या में मरीज़ यहां के केन्द्रों में आते हैं। इन केन्द्रों में विदेशी बीमारों के लिए अनुवाद करने वालों की भी सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यहां पर इलाज कराने वाले टेलिफोन, ई-मेल और इंटरनेट के माध्यम से जानकारियां प्राप्त करने के साथ ही साथ अपने उपचार के बारे में भी बहुत कुछ जान सकते हैं।
जैसाकि आप जानते हैं कि संतान प्राप्ति के लिए इंसान सबकुछ करने के लिए तैयार रहता है। ऐसे में बेऔलाद लोग कई बार उल्टे-सीधे डाक्टरों या हकीमों के हाथों अपना समय और पैसा दोनों ही बर्बाद कर देते हैं। बाद में कभी-कभी यह स्थिति हो जाती है कि फिर उनका इलाज भी संभव नहीं होता। ऐसे में निःसन्तान लोगों के लिए बहुत ज़रूरी है कि इसके इलाज से पहले वे इस बात को निश्चित बनाएं कि वे जिसका इलाज करवा रहे हैं वह डाक्टर या इन्सटीट्यूट कैसा है। क्योंकि ग़लत जगह पर इलाज कराने से जहां मरीज़ों का पैसा और समय नष्ट होता है वहीं पर बेऔलाद लोगों के भीतर एक विशेष प्रकार की निरशा घर कर जाती है जिसके कारण वे मानसिक रूप में बीमार हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि निःस्तान या बेऔलाद लोगों के इलाज के लिए वर्तमान समय में जो आधुनिक तकनीकें अपनाई जाती हैं उनका प्रयोग ईरान में भी किय जाता है। यही कारण है कि ईरान में निःसन्तान लोगों के उपचार में काफ़ी सफलताएं मिली हैं। डाक्टरों का कहना है कि ईरान में कम पैसा ख़र्च करके वे सुविधाएं प्राप्त की जा सकती हैं जो दूसरे देशों के अधिक पैसा खर्च करने के बाद ही मिलती हैं। ईरान में मौजूद इनफर्टिलिटी केन्द्रों में विदेशी बेऔलाद लोगों की बढ़ती संख्या इसी बात की पुष्टि करती है।