ईरानी बाज़ार-41
आपको शायद ही कोई एसा इंसान मिले जो अपने जीवन में कभी भी दांतों के डाक्टर के पास न गया हो।
बहुत से लोग तो दांतों के डाक्टरों के पाच जाने से कतराते हैं जबकि एसे भी लोग हैं जिनको दंत चिकित्सकों के पास जाना अच्छा ही नहीं लगता। पुराने ज़माने से ही लोग दांतों डाक्टरों के डाक्टरों के पास जाने से कतराते थे और दातों या मुंह से संबन्धित बीमारियों के इलाज को वे बहुत तकलीफ़देह मानते थे। हालांकि इन्सान किसी डेंटिस्ट के पास जाने से कितना भी बचे लेकिन दातों से संबन्धित बीमारी हो जाने पर उसे इसका इलाज कराना ही पड़ता है। वर्तमान समय में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आने वाली क्रांति के कारण दंत चिकित्सा के क्षेत्र में भी पहले की तुलना में बहुत बदलाव हुआ है। इस बदलाव के कारण अब दांत के इलाज में उतनी परेशानी और दर्द नहीं रहा जितना पहले होता था। अतः एसे में अब निःसंकोच, दातों का इलाज कराने के लिए डेन्टिस्ट के पास जाया जा सकता है और वर्तमान सुविधाओं से लाभ उठाते हुए अपनी बीमारी को समाप्त किया जा सकता है।
वैसे तो बीमारियों के इलाज में पैसा लगता ही है किंतु दांतों से संबन्धित बीमारियों में अन्य बीमारियों की तुलना में अधिक पैसा ख़र्च होता है। शरीर के किसी भी अन्य भाग की ही भांति दांतों की रक्षा और उनसे संबन्धित बीमारियों का उपचार ज़रूरी है। दांतों की बीमारी के कारण शरीर के भीतर किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन हो सकता है। बाद में यह इन्फेक्शन, शरीर के दूसरे भागों में भी फैल सकता है। यह मुश्किल इतनी बढ़ सकती है कि बाद में मरीज़ को आईसीयू में भर्ती कराने की नौबत आ जाती है। एसे में यह कहा जा सकता है कि दातों और मसूड़ों से संबन्धित बीमारियों को गंभीरता से लेते हुए इन्सान को दांतों के डाक्टरों के पास अवश्य जाना चाहिए।
डेंटिस्टटों की अन्तर्राष्ट्रीय फेडरेशन एफडीआई का मानना है कि दांतों और मसूड़ों की देखभाल और उनका उपचार विश्व के सभी लोगों का मूल अधिकार है। दांतों और मसूड़ों के इलाज में बीमार की स्थिति और उसके इलाज में होने वाली प्रगति को विशेष महत्व प्राप्त है। दांतों के मरीज़ को कभी-कभी शारीरिक समस्या के साथ ही मानसिक समस्या का सामना करना पड़ता है एसे में उसका शारीरिक और मानसिक दोनो दृष्टि से उपचार किया जाना चाहिए। दंत चिकित्सकों या डेंटिस्टटों की अन्तर्राष्ट्रीय फेडरेशन एफडीआई के अनुसार दांतों और मसूड़ों से संबन्धित बीमारियों में सामाजिक वातावरण, सफाई-सुथराई, अनुवांशिक कारण और इसी प्रकार के कई कारक हैं जिनपर ध्यान देकर इन बीमारियों से मुक्ति पाई जा सकती है। दांत के डाक्टरों का कहना है कि दांतों और मसूड़ों की बीमारियों के उपचार में आयु, आय, सांसकृतिक वातावरण, जागरूकता, अनुभव और सहनशीलता जैसी बातों की बहुत प्रभावी भूमिका है।
मेडिकल टूरिज़्म या स्वास्थ्य पर्यटन के अन्तर्गत “डेंटल टूरिज़्म” भी आता है जिसे “डेंटल वोकेशन” भी कहा जाता है। डेंटल टूरिज़्म के अन्तर्गत इंसान अपने दांतों या मसूड़ों के अच्छे और विश्वसनीय इलाज के लिए विदेश की यात्रा करता है। मेडिकल टूरिज़्म में जो बात इंसान को विदेश जाने के लिए प्रेरित करती है उसमें सर्वोपरि विषय, इलाज का सस्ता होना भी है। इन्सान यह सोचते हुए किसी देश की यात्रा पर इलाज के लिए निकलता है कि वहां पर उसकी बीमारी का उपचार सस्ता और उचित ढंग से किया जाएगा। वर्तमान समय में विकसित देशों में दांतों के इलाज के उद्देश्य से डेंटल टूरिज़्म, एक आम सी बात है। इस समय कुछ विकासशील देशों में भी लोग डेंटल टूरिज़्म के लिए जाते हैं क्योंकि उन देशों में अच्छे ढंग से तुल्नात्मक रूप में कम ख़र्च से दांतों का इलाज किय जाता है।
बहुत से लोग डेंटल टूरिज़्म के अन्तर्गत इलाज कराने के लिए दूसरे देशों की यात्राएं इसलिए करते हैं क्योंकि उनके देश में यह इलाज बहुत मंहगा होता है। इससे एक लाभ यह भी होता है कि अपने इलाज के लिए विदेश जाने वाला व्यक्ति इलाज के ही ख़र्च में एक देश का भ्रमण भी कर सकता है और वहां की सांस्कृतिक, प्राकृतिक और एतिहासिक धरोहरों से लभान्वित हो सकता है। अमरीका में लाखों लोग एसे हैं जो बीमे के द्वारा दांतों का इलाज नहीं करा सकते और बीमें से अलग हटकर दांतों का इलाज बहुत मंहगा होता है। एसे अमरीकी दांतों और मसूड़ों के उपचार के लिए विदेश की यात्रा पर जाते हैं। कहते हैं कि कहीं-कहीं पर तो उन्हें अमरीका के मुक़बाले में 70 प्रतिशत कम पैसा ख़र्च करना पड़ता है। यही कारण है कि लाखों अमरीकी प्रतिवर्ष दांतों के इलाज के लिए अमरीका के बाहर जाते हैं।
इस बात को सभी जानते हैं कि मनुष्य के व्यक्तित्व में उसके दांतों की बहुत महत्वूपर्ण भूमिका होती है। एसे में दांतों के प्रति जागरूकता बहुत ज़रूरी है। एक अच्छा डेंटिस्ट वह होता है जो बीमार की स्थिति को देखते हुए आधुनिक तकनीक के माध्यम से इस प्रकार से इलाज करे कि मरीज़ की मुश्किल ख़त्म हो जाए।
वर्तमान समय में ईरान, डेन्टल टूरिज़्म का केन्द्र बनता जा रहा है। यहां पर दक्ष डाक्टरों के अतिरिक्त आधुनिक तकनीक से सुसज्जित डेंटल क्लीनिक मौजूद हैं। हालिया वर्षों में बहुत से लोग दातों के इलाज के उद्देश्य से ईरान आए हैं। फ़ार्स की खाड़ी के बहुत से देशों के मरीज़, उपचार के लिए ईरान आते हैं। ईरान ने दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
दांतों और मसूड़ों के इलाज का दायरा बहुत बड़ा है। इसके अन्तर्गत बहुत सी बातों को दृष्टिगत रखा जाता है। यही कारण है कि दांतों और मसूड़ों के इलाज में केवल दवाओं पर ही भरोसा नहीं किया जाता बल्कि इसमे शल्य चिकित्सा या आपरेशन भी किया जाता है। इसके लिए डाक्टर का अनुभवी होना और आधुनिक तकनीक पर आधारित डेंटल क्लीनिक का होना बहुत ज़रूरी है।
ईरान में इस समय लगभग तीस हज़ार डेंटिजस्ट प्रेक्टिस करते हैं। ईरान में अनुभवी दंत चिकित्सकों तथा आधुनिक तकनीक पर आधारित डेंटल क्लीनिकों की मौजूदगी के कारण पड़ोसी देशों के बहुत से बीमार, पाबंदी से ईरान आकर अपना इलाज कराते हैं। उनका मानना है कि ईरान में दांतों का इलाज काफी सस्ता है। ईरान में राजधानी तेहरान के अतिरिक्त मशहद और इस्फ़हान एसे नगर हैं जहां पर अच्छे डेंटिस्ट और क्लीनिक पाए जाते हैं। जो लोग विदेश से ईरान में दांतों के इलाज के लिए आए उनका कहना है कि यहां पर सस्ते इलाज के साथ ही मरीज़ को दी जाने वाली सेवाएं और सुविधाएं प्रशंसनीय हैं जो विकसित देशों की तुलना में बहुत ही सस्ती हैं। ईरान में दांतों के मरीज़ो को दी जाने वाली सुविधाएं कई आयामों से फ़्रांस, इटली, जर्मनी, स्कैनडीनेवियन देशों तथा मलेशिया और दक्षिणी कोरिया में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं से कहीं बेहतर हैं।
स्वास्थ्य पर्यटन के अन्तर्गत ईरान आने के लिए इंटरनेट के माध्मय से सहायता ली जा सकती है। एसी बहुत सी वेबसाइटें हैं जो ईरान में उपचार के बारे में जानकारियां उपलब्ध कराती हैं। इनके माध्यम से ईरान में ठहरने, उपचार के ख़र्च और इससे संबन्धित बहुत सी जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं। जानकारी उपब्ल कराने वाली महत्वपूर्व वेबसाइट हैः medicaltourismusc.ir/en
इस वेबसाइट पर ईरान के भीतर इलाज से संबन्धित सारी बातों का उल्लेख मिलता है जैसे ठहरने का ख़र्च, अस्पतालों की सूचि, अस्पतालों की ओर से दी जाने वाली छूट, डाक्टरों का ब्योरा और इसी प्रकार की दूसरी बहुत सी जानकारियां।