Jan १३, २०१८ १७:२७ Asia/Kolkata

संयुक्त राष्ट्रसंघ के खादय एवं कृषि संगठन फाओ के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि संसार में कृषि के बड़े उत्पादक देशों में एक ईरान भी है।

ईरान, खाद्य पदार्थों से संबन्धित अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ ही दूसरे देशों, विशेषकर फ़ार्स की खाड़ी के देशों की आवश्यकताओं की पूर्ति बहुत आसानी से कर सकता है।  ईरान कुछ एसे कृषि उत्पादों का स्वामी है जो केवल उसी से विशेष हैं।

कृषि क्षेत्रों को विकसित करना और देश की जनता के लिए खाद्य पदार्थों की आपूर्ति जैसी बातें सदैव से सरकारों का सिरदर्द रही हैं।  कृषि के क्षेत्र को हर देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग माना जाता है।  अब जबकि संसार की जनसंख्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है एसे में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति का विषय अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।  संयुक्त राष्ट्रसंघ के आंकड़ों के अनुसार अगले चार दशकों में विश्व की जनसंख्या लगभग 9 अरब हो जाएगी जो वर्तमान समय में लगभग 7 अरब है।  जहां एक ओर विश्व की जनसंख्या बढ़ रही है वहीं कृषि के संसाधन सिकुड़ते जा रहे हैं।  इसके अतिरिक्त जलवायु परिवर्तन, वैश्विक तापमान में तेज़ी से हो रही वृद्धि और इस जैसे अन्य कारकों के कारण कृषि के उत्पादों की पैदावार प्रभावित होकर कम हो रही है।

 

इन्हीं बातों के साथ एक अन्य विषय, कृषि के उत्पादों की कमी का कारण बन रहा है और वह है ग्रामीण जनसंख्या में होने वाली कमी।  वर्तमान समय में पूरे संसार में गावों की आबादी घटती जा रही है।  आंकड़ों से पता चलता है कि पूरे संसार में गांव में रहने वाले लोग विभिन्न कारणों से शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं।  यह प्रक्रिया विकासशील देशों में अधिक है।  संसार के विकासशील देशों में ही ग्रामीण जनसंख्या अधिक है।  एसे में गांवों से शहरों की ओर पलायन की प्रक्रिया, खेती-बाड़ी को बहुत प्रभावित कर रही है।  विकासशील देशों में कृषि को इसलिए भी महत्व प्राप्त है क्योंकि वहां की अधिकांश जनता कृषि पर निर्भर है जबकि विकसित देशों में कृषि को केवल अर्थव्यवस्था के कारकों में से एक कारक की दृष्टि से देखा जाता है।

कृषि को मानवजाति की सबसे पुरानी आर्थिक गतिविधि माना जाता है।  इसका इतिहास बहुत पुराना है।  तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या के लिए खाद्य पदार्थों को सुनिश्चित बनाने, कृषि उपकरणों का आयात, अपनी कृषि पैदावार के निर्यात को बढ़ाना, कृषि के लिए पूंजी निवेश को आकर्षित करना और इसी प्रकार की बहुत सी बातों पर ध्यान रखकर ही कृषि के क्षेत्र में विकास किया जा सकता है।  विशेषज्ञों का कहना है कि कृषि क्षेत्र के महत्व के दृष्टिगत यह देशों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।  यही कारण है कि देशों के आर्थिक विकास कार्यक्रमों में कृषि को विशेष महत्व दिया गया है।

फाओ के अनुसार पूरे संसार में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कृषि के 66 उत्पादों के आधार पर लेनदेन होता है।  इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि कृषि के क्षेत्र में पूरी दुनिया में केवल 66 प्रकार के ही उत्पाद ही पाए जाते हैं बल्कि मूल रूप से 66 प्रकार के उत्पादों का अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर आयात-निर्यात किया जाता है।

कृषि के क्षेत्र में सक्रिय देशों में से एक ईरान भी है।  ईरान में कृषि को विशेष महत्व प्राप्त है।  ईरान की एक तिहाई से अधिक की भूमि उपजाऊ है।  फाओ के अनुसार ईरान, विश्व की गणना विश्व के मुख्य कृषि उत्पादक देशों में होती है।  यह देश अपनी आवश्यकता की पूर्ति के अतिरिक्त अन्य देशों की कृषि की आवश्यकता की पूर्ति करने में सक्षम है।  विश्व के सात उन देशों में जो कृषि के मुख्य उत्पादनकर्ता हैं, एक  ईरान है।  कृषि उत्पादों के निर्यात की दृष्टि से ईरान विश्व के अग्रणी देशों में गिना जाता है।  ईरान के कृषि उत्पादों के ख़रीदार देशों में भारत, इराक़, अफ़ग़ानिस्तान, रूस, संयुक्त अरब इमारात, तुर्की, पाकिस्तान, स्पेन, चीन, हांगकांग और क़ज़्ज़ाक़िस्तान सर्वोपरि हैं।

 

ज़ाफ़रान या केसर और पिस्ता, एसे कृषि उत्पाद हैं जिनमें ईरान दुनिया में सबसे आगे है।  खज़ूर और ख़ूबानी के निर्यात में ईरान संसार मे दूसरे नंबर पर है।  बादाम और कुछ सूखे मेवों के अतिरिक्त चेरी, तरबूज़ और खीरे के उत्पाद में ईरान तीसरे नंबर पर आता है।  सेब, , अंजीर, आड़ू नीबू, प्याज़, टमाटर, हज़ेलनट, पुर्तग़ाल पल्म, कीवी, शहद, चाय, बैगन, आलू, जौ, सोयाबीन और इसी प्रकार के 29 कृषि उत्पादों में ईरान, विश्व के बीस देशों की श्रेणी में आता है।  भारत सहित विश्व के बहुत से देश ईरानी खजूर के बहुत बड़े ख़रीदार हैं।  इराक़ में ईरानी ख़रबूज़े की खपत बहुत है जिससे ईरान को विदेशी मुद्रा बड़ी मात्रा में मिलती है।  दक्षिणी कोरिया में ईरानी अनार को आयात करके विशेष प्रकार की पैकिंग के रूप में बदला जाता है फिर इसी अनार को बहुत उंचे दामों पर बेचा जाता है।  इसके अतिरिक्त ईरान में व्यापक स्तर पर चावल, सूरजमुखी के बीज, गोश्त और दूध का उत्पाद किया जाता है।  इन बातों से पता चलता है कि ईरान, कृषि के क्षेत्र में बहुत अधिक काम कर रहा है।

आधुनिक युग में विश्व की मंडियों में अपने उत्पादों को पहुंचाने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय मानपदंडों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है।  इन अन्तर्राष्ट्रीय मादंडों में बहुत सी बातें दृष्टिगत रखी जाती हैं जैसे निर्यात करने वाले देश की आर्थिक स्थिरता, वहां की राजनैतिक स्थिति और वहां के बाज़ार की स्थिति आदि जैसी कई बातें।  आज की दुनिया में अपने उत्पादों विशेषकर कृषि उत्पादों को निर्यात करने में वहीं सफल हो पाएगा जो निर्यात किये जाने वाले देश या देशों की व्यापारिक नीति, वहां के स्थानीय उत्पादकों के माल की क्वालिटी, प्रतिस्पर्धियों की स्थिति और मूल्यों के निर्धारण जैसी बातों से भलिभांति अवगत हो।

 

किसी भी प्रकार के उत्पादों को दूसरों तक पहुंचाने का एक मार्ग यह है कि उन उत्पादों से संबन्धित प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाए या उनमें भाग लिया जाए।  कृषि के उत्पादों को दूसरों तक पहुंचाने के लिए भी इसी नीति को अपनाया जाना चाहिए।  कृषि प्रदर्शनियों के आयोजन का वैश्विक इतिहास लगभग 3500 वर्ष पुराना है किंतु वर्तमान समय मे जिस प्रकार की प्रदर्शनियां लग रही हैं उनका संबन्ध, 19वीं शताब्दी के मध्य से है।  इस प्रकार की प्रदर्शनियों का आरंभ औद्योगिक देशों से हुआ था जो आज पूरे संसार में फैल चुकी हैं।  विभिन्न देश अपने कृषि उत्पादों को पहचनवाने या कृषि के क्षेत्र में की जाने वाली प्रगति से लोगों को अवगत कराने के लिए अपने यहां कृषि प्रदर्शनियों का आयोजन करवाते हैं।

ईरान में भी अपने कृषि उत्पादों को पहचनवाने के उद्देश्य से प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है जिनमें कृषि उत्पादों के साथ ही इस क्षेत्र में प्राप्त की जाने वाली नई-नई उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाता है।  इसके अतिरिक्त इस प्रकार की प्रदर्शनियों में कृषि में प्रयोग किये जाने वाले आधुनिक उपकरण, पैकिंग उद्योग की उपयोगिता, अनुभवों का आदान-प्रदान, कृषि क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियां और प्रदर्शनी में भाग लेने वालों और व्यापारिक कंपनियों के बीच व्यापारिक लेनेदेन करने के लिए प्रोत्साहित करने आदि जैसी बातों पर ध्यान दिया जाता है।  ईरान में कृषि के क्षेत्र में अपने उत्पाद पैदा करने वाले लोग या कंपनियां, विश्व के देशों में आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों में भाग लेकर ईरानी उत्पादों को दूसरे देशों तक पहुंचाने के प्रयास करते हैं।

हालिया कुछ समय के दौरान ईरान में कृषि से संबन्धित कई अन्तर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया जिनमें तेहरान में आयोजित होने वाली Iran Green Trade Fair और  Agrofood का नाम लिया जा सकता है।  अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की इन प्रदर्शनियों में 37 से अधिक देशों की 1500 कंपनियों ने भाग लिया।  तेहरान में आयोजित इन प्रदर्शनियों में कृषि क्षेत्र के नए-नए उत्पादों और आधुनिक कृषि उपकरणों को प्रदर्शित किया गया।  इसके अतिरिक्त 31 अक्तूबर से 3 नवंबर तक तेहरान में “ईरान एक्सपो” नामकी एक अन्य अन्तर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी आयोजित की गई।  इसमें कृषि उत्पाद करने वाली कंपनियों के अतिरिक्त नालिज बेस्ड कंपनियों ने भी भाग लिया।  इसमे ईरान की निर्यात क्षमता को प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया।