Jan २९, २०१८ १८:५३ Asia/Kolkata

बाग़ों में पैदा होने वाले फल, खेती-बाड़ी के उत्पादों के अहम आधारों में से एक हैं और पौष्टिकता व निर्यात की दृष्टि से उनका काफ़ी महत्व है।

ये उत्पाद, स्थायी वनस्पतियों के पोषण से प्राप्त होते हैं। यह वह वनस्पतियां हैं जिनका तना प्रायः लकड़ी का होता है और फल तोड़े जाने के बाद पूरी वनस्पति या उसका कुछ भाग ज़मीन पर बाक़ी रह जाता है और अगले साल फिर फल देता है। इनमें नारंगी, पीच या आड़ू, अंगूर, सेब, अनार और ख़ूबानी के पेड़ों या बेलों की ओर इशारा किया जा सकता है।

 

बाग़ में पैदा होने वाले फलों व उत्पादों को उनकी पैदावार के हालात और मौसम की दृष्टि से गर्म, अर्ध गर्म, संतुलित और ठंडे क्षेत्रों जैसे गुटों में बांटा जा सकता है। पिस्ता, चाय, केला, अनार, अंजीर, ज़ैतून, खजूर, नारंगी, ग्रेप फ़्रूट, मीठा व खट्टा नींबू, आम और कीवी जैसे उत्पाद गर्म (अर्थात गर्म व आर्द्र) व अर्ध गर्म (अर्थात गर्म व अर्धाद्र से लेकर गर्म व शुष्क) क्षेत्रों में पैदा होते हैं। जो क्षेत्र जलवायु की दृष्टि से संतुलित, ठंडे और पर्वतीय होते हैं वहां सेब, नाशपाती, श्रीफल, बेर, आड़ू, ख़ूबानी, शहतूत, अख़रोट, बादाम, हेज़लनेट और ख़ुरमालू जैसे फल पैदा होते हैं।

ईरान की विशेष जलवायु और विभिन्न क्षेत्रों की अलग अलग जलवायु के कारण इस देश के अधिकतर क्षेत्रों में ठंडे, संतुलित और गर्म क्षेत्रों के बागों में पैदा होने वाले फलों की पैदावार की संभावना पूरी तरह से मौजूद है। दूसरे शब्दों में ईरान में जलवायु की विविधता जैसे ईरान के केंद्रीय मरुस्थल के निकट स्थित अधिकतर गर्म व शुष्क प्रांतों में संतुलित पर्वतीय जलवायु इस बात का कारण बनी है कि देश के अधिकांश क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बाग़ वाले फल व उत्पाद पैदा हों।

ईरान में बाग़ वाले फलों की विविधता पूरे संसार में बेजोड़ है। बाग़ वाले उत्पादों की विविधता की दृष्टि से ईरान संसार में तीसरे नंबर पर है। दुनिया में पाए जाने वाले बाग़ के 25 उत्पादों में से 15 ईरान में पैदा होते हैं। पिस्ता, खजूर, अंजीर, सेब, ज़ैतून, अंगूर, अनार और चेरी जैसे बाग़ के फलों की पैदावार में ईरान की कृषि का संसार में विशेष स्थान है। इसके अलावा हालिया दशकों में पौधशाला उत्पादों में ध्यान योग्य वृद्धि के कारण खीरा, टमाटर, बैगन, लोबिया और कद्दू ऐसे उत्पाद हैं जो ईरान में अधिक पैदा हो रहे हैं और निर्यात किए जाने वाले उत्पादों में शामिल हो गए हैं।

 

ईरान के बाग़ वाले उत्पादों की एक अन्य विशेषता यह है कि उन्हें साल के अधिकतर मौसमों में उगाया जा सकता है। ईरान में कृषि के लिए लगभग पौने चार करोड़ हेक्टेयर उपजाऊ भूमि होने और संसार में पाई जाने वाली 13 प्रकार की जलवायु में से 11 तरह की जलवायु होने के कारण इस देश में बाग़ के विभिन्न फलों की पैदावार की उच्च क्षमता पाई जाती है। यही कारण है कि ईरान के सभी प्रांतों में कृषि का एक अहम क्षेत्र, बाग़ वाले फल उगाने पर आधारित है। ईरान के पचास प्रतिशत से अधिक बाग़ किरमान, फ़ार्स, ख़ुरासाने रज़वी, पश्चिमी आज़रबाइजान, पूर्वी आज़रबाइजान, माज़न्दरान और क़ज़वीन जैसे प्रांतों में स्थित हैं।

ईरान में बाग़ वाले फलों की पैदावार की उचित स्थिति के साथ ही उसके आस-पास के देशों में उपभोग मंडियों के अस्तित्व के चलते बहुत से विदेशी पूंजी निवेशक ईरान के इस क्षेत्र में पूंजी निवेश के इच्छुक हैं। इस संबंध में ईरान व कुछ इतालवी कंपिनयों के बीच सहयोग की ओर इशारा किया जा सकता है। इनके बीच टैक्सको के नाम से एक समझौता हुआ है जिसके अंतर्गत फ़ार्स, ख़ूज़िस्तान, लुरिस्तान और कुर्दिस्तान प्रांतों में उगने वाले फलों और सब्ज़ियों की पैदावार, पैकिंग और निर्यात में दोनों पक्ष एक दूसरे से सहयोग करेंगे।

ईरान में बाग़ वाले फलों में से एक अंगूर है। यह एक मीठा और स्वादिष्ट फल है जो गुच्छे के रूप में पैदा होता है। अत्यंत पौष्टिक होने के कारण अंगूर का महत्व काफ़ी अधिक है। इसे ताज़ा भी खाया जाता है, सुखा कर किशमिश और मुनक़्क़े के रूप में भी खाया जाता है। अंगूर का मुरब्बा और शीरा भी बनता है और इसके बीज से तेल भी निकाला जाता है। इस प्रकार यह फल देश की अर्थ व्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा एथानोल और एन्थोसियानिन (anthocyanins) जैसे तत्व भी अंगूर से ही तैयार होते हैं जो औद्योगिक क्षेत्र में काम आते हैं।

ईरान में अंगूर की पैदावार चार हज़ार वर्ष से अधिक पुरानी है। इस आधार पर ईरान के लोग काफ़ी पहले से अंगूर की पैदावार की शैलियों से अवगत हैं और आज उत्तरी ईरान के ठंडे इलाक़ों से लेकर मरुस्थलीय क्षेत्रों और दक्षिणी ईरान के गर्म क्षेत्रों तक में अंगूर की पैदावार होती है। ईरान की खेतीहर ज़मीन में से तीन लाख हेक्टेयर से अधिक ज़मीन विभिन्न प्रकार के अंगूरों के बाग़ों से विशेष हैं। ख़ुरासान, क़ज़वीन, पूर्वी और पश्चिमी आज़रबाइजान ईरान में अंगूर पैदा करने वाले सबसे अहम प्रांत समझे जाते हैं।

 

अंगूर विभिन्न विशेषताओं वाला एक पौष्टिक फल है। इसमें विटामिन ए, बी, सी, मेंग्नीज़ियम, केलशियम, लौह और फ़ास्फ़ोरस जैसे खनिज पदार्थ होते हैं। अंगूर में बड़ी मात्रा में पोटेशियम होता है जो शरीर की कमज़ोरी की भरपाई में मदद करता है और मानसिक रोगों के उपचार में सहायक है। अंगूर में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व, खाने को पचाने और उसे अमाशय में अवशोषित करने में काफ़ी सहायता करते हैं। यह हृदय, फेफड़े और गुर्दे के लिए लाभदायक है। अंगूर इसी तरह से बदहज़्मी, टीबी, पथरी और हड्डियों की बीमारी के उपचार में भी सहायक है।

अंगूर खाने के बाद बड़ी मात्रा में पित्त निकलता है जो पाचन क्रिया को गति प्रदान करता है। इसमें पाए जाने वाले फ़ाइबर कैंसर और असाधारण सेल्ज़ को रोकते हैं। यह फल विभिन्न प्रकार के लवणों के कारण अमाशय और मूत्राशय को सक्रिय करता है। इसी तरह अंगूर रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है, ख़ून को साफ़ करता है और ख़ून पैदा करने वाले फल के रूप में जाना जाता है। अंगूर का रस हृदय को मज़बूत बनाता है और उच्च रक्तचाप के कारण हृदय को पहुंचने वाले नुक़सानों को रोकता है। अंगूर दुबले और मोटे दोनों तरह के लोगों के लिए लाभदायक है। इस संबंध में कहा जाता है कि अगर सुबह से दोपहर तक कुछ भी खाए बिना सिर्फ़ अंगूर खाया जाए तो यह शरीर को दुबला करता है लेकिन अगर इसे खाने के साथ खाया जाए तो मोटा करता है।

पकने के बाद सुखाया हुआ अंगूर या किशमिश, अंगूर का एक अहम रूप है। यह सूखा फल अपने पहले रूप यानी अंगूर की तरह ही विभिन्न विशेषताओं का स्वामी है। किशमिश को अंगूर के प्रकार और उसे सुखाने की परिस्थितियों के आधार पर नाम देकर बाज़ार में भेजा जाता है। जैसे हरी किशमिश, पीली किशमिश और मुनक़्क़ा इत्यादि। ईरान, संसार में किशमिश निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है।

ईरान के केंद्र में स्थित क़ज़वीन प्रांत इस देश में किशमिश की पैदावार का मुख्य केंद्र है और इस प्रांत में पैदा होने वाली किशमिश का 80 प्रतिशत भाग निर्यात किया जाता है। मलायर और काशमर जैसे ईरान के कुछ शहरों में पैदा होने वाली किशमिश विश्व विख्यात है। मलायर की किशमिश अपने रंग की दृष्टि से पूरी दुनिया में मशहूर है। कहा जाता है कि कुछ देश मलायर का नाम दर्ज करके अपने उत्पादों का प्रचार करते हैं। इसी तरह से तुर्की ईरान के इस सूखे और पौष्टिक फल को अपने नाम से अंतर्राष्ट्रीय मंडियों में पहुंचाता है। आज ईरान का यह उत्पाद संयुक्त अरब इमारात, तुर्की, पाकिस्तान, आज़रबाइजान, क़ज़ाक़िस्तान, यूक्रेन, पोलैंड, रोमानिया, हंग्री, रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, हालैंड, स्पेन, मिस्र, अलजीरिया, कनाडा और मोरोको जैसे देशों को निर्यात किया जाता है।