गुरुवार- 2 अप्रैल
2 अप्रैल सन 1765 ईसवी को रूस के कवि और साहित्यकार मीख़ाईल लामानोसोव का निधन हुआ।
वे सन 1711 ईसवी में जन्मे थे और उन्होंने बचपन तथा जवानी बहुत कठिनाई में बिताया किंतु फिर भी अपनी शिक्षा जारी रखी और अंतत: शिक्षक बन गये। साथ ही उन्होंने रूसी साहित्य का अध्ययन जारी रखा। रूसी साहित्य की अत्याधिक सेवा के कारण उन्हें इस साहित्य का जनक कहा जाता है।
- 2 अप्रैल सन् 1559 में इटली के जेनोआ क्षेत्र से यहूदियों को निकाला गया।
- 2 अप्रैल सन् 1679 में मुग़ल शासक अकबर ने “जज़िया कर” समाप्त किया।
- 2 अप्रैल सन् 1849 में ब्रिटिश पंजाब की स्थापना हुई।
- 2 अप्रैल सन् 1902 में लॉसएंजिल्स में पहला मोशन पिक्चर थियेटर खुला।
- 2 अप्रैल सन् 1905 में मिस्र की राजधानी क़ाहिरा और दक्षिण अफ्रीक़ा के केपटाउन शहर के बीच रेल यातायात शुरू हुआ।
- 2 अप्रैल सन् 1921 में प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने नए सापेक्षता के सिद्धांत विषय पर न्यूयार्क शहर में व्याख्यान दिया।
- 2 अप्रैल सन् 1942 में कांग्रेस ने क्रिप्स मिशन के प्रस्ताव को ख़ारिज किया।
- 2 अप्रैल सन् 1945 में सोवियत संघ और ब्राज़ील के बीच राजनयिक संबंध बहाल हुए।
- 2 अप्रैल सन् 1984 में अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा मिशन सोयूज टी-11 के तहत अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने।
- 2 अप्रैल सन् 1997 में सुमिता सिन्हा ने अपने ऊपर से 3200 किलोग्राम भार के ट्रक को पार करने की अनुमति देकर रिकार्ड स्थापित किया।
- 2 अप्रैल सन् 1999 में मास्को में स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रकुल (सीआईएस) की शिखर बैठक सम्पन्न हुई थी।
- 2 अप्रैल सन् 2001 में नेपाल में माओवादी विद्रोहियों द्वारा 37 पुलिस अधिकारियों की हत्या।
- 2 अप्रैल सन् 2007 में सोलोमन द्वीप में शक्तिशाली सुनामी आयी।
- 2 अप्रैल सन् 2011 में भारत ने 1983 में पहले वर्ल्ड कप जीतने के बाद आज ही के दिन दूसरी बार वर्ल्ड कप जीता था।
- 2 अप्रैल सन् 2013 में पाकिस्तान के पेशावर में बिजली संयंत्र पर हुए हमले में सात लोग मारे गए।
- 2 अप्रैल सन् 2013 में बर्मा के यांगून में एक मस्जिद के अंदर लगी भीषण आग में तक़रीबन 13 बच्चों की मौत हो गई।
- 2 अप्रैल सन् 2017 में अमरीकी गायक और गीतकार बॉब डिलन ने साहित्य के लिए प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार स्वीकार कर लिया।
2 अप्रैल सन 1805 ईसवी को बच्चों की कहानियां लिखने के लिए विख्यात लेखक और कवि क्रिस्टन ऐंडरसन का डेनमार्क में जन्म हुआ। वे एक मोची के पुत्र थे। उन्होंने पहले तो ड्रामे में काम किया फिर कहानियां लिखने लगे सन 1835 में उन्होंने अपनी पहली कहानी प्रकाशित की। जिसके बाद वे प्रसिद्ध होते गये। वे हर वर्ष एक कहानी लिखते थे। बच्चों के लिए कहानियां लिखने में उन्हें विशेष दक्षता प्राप्त थी। ऐंडरसन के जन्म दिन को विश्व में बाल पुस्तक दिवस के रुप में मनाया जाता है।

2 अप्रैल वर्ष 1917 ईसवी को फ़्रांस और ब्रिटेन का समर्थन करते हुए अमरीका भी प्रथम विश्व युद्ध में कूद पड़ा। उस समय युद्ध का तीसरा वर्ष था। जर्मन युद्धपोतों के आक्रमण के परिणाम स्वरूप अमरीका के कुछ व्यापारिक समुद्री जहाज़ों के डूब जाने के बहाने अमरीका ने प्रथम विश्व युद्ध में भाग लिया। युद्ध के लिए अमरीका की तत्परता के बाद इस संबंध में घटक देशों के मध्य एक समझौता हुआ। अमरीकी सेनेट और संसद ने इसको पारित कर दिया और तत्कालीन राष्ट्रपति ने भी युद्ध में भाग लेने के इस समझौते पर हस्ताक्षर कर दिये। उन्होंने 6 अप्रैल वर्ष 1917 ईसवी को औपचारिक रूप से घोषणा की कि अमरीकी सेना, जर्मन सेना के विरुद्ध युद्ध आरंभ करेगी। प्रथम विश्व युद्ध में अमरीका के भाग लेने के कारण घटक देशों को महत्त्वपूर्ण सफलताएं मिली।

2 अप्रैल वर्ष 1982 ईसवी को अर्जेन्टाइना की नौसेना ने फ़ाकलैंड या मालवीनास द्वीप पर आक्रमण करके छापामारों के प्रभाव वाले इस द्वीप पर क़ब्ज़ा कर लिया। यह द्वीप दक्षिण पूर्वी अर्जेन्टाइना में स्थित है और इसको स्थानीय लोग मालवीनास के नाम से जानते हैं। इस द्वीप का पता सोलहवीं शताब्दी में लगाया गया था और वर्ष 1832 ईसवी में इस पर ब्रिटेन ने क़ब्ज़ा कर लिया था। इसके बावजूद अर्जेन्टाइना इसे अपना भाग समझता रहा। फ़ाकलैंड द्वीप पर अर्जेन्टाइना के क़ब्ज़े के कुछ दिनों बाद ब्रिटेन की नौसेना ने आक्रम किया और अर्जेन्टाइना की सेना को पराजित करने के बाद इस पर पुनः क़ब्ज़ा कर लिया। वर्तमान समय में इस द्वीप पर अर्जेन्टाइना का दावा निरंतर जारी है और वह इसे प्राप्त करने के लिए ब्रिटेन के साथ वार्ता कर रहा है।

2 अप्रैल वर्ष 1840 ईसवी को प्रसिद्ध फ़्रांसीसी उपन्यासकार ईमेल ज़ोला पेरिस में जन्मे। उनका बचपन बहुत ही निर्धनता में बीता। सन 1862 में उन्होंने पुस्तकों की एक दुकान पर नौकरी कर ली। 1864 में उनका पहला उपन्यास प्रकाशित हुआ किन्तु उसे ख्याति नहीं मिल सकी। 1865 में ईमेल ज़ोला ने नौकरी छोड़कर अपना ध्यान उपन्यास लिखने पर केन्द्रित कर दिया और विभिन्न उपन्यास और छोटी कहानियां लिखीं। वे स्वयं चूंकि निर्धनता का स्वाद चख चुके थे इसलिए उनके उपन्यासों में निर्धनता का बहुत ही अच्छे ढंग से चित्रण मिलता है। उनका सबसे प्रसिद्ध उपन्यास प्रकृतिवाद था जो वर्ष 1888 में प्रकाशित हुआ। उनका देहान्त 29 दिसम्बर वर्ष 1902 ईसवी को हुआ।
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8 शाबान 561 हिजरी क़मरी को छठी शताब्दी हिजरी क़मरी के मुसलमान मुहद्दिस, वनस्पति विशेषज्ञ और औषधि निर्माता इब्ने रोमियह का जन्म हुआ। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद अपने काल के प्रमुख धर्मगुरुओं और मुहद्दीसों से हदीस के ज्ञान के बारे में शिक्षा प्राप्त की। इसी के साथ साथ वे वनस्पति विज्ञान में अनुसंधान भी करते रहे। आरंभ में उन्होंने एंडूलूशिया में वनस्पतियों की विशेषताओं की पहचान व शोध की और फिर इसी संबंध में अफ्रीक़ा, मिस्र, इराक़ और हेजाज़ सहित विभिन्न देशों की यात्रा की। इब्ने रोमियह इसी बीच हदीस का ज्ञान भी प्राप्त करते रहे। उन्होंने वनस्पति विज्ञान, फ़िक़्ह अर्थात धर्मशास्त्र और हदीस के विषय पर कई किताबें लिखी हैं।